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लाखों क्रोम यूजर्स की सुरक्षा खतरे में: CERT-In ने किया अलर्ट, कहा- हैकिंग से बचने के लिए तुरंत करें यह काम

Sat, 11 Jul 2026 08:48 AM IST
जागृति टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति Updated Sat, 11 Jul 2026 08:48 AM IST
सार

Google Chrome: भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने गूगल क्रोम ब्राउजर में कई गंभीर सुरक्षा कमियों को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है, जिससे विंडोज, मैक और लिनक्स यूजर्स के डिवाइस हैकर्स के निशाने पर हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ब्राउजर की यह कमजाेरी सिर्फ लैपटॉप तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक स्मार्ट और कनेक्टेड कारों को भी खतरे में डाल सकती है? आइए जानते हैं किन यूजर्स पर सबसे ज्यादा खतरा है और इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए।
 

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CERT-In Warns Millions Google Chrome Users India, Update Browser Immediately
गूगल क्रोम यूजर्स को हैकिंग का खतरा - फोटो : एआई जनरेटेड

विस्तार

Chrome Security Update: अगर आप लैपटॉप या डेस्कटॉप पर गूगल क्रोम इस्तेमाल करते हैं, तो यह सावधान हो जाइए। भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने क्रोम के पुराने वर्जन में कई गंभीर सुरक्षा खामियों की पहचान की है। इन कमजोरियों का फायदा उठाकर हैकर्स आपके सिस्टम तक पहुंच सकते हैं, संवेदनशील जानकारी चुरा सकते हैं या डिवाइस पर नियंत्रण भी हासिल कर सकते हैं। ऐसे में क्रोम को तुरंत अपडेट करना आपकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
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CERT-In ने क्यों जारी किया अलर्ट?
भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने गूगल क्रोम के कई पुराने वर्जन में गंभीर सुरक्षा कमियों की पहचान की है। एजेंसी ने इन्हें क्रिटिकल श्रेणी में रखा है और सभी यूजर्स को तुरंंत नया अपडेट इंस्टॉल करने की सलाह दी है।
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कौन से वर्जन हैं प्रभावित?
  • CERT-In के अनुसार विंडोज और macOS: वर्जन 150.0.7871.114/.115 से पहले के सभी वर्जन।
  • लिनक्स: वर्जन 150.0.7871.114 से पहले के सभी वर्जन।
  • अगर आपका ब्राउजर इनसे पुराना है, तो उसे तुरंत अपडेट करना जरूरी है।

क्या नुकसान हो सकता है ?
अगर यूजर किसी खास तरह से तैयार किए गए मैलिशियस वेबपेज पर पहुंच जाता है, तो हैकर इन कमजोरियों का फायदा उठाकर इन कामों को कर सकता है।
  • सिस्टम पर मैलिशियस कोड चला सकता है।
  • सुरक्षा प्रतिबंधों को बायपास कर सकता है।
  • संवेदनशील जानकारी चुरा सकता है।
  • ब्राउजर क्रैश करा सकता है।
  • डिवाइस पर अनधिकृत नियंत्रण हासिल कर सकता है।
  • Denial of Service (DoS) हमला भी कर सकता है।

किन हिस्सों में मिलीं सुरक्षा खामियां?
CERT-In के अनुसार ये कमजोरियां क्रोम कई महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स से जुड़ी हैं। इनमेंओज़ोन, WebRTC, एक्सटेंशन, ऑटोफ़िल, पेमेंट, फ़ॉर्म, IndexedDB, V8, ANGLE, WebGL, नेविगेशन, पासवर्ड और कोडेक शामिल हैं।
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क्रोम अपडेट कैसे करें?
अगर आप भी इन खतरों से बचना चाहते हैं, तो नीचे बताए गए आसान से स्टेप्स को फॉलो करें...
  • गूगल क्रोम खोलें।
  • ऊपर दाईं ओर दिए गए तीन डॉट्स पर क्लिक करें।
  • फिर हेल्प में जाकर अबाउट गूगल क्रोम पर जाएं।
  • अगर नया अपडेट उपलब्ध है, तो उसे इंस्टॉल करें।
  • अपडेट पूरा होने के बाद ब्राउजर को रिस्टार्ट करें।

क्यों जरूरी है तुरंत अपडेट?
  • साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ब्राउजर को नियमित रूप से अपडेट करना ऑनलाइन सुरक्षा का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। नया अपडेट इन सभी सुरक्षा खामियों को ठीक करता है और संभावित साइबर हमलों से बचाव में मदद करता है।
  • अगर आप Chrome का इस्तेमाल बैंकिंग, ऑनलाइन पेमेंट, ऑफिस वर्क या निजी जानकारी एक्सेस करने के लिए करते हैं, तो अपडेट में देरी करना जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए अपने ब्राउजर का वर्जन तुरंत जांचें और अगर आवश्यक हो तो बिना देर किए उसे अपडेट कर लें।
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