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'सेमीकंडक्टर पर होता जापान का कब्जा': Nvidia के सीईओ बोले- ताइवान ने अमेरिका की चिप कंपनियों को बचाया
Fri, 24 Jul 2026 11:09 AM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Fri, 24 Jul 2026 11:09 AM IST
सार
Nvidia के सीईओ जेनसन हुआंग ने कहा है कि ताइवान ने अमेरिकी सेमीकंडक्टर और कंप्यूटिंग उद्योग को कमजोर नहीं, बल्कि बचाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ताइवान का सहयोग नहीं मिलता, तो जापान इस क्षेत्र में अमेरिका से आगे निकल सकता था। उनका बयान ऐसे समय आया है जब डोनाल्ड ट्रंप लगातार ताइवान पर अमेरिकी चिप इंडस्ट्री "छीनने" का आरोप लगाते रहे हैं।
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जेन्सेन हुआंग, सीईओ, एनवीडिया
- फोटो : अमर उजाला (एआई जनरेटेड)
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विस्तार
टेक जगत में इन दिनों एक बयान काफी चर्चा में है। दिग्गज टेक कंपनी एनवीडिया (Nvidia) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जेन्सेन हुआंग ने ताइवान का पुरजोर समर्थन किया है। अमेरिका के टेक्सास स्थित फोर्ट वर्थ में ताइवान की मशहूर कंपनी विस्ट्रॉन कॉर्प (Wistron Corp) के पहले अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के उद्घाटन के मौके पर हुआंग ने स्पष्ट किया कि ताइवान ने अमेरिकी सेमीकंडक्टर और कंप्यूटिंग उद्योग को नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि उसे जीवनदान दिया है।
'किसी ने सिर पर बंदूक नहीं रखी'
ताइवानी कंपनियों के अमेरिका में बढ़ते निवेश पर बात करते हुए हुआंग ने कहा कि ये कंपनियां किसी बाहरी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी मर्जी और दूरदर्शिता से अमेरिका का रुख कर रही हैं। हुआंग ने साफ लहजे में कहा, "ताइवान यह सब अपनी समझदारी से कर रहा है, किसी ने उसके सिर पर बंदूक नहीं रखी है।" उनका मानना है कि यह लंबी कॉर्पोरेट साझेदारी आपसी भरोसे पर टिकी है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि इन कंपनियों के फैसलों के पीछे अमेरिकी सरकार की सब्सिडी का कोई प्रभाव है या नहीं।
यह भी पढ़ें: Meta का नया 'टीन सेफ्टी' फीचर: बच्चे ने की सेल्फ-हार्म की बात, तो तुरंत पैरेंट्स को मिलेगा अलर्ट
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...नहीं तो जापान कर लेता कब्जा
पत्रकारों से बातचीत करते हुए हुआंग ने एक दिलचस्प दावा किया। उन्होंने कहा कि यदि ताइवान का तकनीकी योगदान नहीं होता, तो अमेरिका के पूरे चिप सेक्टर पर जापान अपना आधिपत्य जमा लेता। उन्होंने वाशिंगटन के नीति-निर्माताओं को नसीहत देते हुए कहा कि अमेरिका में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के सुनहरे दौर की वापसी के लिए ताइवानी कंपनियों के साथ व्यापारिक साझेदारी बेहद अहम है।
ट्रंप के दावों से अलग है हुआंग की राय
यह भी पढ़ें: सर्वे में बड़ा खुलासा: 81% मोबाइल यूजर्स हो रहे 'डार्क पैटर्न' का शिकार; Jio, Airtel और Vi पर उठे सवाल
अमेरिका में Nvidia के सुपरचिप्स का होगा उत्पादन
विस्ट्रॉन की फोर्ट वर्थ स्थित 'D1 फैसिलिटी' अमेरिका में उसका पहला मैन्युफैक्चरिंग हब है। इस प्लांट ने पहले ही एनवीडिया की बहुचर्चित 'GB300 ग्रेस ब्लैकवेल अल्ट्रा सुपरचिप' (GB300 Grace Blackwell Ultra Superchip) का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर दिया है। भविष्य में इस प्लांट से एनवीडिया की अत्याधुनिक 'वेरा रुबिन सुपरचिप' (Vera Rubin Superchip) का उत्पादन होने की भी उम्मीद है।
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'किसी ने सिर पर बंदूक नहीं रखी'
ताइवानी कंपनियों के अमेरिका में बढ़ते निवेश पर बात करते हुए हुआंग ने कहा कि ये कंपनियां किसी बाहरी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी मर्जी और दूरदर्शिता से अमेरिका का रुख कर रही हैं। हुआंग ने साफ लहजे में कहा, "ताइवान यह सब अपनी समझदारी से कर रहा है, किसी ने उसके सिर पर बंदूक नहीं रखी है।" उनका मानना है कि यह लंबी कॉर्पोरेट साझेदारी आपसी भरोसे पर टिकी है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि इन कंपनियों के फैसलों के पीछे अमेरिकी सरकार की सब्सिडी का कोई प्रभाव है या नहीं।
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...नहीं तो जापान कर लेता कब्जा
पत्रकारों से बातचीत करते हुए हुआंग ने एक दिलचस्प दावा किया। उन्होंने कहा कि यदि ताइवान का तकनीकी योगदान नहीं होता, तो अमेरिका के पूरे चिप सेक्टर पर जापान अपना आधिपत्य जमा लेता। उन्होंने वाशिंगटन के नीति-निर्माताओं को नसीहत देते हुए कहा कि अमेरिका में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के सुनहरे दौर की वापसी के लिए ताइवानी कंपनियों के साथ व्यापारिक साझेदारी बेहद अहम है।
ट्रंप के दावों से अलग है हुआंग की राय
- भले ही हुआंग ने सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका यह बयान ट्रंप के उन दावों को सिरे से खारिज करता है, जिनमें वे ताइवान पर अमेरिकी चिप उद्योग को "चुराने" का आरोप लगाते रहे हैं।
- गौरतलब है कि मई में फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने इन्ही आरोपों को दोहराते हुए ताइवानी सेमीकंडक्टर पर भारी टैरिफ लगाने की वकालत की थी। ताइवान सरकार भी ट्रंप के इन आरोपों को निराधार बता चुकी है। हुआंग ने ताइवान को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का सबसे उन्नत केंद्र बताते हुए कहा कि अमेरिका को ताइवानी निवेशों की कद्र करनी चाहिए।
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अमेरिका में Nvidia के सुपरचिप्स का होगा उत्पादन
विस्ट्रॉन की फोर्ट वर्थ स्थित 'D1 फैसिलिटी' अमेरिका में उसका पहला मैन्युफैक्चरिंग हब है। इस प्लांट ने पहले ही एनवीडिया की बहुचर्चित 'GB300 ग्रेस ब्लैकवेल अल्ट्रा सुपरचिप' (GB300 Grace Blackwell Ultra Superchip) का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर दिया है। भविष्य में इस प्लांट से एनवीडिया की अत्याधुनिक 'वेरा रुबिन सुपरचिप' (Vera Rubin Superchip) का उत्पादन होने की भी उम्मीद है।