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Google Data Centre: चंद्रबाबू नायडू 28 अप्रैल को विशाखापत्तनम में गूगल AI डेटा सेंटर की रखेंगे नींव
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Mon, 27 Apr 2026 10:05 AM IST
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सार
Google AI Data Centre Vizag: आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम जल्द ही एशिया का नया टेक हब बनने जा रहा है। 28 अप्रैल को मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू 15 बिलियन डॉलर के 'गूगल एआई डेटा सेंटर' की आधारशिला रखेंगे। यह भारत में सबसे बड़ा विदेशी निवेश है, जो हजारों नई नौकरियां पैदा करेगा।
गूगल डेटा सेंटर
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू 28 अप्रैल को विशाखापत्तनम (विजाग) में गूगल के अत्याधुनिक एआई डेटा सेंटर की आधारशिला रखेंगे। यह प्रोजेक्ट भारत के इतिहास के सबसे बड़े विदेशी निवेशों में से एक माना जा रहा है, जिसमें करीब 15 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा।
600 एकड़ में फैलेगा मेगा डेटा सेंटर
यह डेटा सेंटर थारलुवाडा, अदविवरम और रामबिल्ली जैसे इलाकों में लगभग 600 एकड़ जमीन पर विकसित किया जाएगा। इसकी कुल क्षमता 1 गीगावॉट होगी, जो इसे देश के सबसे बड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स में शामिल करती है। सरकार का कहना है कि यह परियोजना न केवल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी, बल्कि आंध्र प्रदेश को नई डिजिटल पहचान भी देगी।
इस बड़े विजन में अडानी-कनेक्स (AdaniConneX) और एयरटेल नेक्सट्रा (Airtel Nxtra) जैसी दिग्गज कंपनियां भी सरकार की साझीदार हैं। हाल ही में जारी एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि राज्य सरकार का भविष्य का लक्ष्य पूरे आंध्र प्रदेश में 6.5 गीगावॉट की कुल क्षमता वाला एक विशाल मल्टी-गीगावॉट डिजिटल हब तैयार करना है।
एशिया का AI गेटवे बनेगा विशाखापत्तनम
इस डेटा सेंटर के शुरू होने के बाद विशाखापत्तनम को एशिया के प्रमुख एआई हब के रूप में देखा जा रहा है। शहर को ग्लोबल टेक्नोलॉजी मैप पर एक स्थायी स्थान मिलने की उम्मीद है। समुद्री केबल कनेक्टिविटी के जरिए यह शहर कई देशों से सीधे डिजिटल रूप से जुड़ जाएगा, जिससे डेटा ट्रांसफर और क्लाउड सेवाएं और मजबूत होंगी।
यह भी पढ़ें: मेटा और माइक्रोसॉफ्ट में छंटनी का बड़ा दौर: क्या सच में AI छीन रहा नौकरियां या यह कंपनियों का कोई नया खेल है?
बड़े पैमाने पर पैदा होंगे रोजगार के अवसर
यह गूगल डेटा सेंटर सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि युवाओं के सुनहरे भविष्य और रोजगार का एक बहुत बड़ा जरिया बनने वाला है। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड ऑपरेशंस, रखरखाव (मेंटेनेंस), साइबर सुरक्षा, क्लाउड आर्किटेक्चर और डेटा साइंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में हजारों नई नौकरियां पैदा होंगी। डेटा सेंटर से होने वाली भारी कमाई राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ को और मजबूत करेगी। इसका असर सिर्फ गूगल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों जैसे पावर सिस्टम, कूलिंग टेक्नोलॉजी, सर्वर बनाने वाली कंपनियों और नेटवर्किंग में भी जमकर निवेश आएगा, जिससे आंध्र प्रदेश में एक बेहद मजबूत एआई ईकोसिस्टम बनकर तैयार होगा।
ग्रीन एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर होगा जोर
गूगल की बेहतरीन एआई क्लाउड सेवाओं के कारण विशाखापत्तनम बहुत जल्द एशिया के एक प्रमुख टेक्नोलॉजी हब के रूप में अपनी पहचान बना लेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में एआई के क्षेत्र में काम करने वाली दुनिया भर की कंपनियां, आईटी स्टार्टअप्स, बड़े रिसर्च सेंटर, क्लाउड फर्म और सेमीकंडक्टर कंपनियां भी इस शहर को अपना नया ठिकाना बनाएंगी।
