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NASA: नासा का 30 मिलियन डॉलर का रेस्क्यू मिशन फेल, अंतरिक्ष में ही जलकर खाक होगा 20 साल पुराना 'स्विफ्ट' टेलीस

Thu, 20 Aug 2026 08:58 AM IST
नीतीश कुमार टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Thu, 20 Aug 2026 08:58 AM IST
सार

NASA Swift Telescope: नासा का 20 साल पुराना स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप अब अंतरिक्ष से पृथ्वी के वायुमंडल में गिरकर नष्ट हो जाएगा। इसे बचाने के लिए भेजा गया 30 मिलियन डॉलर का 'लिंक' रेस्क्यू मिशन तकनीकी खामियों के कारण रद्द कर दिया गया है।

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nasa swift telescope rescue mission fails fiery reentry hubble update
तकनीका कारणों से फेल हुआ मिशन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एआई जनरेटेड

विस्तार

ब्रह्मांड के सबसे बड़े रहस्यों और तारों के विस्फोटों पर नजर रखने वाले नासा (NASA) के 'स्विफ्ट' स्पेस टेलीस्कोप का सफर अब अपने अंत की ओर है। इस लगातार नीचे गिरते हुए ऑब्जर्वेटरी को बचाने के लिए शुरू किया गया ऐतिहासिक रेस्क्यू मिशन बुधवार को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया गया। अब यह तय हो गया है कि दो दशकों तक अंतरिक्ष विज्ञान की सेवा करने वाला यह टेलीस्कोप इसी साल पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते ही जलकर राख हो जाएगा।
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तकनीकी खामियों की भेंट चढ़ा 30 मिलियन डॉलर का रेस्क्यू मिशन
नासा और कैटेलिस्ट स्पेस टेक्नोलॉजीज ने यह निराशाजनक खबर 'लिंक' स्पेसक्राफ्ट के लॉन्च होने के लगभग एक महीने बाद दी है। कैटेलिस्ट कंपनी के अनुसार, उनका स्पेसक्राफ्ट 'लिंक' अब स्विफ्ट को पकड़ने और उसे ऊंची कक्षा में धकेलने का प्रयास नहीं करेगा। इसके पीछे मुख्य कारण स्पेसक्राफ्ट के कंट्रोल सिस्टम में आई भारी तकनीकी खराबी है।
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नासा ने इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए कैटेलिस्ट को 30 मिलियन डॉलर का भुगतान किया था, ताकि स्विफ्ट को एक सुरक्षित और लंबे समय तक टिकने वाली कक्षा में स्थापित किया जा सके। लेकिन जुलाई की शुरुआत में लॉन्च होने के कुछ ही हफ्तों बाद रेस्क्यू स्पेसक्राफ्ट अनियंत्रित होकर घूमने लगा। हालांकि, फ्लाइट कंट्रोलर्स ने लिंक की इस अनियंत्रित गति को किसी तरह धीमा कर लिया था, लेकिन अंतरिक्ष की कक्षा में इसकी सही दिशा और पोजिशनिंग को लेकर लगातार गंभीर समस्याएं बनी रहीं।
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अत्यधिक सौर गतिविधियों ने बिगाड़ा खेल
साल 2004 में लॉन्च किया गया स्विफ्ट टेलीस्कोप पिछले 20 वर्षों से गामा-रे बर्स्ट और फटते हुए तारों जैसी विशाल ब्रह्मांडीय घटनाओं को बेहतरीन तरीके से ट्रैक कर रहा था। लेकिन सूर्य की अत्यधिक तीव्र गतिविधियों के कारण यह उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से अपनी ऊंचाई खोने लगा। पिछले सप्ताह तक यह सिर्फ 216 मील (347 किलोमीटर) की ऊंचाई पर चक्कर लगा रहा था। इसे तेजी से नीचे गिरने से रोकने के लिए इस साल की शुरुआत में ही इसके वैज्ञानिक उपकरणों को बंद कर दिया गया था।

नासा के प्रशासक जारेड इसाकमैन ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि भले ही यह वह परिणाम नहीं है जिसके लिए पूरी टीम काम कर रही थी, लेकिन इस मिशन को आजमाने का उनका फैसला बिल्कुल सही था। वहीं, एक सांत्वना पुरस्कार के रूप में कैटेलिस्ट भविष्य के बचाव अभियानों के लिए अपनी तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन करने के लिए स्विफ्ट के करीब 'लिंक' का संचालन जारी रखेगा। कैटेलिस्ट के सीईओ गोनही ली ने भी इसे एक उच्च-जोखिम वाला महत्वाकांक्षी मिशन बताया, जिसे एक साल से भी कम समय में तैयार किया गया था और जिससे उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला।


क्या 'हबल' स्पेस टेलीस्कोप पर भी मंडरा रहा है खतरा?
स्विफ्ट रेस्क्यू मिशन के फेल होने से अब नासा के एक और प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। अगर यह मिशन सफल होता, तो अगला नंबर 36 साल पुराने 'हबल' स्पेस टेलीस्कोप का था, जिसे अपनी उम्र बढ़ाने के लिए एक ऑर्बिटल बूस्ट की सख्त जरूरत है। हाल ही में सूर्य से निकले भीषण तूफानों के कारण हबल की कक्षा भी लगातार नीचे गिर रही है। स्विफ्ट को बचाने का प्रयास विफल होने के बाद अब यह साफ नहीं है कि हबल टेलीस्कोप को बचाने के लिए भविष्य में नासा कोई ऐसा बड़ा कदम उठाएगा या नहीं।
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