Social Media Ban: स्पेन-ग्रीस भी बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सख्त, लग सकता है ऑस्ट्रेलिया जैसा बैन
Europe Social Media Regulation: सोशल मीडिया को लेकर दुनियाभर में देशों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन के ऐतिहासिक फैसले के बाद फ्रांस ने भी इस दिशा में ठोस कदम बढ़ाए हैं। इसी कड़ी में अब स्पेन और ग्रीस की सरकारें भी नए कानूनों पर विचार कर रही हैं, जो किशोरों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच को पूरी तरह ब्लॉक कर देंगे।
विस्तार
ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर प्रतिबंध लगने और फ्रांस के कड़े कदमों के बाद, अब स्पेन और ग्रीस भी इस कतार में शामिल हो रहे हैं। ये देश नाबालिगों के मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए 'एज-वेरिफिकेशन' और 'एक्सेस ब्लॉक' जैसे कड़े कानूनी प्रावधान ला रहे हैं।
सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंताएं अब कानूनों में बदल रही हैं। बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य, ऑनलाइन सुरक्षा और बढ़ते स्क्रीन टाइम को देखते हुए सरकारें अब सख्त कदम उठाने लगी हैं। अब स्पेन और ग्रीस की सरकारें भी युवाओं के सोशल मीडिया इस्तेमाल को सीमित करने के लिए नए कानूनों पर गंभीरता से विचार कर रही हैं।
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स्पेन और ग्रीस में क्या प्रस्तावित है नया नियम
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने घोषणा की है कि सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है। वहीं, ग्रीस में सरकारी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि 15 साल से कम उम्र के किशोरों की सोशल मीडिया पहुंच को सीमित करने के लिए इसी तरह के कदम उठाए जा सकते हैं।
माता-पिता को मिलेगी राहत
सरकार का मानना है कि ये कानून माता-पिता के लिए डिजिटल गार्डियन की तरह काम करेंगे। अक्सर पेरेंट्स अपने बच्चों पर अकेले डिजिटल सीमाएं लागू नहीं कर पाते, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर कानून बनने से उन पर से यह बोझ कम होगा।स्पेन की ANAR (Aid to Children and Adolescents at Risk) फाउंडेशन की प्रमुख डायना डियाज के अनुसार, स्पष्ट कानून होने से माता-पिता पर अकेले जिम्मेदारी निभाने का बोझ कम होगा।
टेक कंपनियों पर भी कसेगा शिकंजा
स्पेन सरकार ऐसे कानून पर भी काम कर रही है, जिसमें सोशल मीडिया कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों को हेट स्पीच और हानिकारक कंटेंट के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। यह कदम टेक कंपनियों की निगरानी में कथित लापरवाही को लेकर बढ़ती सार्वजनिक नाराजगी के बीच उठाया जा रहा है।
स्पेन अकेला नहीं
स्पेन अकेले नहीं है। वह पांच अन्य यूरोपीय देशों के साथ मिलकर सोशल मीडिया रेगुलेशन के लिए एक साझा ढांचा तैयार कर रहा है। पेड्रो सांचेज का कहना है कि ऑनलाइन नुकसान सीमाओं को नहीं मानते, इसलिए समाधान भी सामूहिक होना चाहिए।
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कहां से तेज हुई बहस?
सोशल मीडिया और एआई से जुड़ी चिंताएं तब और बढ़ गईं जब एलन मस्क से जुड़े एआई चैटबॉट ग्रोक नाबालिगों से जुड़ी अनुचित तस्वीरें बनाने के आरोप सामने आए। स्पेन में अभियोजकों ने पुष्टि की है नए कानूनों के तहत सिर्फ बच्चों पर ही रोक नहीं लगेगी, बल्कि टेक दिग्गज (मेटा, टिकटॉक, एक्स) के अधिकारियों को भी कटघरे में खड़ा किया जाएगा। अगर उनके प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों के लिए हानिकारक कंटेंट पाया गया, तो वे व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।
जनता क्या चाहती?
स्पेन में प्रस्तावित कानून को जनता का मजबूत समर्थन मिल रहा है। हालिया इप्सोस सर्वे के मुताबिक, 82% स्पेनिश नागरिक 14 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन के पक्ष में हैं। ये आंकड़ा दो साल पहले 73 प्रतिशत था। वहीं, ऑस्ट्रेलिया में इसी तरह का कानून लागू होने के बाद करीब 50 लाख टीनएज सोशल मीडिया अकाउंट हटाए गए, जिसने इस नीति के प्रभाव को साफ दिखाया।
