ChatGPT Atlas: एक साल तक भी नहीं चला चैटजीपीटी का वेब ब्राउजर, जानिए क्यों आई बंद करने की नौबत
ChatGPT Atlas: ओपनएआई ने अपने स्टैंडअलाने एआई वेब ब्राउजर चैटजीपीटी एटलस को बंद करने का फैसला लिया है। कंपनी अब एटलस की प्रमुख सुविधाओं काे चैटजीपीटी के दूसरे प्रोडक्ट्स में शामिल कर रही है, जिससे यूजर्स को अलग ब्राउजर की बजाय एक ही प्लेटफॉर्म पर अधिक स्मार्ट और एजेंट आधारित अनुभव मिल सके। आइए जानते हैं आखिर पूरा मामला क्या है?
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Lastly, with all these updates, we are going to be sunsetting Atlas.
— James Sun (@JamesZmSun) July 9, 2026
All these capabilities were built on what we learned from Atlas users who took a leap of faith on a new browser.
You taught us how agents can help make browsing and doing work on the open web better, and we…
Atlas कब बंद होगा ?
- ओपनएआई के प्रोडक्ट स्टाफ मेंबर जेम्स सन के अनुसार एटलस को नौ अगस्त को बंद बंद किया जाएगा, यानी की करीब एक महीने बाद इसे बंद करने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी आने वाले दिनों में एप और ईमेल के जरिए यूजर्स को विस्तृत जानकारी देगी।
- जेम्स सन ने कहा कि एटलस यूजर्स से मिली सीख के आधार पर कंपनी अब नई AI ब्राउजिंग सुविधाओं को दूसरे प्रोडक्ट्स में ला रही है, ताकि वेब पर काम करना और भी बेहतर बनाया जा सके।
- चैटजीपीटी एटलस को 21 अक्तूबर को लॉन्च किया गया था। यह ओपनएआई का पहला वेब ब्राउजर था, जिसमें चैटजीवीटी को पूरे ब्राउजिंग अनुभव के साथ गहराई से जोड़ा गया था।
- एटलस शुरुआत में केवल macOS पर उपलब्ध था। इसमें एजेंट मोड का प्रीव्यू प्लस, प्रो और बिजनेस यूजर्स के लिए जारी किया गया था, जिससे ChatGPT रिसर्च, प्लानिंग और बुकिंग जैसे कार्य कर सकता था। हालांकि विंडो, iOS और एंड्रॉयड वर्जन्स की घोषणा भी की गई थी, लेकिन उन्हें कभी जारी नहीं किया गया।
एटलस की जगह क्या आएगा?
ओपेनएआई ने एटलस को बंद करने के साथ ही अपने सबसे नए GPT-5.6 मॉडल और ब्राउजर टीम के तीन बड़े अपडेट्स जारी कर दिए हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से ChatGPT Work के नाम से जाना जाएगा। इनके बारे में नीचे जिक्र किया गया है...
- इन-एप ब्राउजर वाला डेस्कटॉप एप: नए ChatGPT डेस्कटॉप एप्लिकेशन के भीतर अब एक पूरी तरह चालू इन-एप ब्राउजर दे दिया गया है।
- क्लाउड-बेस्ड वर्क मोड: chatgpt.com और मोबाइल एप्स पर एक नया वर्क मोड जोड़ा गया है। इसमें एआई एजेंट की ओर से इस्तेमाल किया जाने वाला क्लाउड-बेस्ड ब्राउजर काम करेगा।
- गूगल क्रोम के लिए साइड चैट एक्सटेंशन: इसके बाद कंपनी अब तक सबसे शानदार क्रोम एक्सटेंशन लेकर आई है। इसके जरिए यूजर के पूरे ब्राउजिंग सेशन, हाइलाइट किए गए टेक्स्ट, और टैब्स को कंट्रोल करने के साथ-साथ लोकल फाइल सिस्टम और इंस्टॉल प्लगइन्स का एक्सेस सीधे ChatGPT और Codex को मिल जाएगा। इस एक्सटेंशन पर शुरू होने वाले टास्क सीधे आपके डेस्कटॉप एप से सिंक हो जाएंगे।
एटलस को कैसे बनाया गया था?
आपको बता दें कि एटलस को OpenAI की कस्टम OWL (OpenAI's Web Layer) आर्किटेक्चर पर विकसित किया गया था। इसमें क्रोमियम ब्राउजर इंजन को मुख्य एप्लिकेशन से अलग आइसोलेटेड प्रोसेस में रखा गया था। इससे तेज स्टार्टअप, नेटिव macOS इंटरफेस और बेहतर स्थिरता जैसे फायदे मिले।
यह बदलाव क्यों किया जा रहा है।
कंपनी का कहना है कि ओपनएआई अब अलग-अलग एप बनाने की बजाय अपनी एआई शक्तिओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने की कोशिश कर रहा है। जिससे यूजर्स को ज्यादा इधर-उधर भटकना न पड़े। इससे यूजर को अलग ब्राउजर को इंस्टॉल करने की जरूरत भी कम होगी और चैटजीपीटी के भीतर ही ब्राउंजिंग, रिसर्च, कोडिंग और अन्य AI टूल्स का एकीकृत अनुभव मिलेगा।