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Claude: एआई एजेंट ने सिर्फ 9 मिनट में स्टार्टअप कंपनी का किया 'सत्यानाश', फिर अपनी गलती भी मानी
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Tue, 28 Apr 2026 11:13 PM IST
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सार
क्या आप AI पर पूरी तरह से भरोसा करते हैं? अमेरिका के एक स्टार्टअप 'PocketOS' के साथ जो हुआ, वह आपके रोंगटे खड़े कर देगा। एक ऑटोनोमस एआई कोडिंग एजेंट ने महज 9 सेकंड में कंपनी का पूरा प्रोडक्शन डेटाबेस और बैकअप हमेशा के लिए डिलीट कर दिया।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
AI पर बढ़ती निर्भरता कितनी खतरनाक हो सकती है इसका एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। क्लॉड (Claude) से चलने वाले AI एजेंट ने महज 9 सेकंड में एक स्टार्टअप का भारी नुकसान कर दिया, जिससे उबरने में कंपनी को काफी समय लगेगा।
कंपनी के संस्थापक जेर क्रेन (Jer Crane) ने एक्स (X) पर अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने बताया कि Cursor नाम के एक ऑटोनोमस एआई कोडिंग एजेंट, जो कि एंथ्रोपिक के Claude Opus 4.6 मॉडल पर चल रहा था, ने रेलवे सर्वर पर एक सिंगल एपीआई (API) कॉल के जरिए उनका पूरा प्रोडक्शन डेटाबेस और सभी बैकअप डिलीट कर दिया। और इस पूरी तबाही में सिर्फ 9 सेकंड का समय लगा।
क्या हुआ कंपनी के साथ?
पॉकेटओएस कार रेंटल और अन्य रेंटल व्यवसायों के लिए सॉफ्टवेयर बनाता है। इस प्लेटफॉर्म पर कई ग्राहक अपने रोजमर्रा के कामों जैसे रिजर्वेशन, पेमेंट, ग्राहक डेटा और गाड़ियों की ट्रैकिंग के लिए वर्षों से निर्भर हैं। कंपनी के फाउंडर के मुताबिक, यह घटना एक सामान्य तकनीकी काम के दौरान हुई। एआई एजेंट को सिस्टम में क्रेडेंशियल मिसमैच की समस्या दिखी और उसने बिना किसी मानवीय मदद के इसे खुद ही सुलझाने का फैसला कर लिया। उसने एक अनजान फाइल से एपीआई (API) टोकन निकाला और उसी का इस्तेमाल करके लाइव प्रोडक्शन डेटा वाले रेलवे वॉल्यूम को ही उड़ा दिया। इस पूरी प्रक्रिया में सिर्फ 9 सेकंड लगे।
बैकअप भी हुआ खत्म, नहीं था कोई सुरक्षा सिस्टम
इस घटना को और गंभीर बनाने वाली बात यह थी कि सिस्टम में कोई सुरक्षा परत मौजूद नहीं थी। न तो कोई कन्फर्मेशन पॉप-अप आया, न ही प्रोडक्शन डेटा डिलीट करने से पहले कोई चेतावनी दी गई। यहां तक कि अलग-अलग एनवायरमेंट के बीच कोई प्रतिबंध भी नहीं था। नतीजा यह हुआ कि एक ही कमांड में लाइव डेटा के साथ-साथ उसके बैकअप भी पूरी तरह मिट गए।
AI एजेंट ने खुद मानी गलती
जब इस घटना की जांच की गई, तो AI एजेंट ने खुद स्वीकार किया कि उसने बिना किसी इंसानी अनुमति के फैसला लिया। उसने कहा कि उसने “क्रेडेंशियल समस्या को ठीक करने के लिए खुद ही निर्णय लिया” और माना कि उसे पहले पुष्टि लेनी चाहिए थी या कोई सुरक्षित तरीका अपनाना चाहिए था।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
आपको बता दें कि एआई द्वारा डेटाबेस उड़ाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले साल दिसंबर में भी कर्सर (Cursor) एआई एजेंट ने मना करने के बावजूद जरूरी फाइलें डिलीट कर दी थीं। इसके अलावा, एक अन्य मामले में Replit के एआई एजेंट ने SaaStr नामक स्टार्टअप का पूरा प्रोडक्शन डेटाबेस साफ कर दिया था। ये घटनाएं तकनीकी दुनिया के लिए एक बड़ी चेतावनी हैं कि एआई पर अंधाधुंध निर्भरता कंपनियों को भारी संकट में डाल सकती है।
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कंपनी के संस्थापक जेर क्रेन (Jer Crane) ने एक्स (X) पर अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने बताया कि Cursor नाम के एक ऑटोनोमस एआई कोडिंग एजेंट, जो कि एंथ्रोपिक के Claude Opus 4.6 मॉडल पर चल रहा था, ने रेलवे सर्वर पर एक सिंगल एपीआई (API) कॉल के जरिए उनका पूरा प्रोडक्शन डेटाबेस और सभी बैकअप डिलीट कर दिया। और इस पूरी तबाही में सिर्फ 9 सेकंड का समय लगा।
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क्या हुआ कंपनी के साथ?
