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Instagram Update: अब खतरनाक शब्द सर्च करते ही पेरेंट्स को मिलेगा अलर्ट, जानें कैसे काम करेगा ये सेफ्टी फीचर
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Fri, 27 Feb 2026 12:26 PM IST
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सार
Instagram parent alert feature: इंस्टाग्राम ने अब किशोरों की सुरक्षा की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ रही है। इंस्टाग्राम (मेटा) ने घोषणा की है कि अगर कोई किशोर बार-बार आत्महत्या या आत्म-हानि (Self-harm) से जुड़े खतरनाक शब्दों को सर्च करता है, तो सीधे माता-पिता के फोन पर अलर्ट पहुंच जाएगा। भारी कानूनी दबाव और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी आलोचनाओं के बीच, मेटा का यह नया 'सुपरविजन टूल' बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर अभिभावकों को सीधी नजर रखने की ताकत देगा।
इंस्टाग्राम न्यू सेफ्टी फीचर
- फोटो : ai generated
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विस्तार
सोशल मीडिया पर किशोरों की सुरक्षा को लेकर बढ़ते दबाव के बीच इंस्टाग्राम ने एक नया सेफ्टी फीचर लॉन्च करने की घोषणा की है। अब अगर कोई किशोर आत्महत्या या आत्म-हानि से जुड़े शब्दों की बार-बार खोज करता है, तो उसका अलर्ट बच्चे के माता-पिता के पास पहुंच जाएगा। जानिए इस खास फीचर के बारे में विस्तार...
इंस्टाग्राम ने घोषणा की है कि अगर कोई किशोर सुसाइड, सेल्फ हार्म से जुड़े शब्दों को कम समय में बार-बार सर्च करता है, तो सिस्टम इसे फ्लैग करेगा। इसके बाद माता-पिता को ईमेल, टेक्स्ट मैसेज, व्हाट्सएप या इंस्टाग्राम के माध्यम से नोटिफिकेशन भेजा जाएगा। हालांकि, यह सुविधा केवल उन्हीं परिवारों के लिए उपलब्ध होगी जिन्होंने पैरेंटल सुपरविजन टूल में नामांकन किया है और जहां किशोर ने सहमति दी है। कंपनी के अनुसार, अलर्ट का उद्देश्य माता-पिता को समय रहते जानकारी देना और उन्हें उचित संसाधनों से जोड़ना है, ताकि वे अपने बच्चे का समर्थन कर सकें।
ये भी पढ़े: बच्चों की सुरक्षा में बड़ी चूक: ब्रिटिश सरकार ने Reddit पर लगाया ₹167 करोड़ का जुर्माना, डेटा प्राइवेसी को लेकर बढ़ा विवाद
किन देशों में पहले होगा रोलआउट?
यह फीचर अगले सप्ताह अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में शुरू किया जाएगा। आगे चलकर इसे भारत समेत अन्य देशों में भी रोलआउट हो सकता है।
सही शुरुआत या दबाव में लिया गया फैसला?
मेटा का कहना है कि यह एक शुरुआती कदम है, जिसके बारे में कंपनी अभी सिर्फ यह तय कर रही है कि अलर्ट ट्रिगर करने की सही सीमा (threshold) क्या होनी चाहिए। कुछ मामलों में अलर्ट वास्तविक खतरे का संकेत नहीं भी हो सकते हैं, इसलिए कंपनी यूजर फीडबैक के आधार पर सिस्टम को सुधारने की बात कर रही है।भविष्य में मेटा अपने एआई अनुभवों जैसे AI चैटबॉट्स में भी इसी तरह के अलर्ट सिस्टम लाने पर विचार कर रही है, ताकि अगर कोई किशोर खतरनाक बातचीत शुरू करे तो माता-पिता को सूचित किया जा सके।
कैसे काम करेगा इंस्टाग्राम का नया अलर्ट सिस्टम?
जैसा कि मेटा ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक ऐसा ट्रिगर सिस्टम बनाया है जो किशोरों के व्यवहार को ट्रैक करेगा:
ये भी पढ़े: Meta: हर 5 में से 1 टीनएजर ने इंस्टाग्राम पर देखी आपत्तिजनक तस्वीरें, मेटा के आंतरिक सर्वे में खुलासा
एआई चैटबॉट्स पर भी रहेगी पैनी नजर
सिर्फ सर्च ही नहीं, मेटा आने वाले समय में अपने एआई चैटबॉट्स के लिए भी ऐसे ही अलर्ट जारी करने की योजना बना रहा है। अगर कोई किशोर एआई से किसी खतरनाक विषय पर बात करने की कोशिश करेगा, तो माता-पिता को तुरंत सूचित किया जाएगा।
क्यों उठाना पड़ा यह कदम?
