किसान आंदोलन: एक 'जमीनी' लड़ाई जो सोशल मीडिया की आभाषी दुनिया में लड़ी जा रही
देश में चल रहा किसान आंदोलन दुनिया की पहली ऐसी लड़ाई बन गई है जो जमीन का होकर सोशल मीडिया की आभाषी दुनिया में लड़ी जा रही है। सोशल मीडिया के जरिए दोनों पक्षों से शब्दभेदी बाण चलाए जा रहे हैं। 70 दिनों से चल रहे इस वर्चुअल लड़ाई में अब विदेशी हस्तियां भी कूद पड़ी हैं। हाल ही में किसान आंदोलन को लेकर पॉप सिंगर रिहाना और पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने ट्वीट किए थे जिसके बाद अब असल मुद्दे को छोड़कर इस बात पर चर्चा होने लगी है कि देश के आंतरिक मामलों में अंतरराष्ट्रीय हस्तियां क्यों बोल रही हैं।
रमानंद सागर के 'रामायण' में लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले सुनील लहरी ने भी किसान आंदोलन के मामले में विदेशी हस्तियों के बयान पर प्रतिक्रिया दी है।उन्होंने कहा है कि रिहाना को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। सुनील लहरी ने ट्वीट किया है कि रिहाना या किसी और विदेशी को हमारे देश के किसान आंदोलन या किसी भी मामले में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। अपनी समस्याओं का समाधान निकालने के लिए हम खुद सक्षम हैं।
Rihanna ya Kisi Aur videshi ya desh ko Hamare Desh Ke Kisan Andolan ya Kisi bhi mamle Mein dakhal dene ka koi Hak Nahin Hai, Desh Saksham hai apni problem ko solve karne ke liye
— Sunil lahri (@LahriSunil) February 6, 2021
रिहाना के एक ट्वीट के बाद दो हैशटैग हुए ट्रेंड
पॉप सिंगर रिहाना ने 2 फरवरी को किसान आंदोलन से जुड़ी एक खबर को लेकर स्क्रीन शॉट शेयर करते हुए लिखा था कि हम इस पर बात क्यों नहीं कर रहे हैं। इसके बाद ट्विटर पर रिहाना के खिलाफ हैशटैग ट्रेंड होने लगे और दो नए हैशटैग आए जिनमें #IndiaAgainstPropaganda और #Indiatogether शामिल थे। ट्विटर के एनालिसिस के अनुसार #FarmersProtest हैशटैग से 1.5 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं, जबकि #IndiaAgainstPropaganda 74 लाख और इंडिया टुगेदर से 83 लाख लोग जुड़े हैं, हालांकि इनमें से दो ट्रेंड तो अब गायब हो गए हैं लेकिन #FarmersProtest अभी भी ट्विटर पर राज कर रहा है।
India’s sovereignty cannot be compromised. External forces can be spectators but not participants.
— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) February 3, 2021
Indians know India and should decide for India. Let's remain united as a nation.#IndiaTogether #IndiaAgainstPropaganda
ट्विटर पर कितनी बड़ी शख्सियत हैं रिहाना?
ट्विटर पर रिहाना के प्रभाव का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि बॉलीवुड के 10 बड़ी शख्सियतों के कुल फॉलोअर्स मिलाकर भी रिहाना के फॉलोअर्स के बराबर नहीं होंगे। फॉलोअर्स के मामले में रिहाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बहुत आगे हैं। पीएम मोडी को ट्विटर पर 6.45 करोड़ लोग फॉलो करते हैं, जबकि रिहाना के फॉलोअर्स 10 करोड़ से भी अधिक हैं।
किसान आंदोलन और शख्सियतें
किसानों के समर्थन में गायिका रिहाना, स्वीडन की पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग, बॉलीवुड के अभिनेता नसीरुद्दीन शाह से लेकर दक्षिण भारतीय अभिनेता प्रकाश राज, अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की भतीजी मीना हैरिस, पंजाबी गायक जैजी बी, पंजाबी गायक व अभिनेता हरभजन मान, पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ तक अपना बयान दे चुके हैं, वहीं देश में एकता को लेकर अक्षय कुमार से लेकर अजय देवगन, सुनील शेट्टी, अनुपम खेर, एकता कपूर, कंगना रनौत, तापसी पन्नू, लता मंगेशकर, खेल जगत से सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, हार्दिक पंड्या और साइना नेहवाल ट्वीट कर चुके हैं। इन सभी ने एक सुर में कहा है कि यह आंदोलन का आंतरिक मामला है और इसमें विदेशी दखल ना दें।
सोशल मीडिया से कई आंदोलन को हुआ फायदा
देश में चल रहा किसान आंदोलन दुनिया का पहला आंदोलन नहीं है जिसे लेकर सोशल मीडिया पर इतनी जबरदस्त बहस हो रही है। इससे पहले अन्ना हजार के आंदोलन को भी सोशल मीडिया से काफी मदद मिली थी। 2010 में ट्यूनीशिया में सब्जी बेचने वाले एक शख्स मोहम्मद बाउजीजी ने स्थानीय प्रशासन से विवाद होने पर खुद को आग लगा ली थी।
सोशल मीडिया के चलते घटना इतनी तेजी से लोगों के बीच फैल गई कि जनता सड़कों पर उतर आई। 23 साल से सत्ता में काबिज राष्ट्रपति जिने अल आब्दीन बेन अली को सऊदी अरब भागना पड़ा। यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि इस प्रदर्शन को वहां की मीडिया ने कवर ही नहीं किया था।
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जल्द ही पांच देशों बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, लीबिया और यमन में विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन शुरू हो गए। लोगों ने #anonymous के हैशटैग से पड़ोसी देशों तक क्रांति को फैलाया। ऐसे ही 2011 में हुए मिस्र विद्रोह, 2011 में ही हुए अन्ना आंदोलन, 2017 में मीटू कैम्पेन को भी सोशल मीडिया पर सपोर्ट मिला।