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अब मध्यस्थ नहीं सर्विस प्रोवाइडर है मेटा: बाल शोषण वाले कंटेंट पर कंपनी ने मानी गलती, क्या ली नई जिम्मेदारी?
Wed, 16 Sep 2026 05:00 PM IST
जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति शुक्ला
Updated Wed, 16 Sep 2026 05:00 PM IST
सार
मेटा ने भारत में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामले को लेकर अपना रुख बदल लिया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, मेटा ने माना है कि वह केवल एक मध्यस्थ नहीं बल्कि सर्विस प्रोवाइडर है, जिसके एल्गोरिदम कंटेंट की विजिबिलिटी तय करते हैं। साथ ही मेटा ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बच्चों के यौन शोषण (CSAM) से जुड़े कंटेंट की जानकारी भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को देने की बात कही है।
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बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों को लेकर मेटा ने बदला रुख
- फोटो : amarujala.com
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विस्तार
सरकारी सूत्रों के अनुसार सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के रेगुलेशन को लेकर एक खास अपडेट सामने आया है। अब तक खुद को सिर्फ एक सूचना साझा करने वाला मध्यस्थ बताने वाला मेटा अब अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों को नए सिरे से स्वीकार कर रहा है। मेटा अब सिर्फ एक मध्यस्थ नहीं, बल्कि एक सर्विस प्रोवाइडर बन गया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्लेटफॉर्म के एल्गोरिदम यह तय करते हैं कि कौन सा कंटेंट किसे दिखेगा, किस कंटेंट की विजिबिलिटी कितनी होगी और किसे बढ़ावा दिया जाएगा। जब एल्गोरिदम खुद कंटेंट की पहुंच तय करता है, तो प्लेटफॉर्म की भूमिका केवल एक जरिया बनने तक सीमित नहीं रह जाती।
जवाबदेही तय होना क्यों है जरूरी?
सरकारी सूत्रों ने साफ कहा है कि सर्विस प्रोवाइडर की अपनी कुछ जिम्मेदारियां तय होती हैं। सोशल मीडिया के इस दौर में जिम्मेदारी स्वीकार करने का मेटा का यह फैसला, पूरे सोशल मीडिया क्षेत्र में उसके रुख में आया एक बहुत बड़ा और निर्णायक बदलाव माना जा रहा है।
ये भी पढ़ें: मेटा का बड़ा कदम: क्या अब एजेंसी तक पहुंचेंगे बच्चों के यौन शोषण से जुड़े मामले? जानें क्या है नया फैसला
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मेटा ने मानी गलती, एजेंसियों को डेटा देने पर बनी सहमति
सूत्रों के अनुसार, मेटा ने साफ तौर पर अपनी गलती स्वीकार कर ली है। कंपनी ने बच्चों के शोषण से जुड़े किसी भी प्रकार के कंटेंट की जानकारी सीधे भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा करने का वादा किया है।
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जवाबदेही तय होना क्यों है जरूरी?
सरकारी सूत्रों ने साफ कहा है कि सर्विस प्रोवाइडर की अपनी कुछ जिम्मेदारियां तय होती हैं। सोशल मीडिया के इस दौर में जिम्मेदारी स्वीकार करने का मेटा का यह फैसला, पूरे सोशल मीडिया क्षेत्र में उसके रुख में आया एक बहुत बड़ा और निर्णायक बदलाव माना जा रहा है।
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मेटा ने मानी गलती, एजेंसियों को डेटा देने पर बनी सहमति
सूत्रों के अनुसार, मेटा ने साफ तौर पर अपनी गलती स्वीकार कर ली है। कंपनी ने बच्चों के शोषण से जुड़े किसी भी प्रकार के कंटेंट की जानकारी सीधे भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा करने का वादा किया है।