यह नया फीचर ऐसे समय में आया है जब मेटा और उसके सीईओ मार्क जुकरबर्ग गंभीर कानूनी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं:
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इंस्टाग्राम ने घोषणा की है कि अगर कोई किशोर सुसाइड, सेल्फ हार्म से जुड़े शब्दों को कम समय में बार-बार सर्च करता है, तो सिस्टम इसे फ्लैग करेगा। इसके बाद माता-पिता को ईमेल, टेक्स्ट मैसेज, व्हाट्सएप या इंस्टाग्राम के माध्यम से नोटिफिकेशन भेजा जाएगा। हालांकि, यह सुविधा केवल उन्हीं परिवारों के लिए उपलब्ध होगी जिन्होंने पैरेंटल सुपरविजन टूल में नामांकन किया है और जहां किशोर ने सहमति दी है। कंपनी के अनुसार, अलर्ट का उद्देश्य माता-पिता को समय रहते जानकारी देना और उन्हें उचित संसाधनों से जोड़ना है, ताकि वे अपने बच्चे का समर्थन कर सकें।
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किन देशों में पहले होगा रोलआउट?
यह फीचर अगले सप्ताह अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में शुरू किया जाएगा। आगे चलकर इसे भारत समेत अन्य देशों में भी रोलआउट हो सकता है।
सही शुरुआत या दबाव में लिया गया फैसला?
मेटा का कहना है कि यह एक शुरुआती कदम है, जिसके बारे में कंपनी अभी सिर्फ यह तय कर रही है कि अलर्ट ट्रिगर करने की सही सीमा (threshold) क्या होनी चाहिए। कुछ मामलों में अलर्ट वास्तविक खतरे का संकेत नहीं भी हो सकते हैं, इसलिए कंपनी यूजर फीडबैक के आधार पर सिस्टम को सुधारने की बात कर रही है।भविष्य में मेटा अपने एआई अनुभवों जैसे AI चैटबॉट्स में भी इसी तरह के अलर्ट सिस्टम लाने पर विचार कर रही है, ताकि अगर कोई किशोर खतरनाक बातचीत शुरू करे तो माता-पिता को सूचित किया जा सके।
कैसे काम करेगा इंस्टाग्राम का नया अलर्ट सिस्टम?
जैसा कि मेटा ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक ऐसा ट्रिगर सिस्टम बनाया है जो किशोरों के व्यवहार को ट्रैक करेगा:
- सर्च अलर्ट: अगर कोई किशोर सुसाइड या सेल्फ हार्म जैसे खतरनाक वाक्यांशों को कम समय में बार-बार सर्च करता है, तो सिस्टम सक्रिय हो जाएगा।
- नोटिफिकेशन के माध्यम: माता-पिता को यह अलर्ट ईमेल, टेक्स्ट मैसेज, व्हाट्सएप या खुद इंस्टाग्राम नोटिफिकेशन के जरिए प्राप्त होगा।
- पैरेंटल सुपरविजन: यह सुविधा उन अभिभावकों के लिए होगी जिन्होंने पैरेंटल सुपरविजन टूल्स में खुद को रजिस्टर किया है। हालांकि, इसमें किशोर की सहमति भी शामिल होगी।
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एआई चैटबॉट्स पर भी रहेगी पैनी नजर
सिर्फ सर्च ही नहीं, मेटा आने वाले समय में अपने एआई चैटबॉट्स के लिए भी ऐसे ही अलर्ट जारी करने की योजना बना रहा है। अगर कोई किशोर एआई से किसी खतरनाक विषय पर बात करने की कोशिश करेगा, तो माता-पिता को तुरंत सूचित किया जाएगा।
क्यों उठाना पड़ा यह कदम?
यह नया फीचर ऐसे समय में आया है जब मेटा और उसके सीईओ मार्क जुकरबर्ग गंभीर कानूनी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं:
- मानसिक स्वास्थ्य ट्रायल: अमेरिका के लॉस एंजिल्स में एक केस चल रहा है जहां मेटा पर युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने और एप की लत लगाने का आरोप है।
- बिग टोबैको मोमेंट: एक्सपर्ट सोशल मीडिया कंपनियों के इस दौर को बिग टोबैको मोमेंट कह रहे हैं, जहां उन पर जनता को गुमराह करने और किशोरों की सुरक्षा की अनदेखी करने के आरोप लग रहे हैं।
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