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Recharge Plans: गुपचुप तरीके से 16% तक महंगे हुए मोबाइल रिचार्ज, अक्टूबर-दिसंबर में फिर बढ़ेंगे दाम?
Thu, 20 Aug 2026 11:27 AM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Thu, 20 Aug 2026 11:27 AM IST
सार
टेलीकॉम कंपनियों ने गुपचुप तरीके से मोबाइल रिचार्ज 16 फीसदी तक महंगे कर दिए हैं। कई सस्ते प्लान बंद होने का सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर-दिसंबर 2026 के बीच टैरिफ में 10-15 प्रतिशत का एक और बड़ा उछाल आ सकता है।
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मोबाइल टैरिफ
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
स्मार्टफोन आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा है, लेकिन इसे चालू रखने के लिए होने वाला खर्च अब आम आदमी का बजट बिगाड़ रहा है। अगर आप भी लगातार महंगे होते मोबाइल रिचार्ज से परेशान हैं, तो आपके लिए एक और निराशाजनक खबर है। जुलाई 2024 के बाद से भले ही टेलीकॉम कंपनियों ने टैरिफ बढ़ाने का कोई बड़ा और आधिकारिक एलान न किया हो, लेकिन बाजार में गुपचुप बढ़ोतरी का खेल धड़ल्ले से जारी है। कंपनियों ने बेहद चालाकी से अपने सस्ते प्लान्स को लिस्ट से गायब कर दिया है, जिसके चलते ग्राहकों को मजबूरी में अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ रही है।
Airtel ने कर दी इन सस्ते प्लान्स की छुट्टी
इस गुपचुप महंगाई का सबसे बड़ा और ताजा उदाहरण Airtel के हालिया कदमों में देखा जा सकता है। कंपनी ने ग्राहकों के बीच लोकप्रिय रहने वाले 249 रुपये, 299 रुपये, 579 रुपये, 619 रुपये और 649 रुपये वाले प्रीपेड प्लान्स को अपनी पेशकश से पूरी तरह हटा दिया है। इसका सीधा और स्पष्ट असर उपभोक्ता की जेब पर पड़ा है।
इसे एक सीधे गणित से समझें तो, जो मोबाइल यूजर पहले 299 रुपये खर्च करके 28 दिनों की वैधता के साथ रोजाना 1.5GB डेटा का लाभ उठाता था, उसे अब ठीक उन्हीं सुविधाओं के लिए लगभग 349 रुपये का भारी भरकम भुगतान करना पड़ रहा है। सीधे शब्दों में कहें तो ग्राहक के खर्च में रातों-रात लगभग 16 फीसदी का इजाफा हो गया है। टेलीकॉम इंडस्ट्री के विशेषज्ञ इसी बारीक रणनीति को 'साइलेंट प्राइस हाइक' का नाम दे रहे हैं।
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Jio के 'प्राइम मेंबरशिप' की वापसी
दूसरी ओर, देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Jio ने अपना राजस्व बढ़ाने के लिए एक अलग ही रास्ता चुना है। कंपनी ने सीधे तौर पर प्लान की कीमतें बढ़ाने के बजाय अपनी जियो प्राइम मेंबरशिप को नए सिरे से लॉन्च कर दिया है। इस खास सदस्यता को हासिल करने के लिए ग्राहकों को सालाना 300 रुपये चुकाने होंगे। कंपनी का दावा है कि इस मेंबरशिप की अवधि के दौरान संबंधित ग्राहक के लिए किसी भी मोबाइल प्लान की कीमत नहीं बढ़ाई जाएगी। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस सब्सक्रिप्शन का असली फायदा ग्राहकों को तभी मिलेगा, जब कंपनी भविष्य में वास्तव में अपने टैरिफ में इजाफा करेगी।
अक्टूबर-दिसंबर में आ सकता है नया टैरिफ शॉक
अगर आपको लग रहा है कि महंगे मोबाइल बिल का यह सिलसिला फिलहाल यहीं थम जाएगा, तो मार्केट रिसर्च और नामी ब्रोकरेज फर्म्स की नई रिपोर्ट्स आपकी चिंता और बढ़ा सकती हैं। इन रिपोर्ट्स में साफ तौर पर इशारा किया गया है कि आने वाले कुछ महीनों में मोबाइल टैरिफ में एक बार फिर बड़ा भूचाल देखने को मिल सकता है।
