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पेपाल भारत में 25% कर्मचारियों की करेगी छंटनी: लागत कम करने की योजना, इस साल 1.30 लाख लोगों की गई नौकरी
Fri, 04 Sep 2026 09:36 AM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Fri, 04 Sep 2026 09:36 AM IST
सार
टेक इंडस्ट्री में छंटनी का दौर थमता नहीं दिख रहा है। डिजिटल पेमेंट कंपनी पेपाल (PayPal) ने भारत में अपने 25 प्रतिशत कर्मचारियों को निकालने का फैसला किया है। एआई के बढ़ते इस्तेमाल और लागत कम करने की होड़ में साल 2026 में अब तक 1.3 लाख से ज्यादा टेक पेशेवर अपनी नौकरी गंवा चुके हैं।
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अमेरिकी पेमेंट प्लेटफॉर्म है पेपाल
- फोटो : पेपाल
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विस्तार
टेक इंडस्ट्री में काम करने वाले पेशेवरों के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। दुनियाभर की दिग्गज टेक कंपनियों में नौकरियों पर संकट के गहरे बादल छाए हुए हैं। डिजिटल पेमेंट सेक्टर की जानी-मानी कंपनी PayPal ने भारत में बड़े पैमाने पर छंटनी करने का सख्त कदम उठाया है। कंपनी ने अपने भारतीय वर्कफोर्स में करीब 25 फीसदी की कटौती करने का एलान किया है। इस फैसले ने आईटी सेक्टर में काम कर रहे युवाओं की चिंता को एक बार फिर से बढ़ा दिया है।
PayPal इंडिया में बड़े पैमाने पर छंटनी
भारत में PayPal के कुल 6,700 कर्मचारी काम करते हैं, जिनमें से 1,600 से अधिक लोगों को इस छंटनी का सामना करना पड़ रहा है। कई कर्मचारियों की नौकरी जा चुकी है और बाकी छंटनी की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। कंपनी के एक प्रवक्ता ने इस भारी कटौती को स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह कदम वैश्विक संचालन को पहले से ज्यादा सरल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए उठाया गया है। इसका मुख्य लक्ष्य काम की गति को तेज करना और कंपनी के दीर्घकालिक विकास को मजबूत आधार देना है। यह कार्रवाई दुनिया भर की टेक कंपनियों में चल रही कॉस्ट-कटिंग की उसी लहर का हिस्सा है, जिसका असर हर बड़ी कंपनी पर दिख रहा है।
टेक इंडस्ट्री में छंटनी की सुनामी
साल 2026 टेक पेशेवरों के लिए अब तक किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। इस साल अब तक अमेजन, मेटा, ओरेकल, उबर और पेपाल जैसी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों को मिलाकर कुल 1.30 लाख से ज्यादा लोग बेरोजगार हो चुके हैं। राइड-शेयरिंग कंपनी उबर ने अपने वैश्विक वर्कफोर्स से 10 प्रतिशत कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इस छंटनी में लगभग 3,300 लोगों की नौकरी गई है। महामारी के बाद से इसे उबर की सबसे बड़ी छंटनी माना जा रहा है।
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महज दस दिनों में हजारों नौकरियां खत्म
नौकरियों पर नजर रखने वाले वैश्विक ट्रैकर प्लेटफॉर्म Layoffs.fyi के आंकड़े और भी डराने वाले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बीते केवल दस दिनों के भीतर जोमाटो, एपल, ओरेकल और पेपाल जैसी नामी कंपनियों ने 6,300 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है।
आखिर क्यों जा रही हैं नौकरियां?
टेक उद्योग में हो रही इस भारी छंटनी के पीछे कई बड़े कारण छिपे हैं। सबसे बड़ा कारण कंपनियों का जनरेटिव एआई और ऑटोमेशन टूल्स की तरफ बढ़ता झुकाव है। कंपनियां अब इंसानी काम को बोट्स के हवाले कर रही हैं ताकि लंबे समय की लागत बचाई जा सके। कर्मचारियों को निकालकर बचाए गए पैसों को सीधे क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई चिप्स और नए डाटा सेंटर्स के निर्माण में निवेश किया जा रहा है। इसके अलावा, कोरोना महामारी के दौरान इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ने पर इन कंपनियों ने अंधाधुंध भर्तियां की थीं। अब जब बाजार में मांग सामान्य हो गई है, तो वे अपने आकार को छोटा और चुस्त बनाने में जुटी हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई भी इस छंटनी की एक बड़ी वजह बनी हुई है।
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PayPal इंडिया में बड़े पैमाने पर छंटनी
भारत में PayPal के कुल 6,700 कर्मचारी काम करते हैं, जिनमें से 1,600 से अधिक लोगों को इस छंटनी का सामना करना पड़ रहा है। कई कर्मचारियों की नौकरी जा चुकी है और बाकी छंटनी की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। कंपनी के एक प्रवक्ता ने इस भारी कटौती को स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह कदम वैश्विक संचालन को पहले से ज्यादा सरल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए उठाया गया है। इसका मुख्य लक्ष्य काम की गति को तेज करना और कंपनी के दीर्घकालिक विकास को मजबूत आधार देना है। यह कार्रवाई दुनिया भर की टेक कंपनियों में चल रही कॉस्ट-कटिंग की उसी लहर का हिस्सा है, जिसका असर हर बड़ी कंपनी पर दिख रहा है।
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टेक इंडस्ट्री में छंटनी की सुनामी
साल 2026 टेक पेशेवरों के लिए अब तक किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। इस साल अब तक अमेजन, मेटा, ओरेकल, उबर और पेपाल जैसी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों को मिलाकर कुल 1.30 लाख से ज्यादा लोग बेरोजगार हो चुके हैं। राइड-शेयरिंग कंपनी उबर ने अपने वैश्विक वर्कफोर्स से 10 प्रतिशत कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इस छंटनी में लगभग 3,300 लोगों की नौकरी गई है। महामारी के बाद से इसे उबर की सबसे बड़ी छंटनी माना जा रहा है।
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महज दस दिनों में हजारों नौकरियां खत्म
नौकरियों पर नजर रखने वाले वैश्विक ट्रैकर प्लेटफॉर्म Layoffs.fyi के आंकड़े और भी डराने वाले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बीते केवल दस दिनों के भीतर जोमाटो, एपल, ओरेकल और पेपाल जैसी नामी कंपनियों ने 6,300 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है।
आखिर क्यों जा रही हैं नौकरियां?
टेक उद्योग में हो रही इस भारी छंटनी के पीछे कई बड़े कारण छिपे हैं। सबसे बड़ा कारण कंपनियों का जनरेटिव एआई और ऑटोमेशन टूल्स की तरफ बढ़ता झुकाव है। कंपनियां अब इंसानी काम को बोट्स के हवाले कर रही हैं ताकि लंबे समय की लागत बचाई जा सके। कर्मचारियों को निकालकर बचाए गए पैसों को सीधे क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई चिप्स और नए डाटा सेंटर्स के निर्माण में निवेश किया जा रहा है। इसके अलावा, कोरोना महामारी के दौरान इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ने पर इन कंपनियों ने अंधाधुंध भर्तियां की थीं। अब जब बाजार में मांग सामान्य हो गई है, तो वे अपने आकार को छोटा और चुस्त बनाने में जुटी हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई भी इस छंटनी की एक बड़ी वजह बनी हुई है।