इतनी बड़ी तकनीकी जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार खास तौर पर गूगल और अन्य कंपनियों के लिए 'ग्रीन एनर्जी' (हरित ऊर्जा) की सप्लाई सुनिश्चित करने की व्यवस्था कर रही है। ग्लोबल कंपनियों का ध्यान अब इस शहर पर है, और विशाखापत्तनम में बन रहे शानदार भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसी विश्व स्तरीय सुविधाएं शहर की इस वैश्विक चमक को और भी ज्यादा बढ़ा देंगी।
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600 एकड़ में फैलेगा मेगा डेटा सेंटर
यह डेटा सेंटर थारलुवाडा, अदविवरम और रामबिल्ली जैसे इलाकों में लगभग 600 एकड़ जमीन पर विकसित किया जाएगा। इसकी कुल क्षमता 1 गीगावॉट होगी, जो इसे देश के सबसे बड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स में शामिल करती है। सरकार का कहना है कि यह परियोजना न केवल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी, बल्कि आंध्र प्रदेश को नई डिजिटल पहचान भी देगी।
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इस बड़े विजन में अडानी-कनेक्स (AdaniConneX) और एयरटेल नेक्सट्रा (Airtel Nxtra) जैसी दिग्गज कंपनियां भी सरकार की साझीदार हैं। हाल ही में जारी एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि राज्य सरकार का भविष्य का लक्ष्य पूरे आंध्र प्रदेश में 6.5 गीगावॉट की कुल क्षमता वाला एक विशाल मल्टी-गीगावॉट डिजिटल हब तैयार करना है।
एशिया का AI गेटवे बनेगा विशाखापत्तनम
इस डेटा सेंटर के शुरू होने के बाद विशाखापत्तनम को एशिया के प्रमुख एआई हब के रूप में देखा जा रहा है। शहर को ग्लोबल टेक्नोलॉजी मैप पर एक स्थायी स्थान मिलने की उम्मीद है। समुद्री केबल कनेक्टिविटी के जरिए यह शहर कई देशों से सीधे डिजिटल रूप से जुड़ जाएगा, जिससे डेटा ट्रांसफर और क्लाउड सेवाएं और मजबूत होंगी।
यह भी पढ़ें: मेटा और माइक्रोसॉफ्ट में छंटनी का बड़ा दौर: क्या सच में AI छीन रहा नौकरियां या यह कंपनियों का कोई नया खेल है?
बड़े पैमाने पर पैदा होंगे रोजगार के अवसर
यह गूगल डेटा सेंटर सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि युवाओं के सुनहरे भविष्य और रोजगार का एक बहुत बड़ा जरिया बनने वाला है। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड ऑपरेशंस, रखरखाव (मेंटेनेंस), साइबर सुरक्षा, क्लाउड आर्किटेक्चर और डेटा साइंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में हजारों नई नौकरियां पैदा होंगी। डेटा सेंटर से होने वाली भारी कमाई राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ को और मजबूत करेगी। इसका असर सिर्फ गूगल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों जैसे पावर सिस्टम, कूलिंग टेक्नोलॉजी, सर्वर बनाने वाली कंपनियों और नेटवर्किंग में भी जमकर निवेश आएगा, जिससे आंध्र प्रदेश में एक बेहद मजबूत एआई ईकोसिस्टम बनकर तैयार होगा।
ग्रीन एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर होगा जोर
गूगल की बेहतरीन एआई क्लाउड सेवाओं के कारण विशाखापत्तनम बहुत जल्द एशिया के एक प्रमुख टेक्नोलॉजी हब के रूप में अपनी पहचान बना लेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में एआई के क्षेत्र में काम करने वाली दुनिया भर की कंपनियां, आईटी स्टार्टअप्स, बड़े रिसर्च सेंटर, क्लाउड फर्म और सेमीकंडक्टर कंपनियां भी इस शहर को अपना नया ठिकाना बनाएंगी।
इतनी बड़ी तकनीकी जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार खास तौर पर गूगल और अन्य कंपनियों के लिए 'ग्रीन एनर्जी' (हरित ऊर्जा) की सप्लाई सुनिश्चित करने की व्यवस्था कर रही है। ग्लोबल कंपनियों का ध्यान अब इस शहर पर है, और विशाखापत्तनम में बन रहे शानदार भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसी विश्व स्तरीय सुविधाएं शहर की इस वैश्विक चमक को और भी ज्यादा बढ़ा देंगी।
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