सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Technology ›   Tech Diary ›   Lenovo Bets Big on India: AI Server Design, Manufacturing and Global Exports Planned

AI Servers: लेनोवो का बड़ा दांव; भारत बनेगा एआई सर्वर का ग्लोबल हब, डिजाइन से लेकर एक्सपोर्ट तक की तैयारी

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुयश पांडेय Updated Fri, 09 Jan 2026 11:58 AM IST
विज्ञापन
सार

ग्लोबल टेक कंपनी लेनोवो भारत को अपने इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। कंपनी भारत में एआई सर्वर का डिजाइन और निर्माण करेगी, जिन्हें न सिर्फ घरेलू बाजार बल्कि पूरी दुनिया में एक्सपोर्ट किया जाएगा।

Lenovo Bets Big on India: AI Server Design, Manufacturing and Global Exports Planned
एआई सर्वर (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : AI
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

Trending Videos

ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी लेनोवो भारत को अपने इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस के लिए एक प्रमुख एक्सपोर्ट हब में बदलने की योजना बना रही है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सर्वर का डिजाइन और निर्माण करेगी। इसे न केवल भारतीय बाजार में बेचा जाएगा बल्कि पूरी दुनिया में एक्सपोर्ट भी किया जाएगा।

बेंगलुरु में डिजाइन, पुदुचेरी में निर्माण

CES 2026 के दौरान पीटीआई से बात करते हुए, लेनोवो के इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस ग्रुप के वीपी और जनरल मैनेजर, स्कॉट टीज ने इस योजना का खुलासा किया। कंपनी अपनी बेंगलुरु स्थित डेवलपमेंट लैब का उपयोग एआई सर्वर सिस्टम को डिजाइन करने के लिए करेगी। डिजाइन किए गए इन सर्वर्स का उत्पादन लेनोवो की पुदुचेरी फैसिलिटी में किया जाएगा। स्कॉट टीज ने कहा, "हम अपने 'वन और टू-सॉकेट सिस्टम' को डिजाइन करने जा रहे हैं, जो भविष्य में एआई के वर्कहॉर्स माने जाएंगे। शुरुआत में हमारा फोकस 'इंडिया फॉर इंडिया' पर है। लेकिन हमारे वर्कफोर्स की क्वालिटी और फोन-पीसी निर्माण में मिली सफलता को देखते हुए, भविष्य में हम यहां से पूरी दुनिया के लिए सर्वर बनाएंगे"।

विज्ञापन
विज्ञापन

MSME और स्टार्टअप्स के लिए हाइब्रिड एआई मॉडल

छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) के लिए बड़े डाटा सेंटर्स का खर्चा उठाना मुश्किल होता है। इस पर सलाह देते हुए टीज ने 'हाइब्रिड एआई मॉडल' का सुझाव दिया। कंपनियों को भारी हार्डवेयर पर निवेश करने के बजाय क्लाउड प्रोवाइडर्स की मदद से मॉडल बनाना चाहिए। एक बार मॉडल बन जाने के बाद, उसे चलाने के लिए लैपटॉप या एज डिवाइसेज का इस्तेमाल किया जा सकता है, जो सस्ता और कम बिजली खपत वाला होता है।

सरकार के 'सॉवरेन एआई' विजन की तारीफ

लेनोवो ने भारत सरकार के 'सॉवरेन एआई' दृष्टिकोण की सराहना की। लेनोवो इंडिया उन कंपनियों में से एक है जिसे सरकार की 17,000 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना के लिए चुना गया है। कंपनी का मानना है कि भारत में एक बहुत ही एआई-फ्रेंडली सरकार है, जो भविष्य की ग्रोथ में बड़ी मदद करेगी।

लिक्विड कूलिंग से बचेगी बिजली

एआई डाटा सेंटर्स के जरिए भारी बिजली खपत और पर्यावरण चिंताओं पर बात करते हुए, लेनोवो ने लिक्विड कूलिंग तकनीक पर जोर दिया। आमतौर पर डाटा सेंटर्स में एयर कंडीशनिंग से लागत 40% तक बढ़ जाती है। लेनोवो अपनी 'नेपच्यून' लिक्विड कूलिंग तकनीक को बढ़ावा दे रहा है, जो बिजली की खपत को करीब 40% कम करती है और वेस्ट हीट को रिसाइकल करने में मदद करती है।

2030 तक 'टैलेंट' ही होगा किंग

जब उनसे पूछा गया कि 2030 तक कौन से देश एआई की दौड़ में आगे होंगे, तो उन्होंने साफ किया कि सिलिकॉन चिप्स या ऊर्जा नहीं, बल्कि 'वर्कफोर्स की तैयारी' विजेता तय करेगी। जो देश और कंपनियां अपने लोगों को एआई अपनाने में मदद करेंगी, वही भविष्य में राज करेंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest mobile reviews apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed