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एपल 1: 50 साल पुराना एपल कंप्यूटर कराएगा करोड़ों की बारिश! नीलामी में ₹6.5 करोड़ से ज्यादा मिलने की उम्मीद
Fri, 04 Sep 2026 11:35 AM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Fri, 04 Sep 2026 11:35 AM IST
सार
साल 1976 में बना ऐतिहासिक और बेहद दुर्लभ Apple 1 कंप्यूटर एक बार फिर नीलाम होने जा रहा है। पूरी तरह चालू हालत में मौजूद इस अनोखे कंप्यूटर के साथ स्टीव जॉब्स का हाथ से लिखा लेटर भी मिलेगा। जानिए क्यों इतनी खास है यह विंटेज मशीन।
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एपल के पहले कंप्यूटर की होगी नीलामी
- फोटो : ईबे
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विस्तार
कंप्यूटर की दुनिया में क्रांति लाने वाली दिग्गज टेक कंपनी एपल का इतिहास जितना दिलचस्प है, उससे जुड़े पुराने गैजेट्स की कीमत आज उतनी ही हैरान करने वाली है। कंपनी के शुरुआती दौर का एक बेहद दुर्लभ Apple 1 कंप्यूटर एक बार फिर नीलामी के लिए पूरी तरह तैयार है।
प्रसिद्ध नीलामी घर बॉनहम्स के अनुसार, इस आगामी नीलामी में इस विंटेज कंप्यूटर की बोली 5 लाख डॉलर से 8 लाख डॉलर (करीब 4.2 करोड़ से 6.7 करोड़ रुपये) के बीच लगने का अनुमान है। गौरतलब है कि साल 1976 में जब यह कंप्यूटर पहली बार बाजार में आया था, तब इसकी कीमत मात्र 666.66 डॉलर थी।
स्टीव वोज्नियाक के ऑटोग्राफ वाला चालू मॉडल
'हैटफील्ड' नाम से मशहूर इस कंप्यूटर को एपल के शुरुआती दिनों में फ्रेड हैटफील्ड ने खरीदा था। यह कंप्यूटर Apple 1 रजिस्ट्री में 48वें नंबर पर दर्ज है। आज पूरी दुनिया में इस मॉडल के 75 से भी कम कंप्यूटर बचे हैं, और उनमें से जो आज भी पूरी तरह चालू हालत में हैं, उनकी संख्या तो उंगलियों पर गिनने लायक है। इस कंप्यूटर की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके मदरबोर्ड पर एपल के सह-संस्थापक और इस मशीन को डिजाइन करने वाले जीनियस स्टीव वोज्नियाक के हस्ताक्षर मौजूद हैं। इससे पहले साल 2013 में हुई नीलामी में यह मॉडल 6,71,400 डॉलर में बिका था।
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स्टीव जॉब्स का लिखा पत्र भी नीलामी में शामिल
इस ऐतिहासिक कंप्यूटर को खरीदने वाले नए मालिक को केवल मशीन ही नहीं, बल्कि इसके साथ स्टीव जॉब्स द्वारा साइन किया गया एक बेहद दुर्लभ लेटर भी मिलेगा। यह लेटर 70 के दशक की उस दिलचस्प कार्यशैली को दर्शाता है जब स्टीव जॉब्स खुद ग्राहकों की समस्याओं का समाधान किया करते थे। दरअसल, फ्रेड हैटफील्ड ने पहली पीढ़ी के इस कंप्यूटर के लिए सॉफ्टवेयर की कमी की शिकायत की थी, जिसके जवाब में स्टीव जॉब्स ने उन्हें ट्रेड-इन ऑफर की पेशकश की थी। हालांकि हैटफील्ड ने वह ऑफर ठुकरा दिया था और बाद में इसे एक संग्राहक को 40 हजार डॉलर में बेच दिया था।
दुनिया भर में बने थे सिर्फ 200 कंप्यूटर
एपल ने उस समय अपने Apple 1 के केवल 200 यूनिट्स ही बनाए थे। हालांकि कंपनी को घर-घर में असली पहचान Apple II के आने के बाद मिली, लेकिन इतिहास की शुरुआत इसी कंप्यूटर से हुई थी। सीमित संख्या और ऐतिहासिक महत्व के कारण आज दुनिया भर के कलेक्टर्स के बीच इस डिवाइस को लेकर गजब की दीवानगी देखने को मिलती है।