पॉकेटओएस कार रेंटल और अन्य रेंटल व्यवसायों के लिए सॉफ्टवेयर बनाता है। इस प्लेटफॉर्म पर कई ग्राहक अपने रोजमर्रा के कामों जैसे रिजर्वेशन, पेमेंट, ग्राहक डेटा और गाड़ियों की ट्रैकिंग के लिए वर्षों से निर्भर हैं। कंपनी के फाउंडर के मुताबिक, यह घटना एक सामान्य तकनीकी काम के दौरान हुई। एआई एजेंट को सिस्टम में क्रेडेंशियल मिसमैच की समस्या दिखी और उसने बिना किसी मानवीय मदद के इसे खुद ही सुलझाने का फैसला कर लिया। उसने एक अनजान फाइल से एपीआई (API) टोकन निकाला और उसी का इस्तेमाल करके लाइव प्रोडक्शन डेटा वाले रेलवे वॉल्यूम को ही उड़ा दिया। इस पूरी प्रक्रिया में सिर्फ 9 सेकंड लगे।
बैकअप भी हुआ खत्म, नहीं था कोई सुरक्षा सिस्टम
इस घटना को और गंभीर बनाने वाली बात यह थी कि सिस्टम में कोई सुरक्षा परत मौजूद नहीं थी। न तो कोई कन्फर्मेशन पॉप-अप आया, न ही प्रोडक्शन डेटा डिलीट करने से पहले कोई चेतावनी दी गई। यहां तक कि अलग-अलग एनवायरमेंट के बीच कोई प्रतिबंध भी नहीं था। नतीजा यह हुआ कि एक ही कमांड में लाइव डेटा के साथ-साथ उसके बैकअप भी पूरी तरह मिट गए।
AI एजेंट ने खुद मानी गलती
जब इस घटना की जांच की गई, तो AI एजेंट ने खुद स्वीकार किया कि उसने बिना किसी इंसानी अनुमति के फैसला लिया। उसने कहा कि उसने “क्रेडेंशियल समस्या को ठीक करने के लिए खुद ही निर्णय लिया” और माना कि उसे पहले पुष्टि लेनी चाहिए थी या कोई सुरक्षित तरीका अपनाना चाहिए था।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
आपको बता दें कि एआई द्वारा डेटाबेस उड़ाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले साल दिसंबर में भी कर्सर (Cursor) एआई एजेंट ने मना करने के बावजूद जरूरी फाइलें डिलीट कर दी थीं। इसके अलावा, एक अन्य मामले में Replit के एआई एजेंट ने SaaStr नामक स्टार्टअप का पूरा प्रोडक्शन डेटाबेस साफ कर दिया था। ये घटनाएं तकनीकी दुनिया के लिए एक बड़ी चेतावनी हैं कि एआई पर अंधाधुंध निर्भरता कंपनियों को भारी संकट में डाल सकती है।

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