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चैटजीपीटी का 'टीन मोड' लॉन्च: अब बच्चे चैटबॉट से सीधे कॉपी नहीं कर पाएंगे होमवर्क, गलत कंटेंट से भी बचाएगा
Thu, 20 Aug 2026 08:17 AM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Thu, 20 Aug 2026 08:17 AM IST
सार
किशोरों के लिए चैटजीपीटी को ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में ओपनएआई ने नया 'टीन मोड' पेश किया है। इसमें आत्म-हानि, हिंसा, यौन सामग्री और अन्य संवेदनशील विषयों से जुड़ी बातचीत पर अतिरिक्त सुरक्षा लागू होगी। पढ़ाई के दौरान भी चैटबॉट सीधे जवाब देने से बचेगा। कंपनी के मुताबिक, चैटजीपीटी के टीन मोड को 13-17 साल के उम्र के बच्चों के लिए लाया गया है।
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चैटजीपीटी (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : IANS
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विस्तार
किशोरों के लिए चैटजीपीटी को ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में ओपनएआई ने नया 'टीन मोड' पेश किया है। इसमें आत्म-हानि, हिंसा, यौन सामग्री और अन्य संवेदनशील विषयों से जुड़ी बातचीत पर अतिरिक्त सुरक्षा लागू होगी। पढ़ाई के दौरान भी चैटबॉट सीधे जवाब देने से बचेगा। कंपनी के मुताबिक, चैटजीपीटी के टीन मोड को 13-17 साल के उम्र के बच्चों के लिए लाया गया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अंधाधुंध इस्तेमाल और बच्चों पर इसके पड़ रहे नकारात्मक प्रभावों को लेकर दुनिया भर में चिंताएं बढ़ रही हैं। इसी बीच, दिग्गज टेक कंपनी ओपनएआई (OpenAI) ने मंगलवार को किशोरों को ध्यान में रखते हुए अपना नया 'चैटजीपीटी फॉर टीन्स' मोड (ChatGPT for Teens) लॉन्च किया है। इस खास मोड का मुख्य उद्देश्य कम उम्र के यूजर्स को एक सुरक्षित डिजिटल माहौल देना है, जिससे वे बिना किसी खतरे के इस तकनीक का लाभ उठा सकें। हाल के वर्षों में कंपनी पर किशोरों की सुरक्षा को नजरअंदाज करने के कई गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद एआई को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अंधाधुंध इस्तेमाल और बच्चों पर इसके पड़ रहे नकारात्मक प्रभावों को लेकर दुनिया भर में चिंताएं बढ़ रही हैं। इसी बीच, दिग्गज टेक कंपनी ओपनएआई (OpenAI) ने मंगलवार को किशोरों को ध्यान में रखते हुए अपना नया 'चैटजीपीटी फॉर टीन्स' मोड (ChatGPT for Teens) लॉन्च किया है। इस खास मोड का मुख्य उद्देश्य कम उम्र के यूजर्स को एक सुरक्षित डिजिटल माहौल देना है, जिससे वे बिना किसी खतरे के इस तकनीक का लाभ उठा सकें। हाल के वर्षों में कंपनी पर किशोरों की सुरक्षा को नजरअंदाज करने के कई गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद एआई को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है।
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संवेदनशील और गलत सामग्री पर लगेगी लगाम
अपने आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट में ओपनएआई ने स्पष्ट किया है कि यह नया मोड पूरी तरह से किशोरों की सुरक्षा पर केंद्रित है। इस अपडेट के बाद चैटबॉट अपने आप ऐसी बातचीत को सीमित कर देगा जो बच्चों के लिए मानसिक या शारीरिक रूप से खतरनाक हो सकती है। इनमें हिंसा, यौन सामग्री, खाने-पीने से जुड़े विकार और खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे संवेदनशील विषय शामिल हैं। इसके अलावा, जिन माता-पिता ने पैरेंटल कंट्रोल और नोटिफिकेशन का विकल्प चुना है, उन्हें उच्च-जोखिम वाले मामलों में तुरंत अलर्ट भी भेजा जाएगा। साथ ही, कंपनी ने अपने सिस्टम को इतना मजबूत किया है कि चैटबॉट अब यूजर्स को यह महसूस नहीं होने देगा कि उसके अंदर कोई व्यक्तिगत मानवीय भावनाएं हैं।
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