नीलामी से पहले चार बड़े शहरों का दौरा
आगामी 14 अक्टूबर को होने वाली नीलामी से पहले बॉनहम्स इस दुर्लभ कंप्यूटर को एक विशेष टूर पर ले जाएगा। टेक प्रेमियों और संग्राहकों के दीदार के लिए इसे 9 से 11 सितंबर तक लॉस एंजिल्स, 21 से 23 सितंबर तक बॉस्टन, 30 सितंबर से 1 अक्टूबर तक सैन फ्रांसिस्को और अंत में अक्टूबर की बिक्री के दौरान न्यूयॉर्क में प्रदर्शित किया जाएगा।
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प्रसिद्ध नीलामी घर बॉनहम्स के अनुसार, इस आगामी नीलामी में इस विंटेज कंप्यूटर की बोली 5 लाख डॉलर से 8 लाख डॉलर (करीब 4.2 करोड़ से 6.7 करोड़ रुपये) के बीच लगने का अनुमान है। गौरतलब है कि साल 1976 में जब यह कंप्यूटर पहली बार बाजार में आया था, तब इसकी कीमत मात्र 666.66 डॉलर थी।
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स्टीव वोज्नियाक के ऑटोग्राफ वाला चालू मॉडल
'हैटफील्ड' नाम से मशहूर इस कंप्यूटर को एपल के शुरुआती दिनों में फ्रेड हैटफील्ड ने खरीदा था। यह कंप्यूटर Apple 1 रजिस्ट्री में 48वें नंबर पर दर्ज है। आज पूरी दुनिया में इस मॉडल के 75 से भी कम कंप्यूटर बचे हैं, और उनमें से जो आज भी पूरी तरह चालू हालत में हैं, उनकी संख्या तो उंगलियों पर गिनने लायक है। इस कंप्यूटर की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके मदरबोर्ड पर एपल के सह-संस्थापक और इस मशीन को डिजाइन करने वाले जीनियस स्टीव वोज्नियाक के हस्ताक्षर मौजूद हैं। इससे पहले साल 2013 में हुई नीलामी में यह मॉडल 6,71,400 डॉलर में बिका था।
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स्टीव जॉब्स का लिखा पत्र भी नीलामी में शामिल
इस ऐतिहासिक कंप्यूटर को खरीदने वाले नए मालिक को केवल मशीन ही नहीं, बल्कि इसके साथ स्टीव जॉब्स द्वारा साइन किया गया एक बेहद दुर्लभ लेटर भी मिलेगा। यह लेटर 70 के दशक की उस दिलचस्प कार्यशैली को दर्शाता है जब स्टीव जॉब्स खुद ग्राहकों की समस्याओं का समाधान किया करते थे। दरअसल, फ्रेड हैटफील्ड ने पहली पीढ़ी के इस कंप्यूटर के लिए सॉफ्टवेयर की कमी की शिकायत की थी, जिसके जवाब में स्टीव जॉब्स ने उन्हें ट्रेड-इन ऑफर की पेशकश की थी। हालांकि हैटफील्ड ने वह ऑफर ठुकरा दिया था और बाद में इसे एक संग्राहक को 40 हजार डॉलर में बेच दिया था।
दुनिया भर में बने थे सिर्फ 200 कंप्यूटर
एपल ने उस समय अपने Apple 1 के केवल 200 यूनिट्स ही बनाए थे। हालांकि कंपनी को घर-घर में असली पहचान Apple II के आने के बाद मिली, लेकिन इतिहास की शुरुआत इसी कंप्यूटर से हुई थी। सीमित संख्या और ऐतिहासिक महत्व के कारण आज दुनिया भर के कलेक्टर्स के बीच इस डिवाइस को लेकर गजब की दीवानगी देखने को मिलती है।
नीलामी से पहले चार बड़े शहरों का दौरा
आगामी 14 अक्टूबर को होने वाली नीलामी से पहले बॉनहम्स इस दुर्लभ कंप्यूटर को एक विशेष टूर पर ले जाएगा। टेक प्रेमियों और संग्राहकों के दीदार के लिए इसे 9 से 11 सितंबर तक लॉस एंजिल्स, 21 से 23 सितंबर तक बॉस्टन, 30 सितंबर से 1 अक्टूबर तक सैन फ्रांसिस्को और अंत में अक्टूबर की बिक्री के दौरान न्यूयॉर्क में प्रदर्शित किया जाएगा।