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कैलिफोर्निया में नए कानून पर हस्ताक्षर: लापरवाही बरतने पर टेक कंपनियों को देना पड़ेगा जुर्माना, क्या है नियम?
Fri, 11 Sep 2026 03:12 PM IST
जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति शुक्ला
Updated Fri, 11 Sep 2026 03:12 PM IST
सार
कैलिफाेर्निया के गवर्नर ने बच्चों को सोशल मीडिया एडिक्शन और एआई चैटबॉट्स के खतरों से बचाने के लिए एक कड़े कानून पैकेज पर हस्ताक्षर किए हैं। इस नए कानून के तहत लापरवाही बरतने वाली टेक कंपनियों पर भारी-भरकम जुर्माना लगाया जाएगा। जानिए नए कानून से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों के बारे में विस्तार से...
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कैलिफोर्निया ने बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कानून लागू किए
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
कैलिफाेर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम ने बच्चों को सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट्स के संभावित जोखिमों से सुरक्षित रखने के लिए विधायी कानूनों के एक बड़े और सख्त पैकेज पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। सैन फ्रांसिस्को के पास एक बच्चों के म्यूजियम में अपनी पत्नी और राज्य के प्रमुख विधायकों के साथ इस बिल को पेश करते हुए न्यूसम ने कहा कि यह कैलिफाेर्निया और बच्चों के भविष्य के लिए एक एतिहासिक दिन है। असेंबली सदस्य रेबेका बाउर-काहन ने इस कदम का समर्थन करते हुए कहा कि जब हम बच्चों के पालने, कुर्सियां और कार सीटें सुरक्षित बना सकते हैं, तो हाथ में थमाई जाने वाली टेक्नोलॉजी को असुरक्षित कैसे छोड़ा जा सकता है।
टेक कंपनियों को हर बच्चे पर देना होगा जुर्माना
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टेक कंपनियों को हर बच्चे पर देना होगा जुर्माना
- इस नए कानून पैकेज में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए बेहद सख्त नियम तय किए गए हैं। अगर कोई बड़ी सोशल मीडिया कंपनी अपने प्लेटफॉर्म के जरिए बच्चों को नुकसान पहुंचाने में जिम्मेदार या लापरवाह पाई जाती है, तो उस पर प्रति बच्चा एक मिलियन अमेरिकी डॉलर तक का जुर्माना ठोका जाएगा।
- 16 साल से कम उम्र पर पाबंदी: इसी के साथ टेक कंपनियों पर 16 साल से कम उम्र के यूजर्स को लत लगाने वाली फीड यानी एडिक्टिव फीड परोसने से स्पष्ट रूप से रोक लगाई गई है।
- एआई लॉन्च से पहले असेसमेंट: एआई चैटबॉट डेवलपर्स को अपना प्रोडक्ट सार्वजनिक रूप से लॉन्च करने से पहले उससे जुड़े संभावित सुरक्षा जोखिमों का गहन आकलन करना अनिवार्य होगा।
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- यह नया कानून ऐसे समय में आया है, जब मार्क जकरबर्ग की कंपनी मेटा ने कैलिफोर्निया समेत 28 अन्य अमेरिकी राज्यों के साथ कानूनी समझौता किया है। 2023 में दर्ज इस मुकदमे में टेक दिग्गज पर आरोप था कि उसने जानबूझकर ऐसे फीचर्स डिजाइन किए जिससे कम उम्र के बच्चों और किशोरों को प्लेटफॉर्म की लत लग जाए।
- इस मामले के निपटारे के लिए मेटा को 18 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक का भुगतान करना पड़ा और बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने पर भी सहमत देनी पड़ी। हालांकि मामले पर मेटा का पक्ष भी सामने आया।
- मेटा कंपनी के प्रवक्ता जिम कलिनन ने लत लगाने वाली फीड पर पाबंदी के आरोप पर कहा कि टेलर-मेड (पर्सनलाइज्ड) एक्सपीरियंस ही किशोरों को परिवार और दोस्तों से सुरक्षित रूप से जोड़ता है। उनके कहना है कि, निजीकरण के जरिए ही उम्र के हिसाब से सही कंटेंट पहुंचाया जाता है।
- न्यूसम की ओर से इन हस्ताक्षरित विधेयकों में एआई कंपनियों की जवाबदेही तय करने के लिए एक स्वतंत्र ढांचा तैयार किया गया है, जिसे टेक फर्म एंथ्रोपिक का भी समर्थन प्राप्त है। जिसमें कहा गया है कि राज्य की ओर से ऐसे निष्पक्ष नियम बनाए जाएंगे, जिससे स्वतंत्र संस्थाएं एआई मॉडल्स का सुरक्षा मूल्यांकन कर सकें।
- साथ ही एआई ऑडिट करने वाले ऑडिटर्स का उस कंपनी से किसी भी तरह का वित्तीय या आर्थिक हित नहीं होना चाहिए जिसका वे ऑडिट कर रहे हैं। बता दें कि इससे पहले गवर्नर न्यूसम 2024 में स्कूलों में छात्रों के स्मार्टफोन इस्तेमाल पर रोक लगाने वाले कानून पर भी हस्ताक्षर कर चुके हैं।