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AI Label: X ने एआई जनरेटेड युद्ध के वीडियो पोस्ट करने पर दी कड़ी चेतावनी, सस्पेंड हो सकता है अकाउंट
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Wed, 04 Mar 2026 01:23 PM IST
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सार
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने उन क्रिएटर्स पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है जो बिना जानकारी दिए युद्ध की AI-जनरेटेड वीडियो पोस्ट कर रहे हैं। नई पॉलिसी के तहत ऐसे यूजर्स को उनके रेवेन्यू शेयरिंग प्रोग्राम से बाहर किया जा सकता है।
एक्स
- फोटो : X
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विस्तार
अगर आप भी X (पूर्व में ट्विटर) वीडियो डालकर पैसे कमाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि अब एआई (AI) की मदद से बने युद्ध या लड़ाई के वीडियो को बिना डिस्क्लोजर के पोस्ट करना महंगा पड़ेगा। ऐसा करने वाले क्रिएटर्स को कंपनी के क्रिएटर रेवेन्यू शेयरिंग प्रोग्राम से बाहर कर दिया जाएगा।
90 दिनों का लग सकता है बैन
X के प्रोडक्ट हेड निकिता बियर ने इस नई नीति की घोषणा करते हुए कहा कि जो लोग एआई-जनरेटेड युद्ध वीडियो के जरिए दर्शकों को गुमराह करेंगे, उन्हें 90 दिनों के लिए कमाई करने से रोक दिया जाएगा।
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90 दिनों का लग सकता है बैन
X के प्रोडक्ट हेड निकिता बियर ने इस नई नीति की घोषणा करते हुए कहा कि जो लोग एआई-जनरेटेड युद्ध वीडियो के जरिए दर्शकों को गुमराह करेंगे, उन्हें 90 दिनों के लिए कमाई करने से रोक दिया जाएगा।
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इतना ही नहीं, अगर कोई यूजर इसके बाद भी दोबारा वही गलती करता है, तो उसे हमेशा के लिए मोनेटाइजेशन प्रोग्राम से बाहर कर दिया जाएगा। निकिता बियर के अनुसार, "युद्ध के समय लोगों तक जमीनी सच्चाई और सटीक जानकारी पहुंचना बेहद जरूरी है, जबकि आज की तकनीक से लोगों को गुमराह करना बहुत आसान हो गया है।"
एआई वीडियो पर लेबल लगाना अनिवार्य
एक्स की नई पॉलिसी के तहत युद्ध से संबंधित एआई जनरेटेड वीडियो या किसी भी कंटेंट पर एआई से बने होने का साफ-साफ लेबल लगाना जरूरी है। अगर क्रिएटर ऐसा नहीं करते, तो भले ही वीडियो प्लेटफॉर्म से हटाया न जाए, लेकिन उन्हें रेवेन्यू प्रोग्राम से हटा दिया जाएगा।
यह भी पढ़ें: देश में इंटरनेट चलाने वालों का आंकड़ा 102 करोड़ के पार, टेलीकॉम कंपनियों का मुनाफा बढ़ा
फिलहाल यह सख्ती सिर्फ एआई से बनाए गए युद्ध या संघर्ष के वीडियो तक सीमित है। यह नीति अन्य तरह की एआई आधारित राजनीतिक गलत सूचना या भ्रामक व्यावसायिक कंटेंट पर लागू नहीं होती, जबकि इन क्षेत्रों में भी एआई का दुरुपयोग चिंता का विषय बनता जा रहा है।
कैसे होगी पहचान?
एक्स ने बताया कि वह एआई से बने कंटेंट की पहचान के लिए अपने आंतरिक टूल्स का इस्तेमाल करेगा। इसके अलावा, कंपनी के क्राउडसोर्स्ड फैक्ट-चेकिंग सिस्टम कम्यूनिटी नोट्स की भी मदद ली जाएगी। हाल के समय में X ने भ्रामक पोस्ट हटाने के बजाय उन पर कम्युनिटी नोट्स के जरिए चेतावनी जोड़ने की रणनीति अपनाई है।
एआई वीडियो पर लेबल लगाना अनिवार्य
एक्स की नई पॉलिसी के तहत युद्ध से संबंधित एआई जनरेटेड वीडियो या किसी भी कंटेंट पर एआई से बने होने का साफ-साफ लेबल लगाना जरूरी है। अगर क्रिएटर ऐसा नहीं करते, तो भले ही वीडियो प्लेटफॉर्म से हटाया न जाए, लेकिन उन्हें रेवेन्यू प्रोग्राम से हटा दिया जाएगा।
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फिलहाल यह सख्ती सिर्फ एआई से बनाए गए युद्ध या संघर्ष के वीडियो तक सीमित है। यह नीति अन्य तरह की एआई आधारित राजनीतिक गलत सूचना या भ्रामक व्यावसायिक कंटेंट पर लागू नहीं होती, जबकि इन क्षेत्रों में भी एआई का दुरुपयोग चिंता का विषय बनता जा रहा है।
कैसे होगी पहचान?
एक्स ने बताया कि वह एआई से बने कंटेंट की पहचान के लिए अपने आंतरिक टूल्स का इस्तेमाल करेगा। इसके अलावा, कंपनी के क्राउडसोर्स्ड फैक्ट-चेकिंग सिस्टम कम्यूनिटी नोट्स की भी मदद ली जाएगी। हाल के समय में X ने भ्रामक पोस्ट हटाने के बजाय उन पर कम्युनिटी नोट्स के जरिए चेतावनी जोड़ने की रणनीति अपनाई है।