अनुमान लगाया जा रहा है कि अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही के बीच सभी प्रीपेड प्लान्स की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी की जा सकती है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि अभी तक जियो, एयरटेल या वोडाफोन-आइडिया जैसी किसी भी प्रमुख कंपनी की ओर से भविष्य में होने वाली इस संभावित बढ़ोतरी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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Airtel ने कर दी इन सस्ते प्लान्स की छुट्टी
इस गुपचुप महंगाई का सबसे बड़ा और ताजा उदाहरण Airtel के हालिया कदमों में देखा जा सकता है। कंपनी ने ग्राहकों के बीच लोकप्रिय रहने वाले 249 रुपये, 299 रुपये, 579 रुपये, 619 रुपये और 649 रुपये वाले प्रीपेड प्लान्स को अपनी पेशकश से पूरी तरह हटा दिया है। इसका सीधा और स्पष्ट असर उपभोक्ता की जेब पर पड़ा है।
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इसे एक सीधे गणित से समझें तो, जो मोबाइल यूजर पहले 299 रुपये खर्च करके 28 दिनों की वैधता के साथ रोजाना 1.5GB डेटा का लाभ उठाता था, उसे अब ठीक उन्हीं सुविधाओं के लिए लगभग 349 रुपये का भारी भरकम भुगतान करना पड़ रहा है। सीधे शब्दों में कहें तो ग्राहक के खर्च में रातों-रात लगभग 16 फीसदी का इजाफा हो गया है। टेलीकॉम इंडस्ट्री के विशेषज्ञ इसी बारीक रणनीति को 'साइलेंट प्राइस हाइक' का नाम दे रहे हैं।
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Jio के 'प्राइम मेंबरशिप' की वापसी
दूसरी ओर, देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Jio ने अपना राजस्व बढ़ाने के लिए एक अलग ही रास्ता चुना है। कंपनी ने सीधे तौर पर प्लान की कीमतें बढ़ाने के बजाय अपनी जियो प्राइम मेंबरशिप को नए सिरे से लॉन्च कर दिया है। इस खास सदस्यता को हासिल करने के लिए ग्राहकों को सालाना 300 रुपये चुकाने होंगे। कंपनी का दावा है कि इस मेंबरशिप की अवधि के दौरान संबंधित ग्राहक के लिए किसी भी मोबाइल प्लान की कीमत नहीं बढ़ाई जाएगी। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस सब्सक्रिप्शन का असली फायदा ग्राहकों को तभी मिलेगा, जब कंपनी भविष्य में वास्तव में अपने टैरिफ में इजाफा करेगी।
अक्टूबर-दिसंबर में आ सकता है नया टैरिफ शॉक
अगर आपको लग रहा है कि महंगे मोबाइल बिल का यह सिलसिला फिलहाल यहीं थम जाएगा, तो मार्केट रिसर्च और नामी ब्रोकरेज फर्म्स की नई रिपोर्ट्स आपकी चिंता और बढ़ा सकती हैं। इन रिपोर्ट्स में साफ तौर पर इशारा किया गया है कि आने वाले कुछ महीनों में मोबाइल टैरिफ में एक बार फिर बड़ा भूचाल देखने को मिल सकता है।
अनुमान लगाया जा रहा है कि अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही के बीच सभी प्रीपेड प्लान्स की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी की जा सकती है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि अभी तक जियो, एयरटेल या वोडाफोन-आइडिया जैसी किसी भी प्रमुख कंपनी की ओर से भविष्य में होने वाली इस संभावित बढ़ोतरी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।