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गूगल को मिली बड़ी जीत: कोर्ट ने खारिज की एड-टेक बिजनेस के टुकड़े करने की मांग, लेकिन रखी ये कड़ी शर्त
Fri, 04 Sep 2026 10:05 AM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Fri, 04 Sep 2026 10:05 AM IST
सार
टेक दिग्गज गूगल को अमेरिकी फेडरल कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। अदालत ने न्याय विभाग की कंपनी के एड-टेक कारोबार को बांटने की मांग ठुकरा दी है। हालांकि, डिजिटल विज्ञापन बाजार में एकाधिकार खत्म करने के लिए कंपनी को अपनी व्यापारिक नीतियों में कड़े बदलाव करने होंगे।
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गूगल
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
डिजिटल विज्ञापन की दुनिया पर राज करने वाली टेक दिग्गज गूगल के लिए वाशिंगटन से एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद में अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने कंपनी के पक्ष में एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने अमेरिकी न्याय विभाग की उस सख्त मांग को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें गूगल के एड-टेक (Ad-Tech) कारोबार के टुकड़े करके उसे बेचने का दबाव बनाया जा रहा था। इस बड़े फैसले से कंपनी ने फिलहाल अपने ऊपर मंडरा रहा एक बहुत बड़ा संकट टाल दिया है।
अदालत ने शर्त के तहत दी राहत
अमेरिका के पूर्वी वर्जीनिया जिला कोर्ट की न्यायाधीश लियोनी एम. ब्रिंकेमा ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में अपना सीलबंद आदेश जारी किया है। जज ने यह साफ कर दिया है कि कंपनी को अपना एड-टेक बिजनेस बेचने या विभाजित करने की कोई कानूनी आवश्यकता नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने गूगल को पूरी तरह से क्लीन चिट नहीं दी है। बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और कंपनी का एकाधिकार खत्म करने के लिए अदालत ने गूगल को अपनी मौजूदा व्यावसायिक प्रथाओं और नीतियों में महत्वपूर्ण बदलाव करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
क्या थी न्याय विभाग की मांग?
दरअसल, अमेरिकी न्याय मंत्रालय लंबे समय से इस कोशिश में जुटा था कि डिजिटल विज्ञापन बाजार में गूगल का दबदबा कम किया जाए। मंत्रालय का सीधा आरोप था कि कंपनी ने बाजार पर एकाधिकार जमा रखा है, जिससे विज्ञापन क्षेत्र की अन्य कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी के चलते सरकार की ओर से अदालत पर लगातार यह दबाव बनाया जा रहा था कि गूगल को अपने एड-आइटम एक्सचेंज प्लेटफॉर्म और विज्ञापन टूल्स को बेचने के लिए मजबूर किया जाए। न्याय विभाग की मुख्य रणनीति कंपनी के विशाल एड-टेक साम्राज्य को अलग-अलग हिस्सों में बांटने की थी।
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भविष्य के लिए क्या हैं इसके मायने?
कोर्ट का यह फैसला गूगल के लिए एक बड़ी जीत तो है, लेकिन यह इस बात का भी स्पष्ट संकेत है कि आने वाले समय में टेक कंपनियों की मनमानी पर लगाम कसी जाएगी। अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए अब गूगल को अपनी विज्ञापन नीतियों को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाना होगा, ताकि छोटी कंपनियों को भी बाजार में समान अवसर मिल सकें। यह देखना दिलचस्प होगा कि कोर्ट की शर्तों को पूरा करने के लिए कंपनी अपने बिजनेस मॉडल में क्या नए बदलाव करती है।
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अदालत ने शर्त के तहत दी राहत
अमेरिका के पूर्वी वर्जीनिया जिला कोर्ट की न्यायाधीश लियोनी एम. ब्रिंकेमा ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में अपना सीलबंद आदेश जारी किया है। जज ने यह साफ कर दिया है कि कंपनी को अपना एड-टेक बिजनेस बेचने या विभाजित करने की कोई कानूनी आवश्यकता नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने गूगल को पूरी तरह से क्लीन चिट नहीं दी है। बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और कंपनी का एकाधिकार खत्म करने के लिए अदालत ने गूगल को अपनी मौजूदा व्यावसायिक प्रथाओं और नीतियों में महत्वपूर्ण बदलाव करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
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क्या थी न्याय विभाग की मांग?
दरअसल, अमेरिकी न्याय मंत्रालय लंबे समय से इस कोशिश में जुटा था कि डिजिटल विज्ञापन बाजार में गूगल का दबदबा कम किया जाए। मंत्रालय का सीधा आरोप था कि कंपनी ने बाजार पर एकाधिकार जमा रखा है, जिससे विज्ञापन क्षेत्र की अन्य कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी के चलते सरकार की ओर से अदालत पर लगातार यह दबाव बनाया जा रहा था कि गूगल को अपने एड-आइटम एक्सचेंज प्लेटफॉर्म और विज्ञापन टूल्स को बेचने के लिए मजबूर किया जाए। न्याय विभाग की मुख्य रणनीति कंपनी के विशाल एड-टेक साम्राज्य को अलग-अलग हिस्सों में बांटने की थी।
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भविष्य के लिए क्या हैं इसके मायने?
कोर्ट का यह फैसला गूगल के लिए एक बड़ी जीत तो है, लेकिन यह इस बात का भी स्पष्ट संकेत है कि आने वाले समय में टेक कंपनियों की मनमानी पर लगाम कसी जाएगी। अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए अब गूगल को अपनी विज्ञापन नीतियों को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाना होगा, ताकि छोटी कंपनियों को भी बाजार में समान अवसर मिल सकें। यह देखना दिलचस्प होगा कि कोर्ट की शर्तों को पूरा करने के लिए कंपनी अपने बिजनेस मॉडल में क्या नए बदलाव करती है।