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Samsung ने खोला खजाना: 78 हजार कर्मचारियों को मिल सकते हैं 3-3 करोड़ रुपये बोनस; जानिए वजह
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Wed, 27 May 2026 06:43 PM IST
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सार
Samsung Bonus: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग ने सैमसंग के 78,000 कर्मचारियों की किस्मत चमका दी है। कंपनी दक्षिण कोरिया में अपने कर्मचारियों को 3-3 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बोनस देने की तैयारी कर रही है। इस फैसले से चिप इंजीनियर्स का रुतबा रातों-रात डॉक्टरों और वकीलों के बराबर हो गया है।
सैमसंग और कर्मचारी यूनियन के बीच हुई डील
- फोटो : Samsung
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विस्तार
सैमसंग के 78,000 से ज्यादा कर्मचारी कंपनी के एक फैसले से जल्द ही करोड़पति बनने वाले हैं। दरअसल, सैमसंग मैनेजमेंट और कंपनी यूनियन के बीच एक ऐतिहासिक डील हुई है। इस डील के तहत कंपनी के घरेलू वर्कफोर्स (कुल 1,25,000) में से लगभग 78,000 कर्मचारियों को इस साल भारी-भरकम बोनस मिलने वाला है। बाजार के अनुमानों के मुताबिक, प्रत्येक कर्मचारी को लगभग 3,70,000 डॉलर (करीब 3 करोड़ रुपये) का वार्षिक बोनस मिल सकता है।
यूनियन ने अपने बयान में बताया कि 6 दिनों तक चले इलेक्ट्रॉनिक मतदान में 73 प्रतिशत से ज्यादा सदस्यों ने इस डील पर मुहर लगा दी है।
सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स की बात करें, तो कंपनी अकेले दक्षिण कोरिया की जीडीपी (GDP) में लगभग 12.5 प्रतिशत का योगदान देती है। वहीं, देश के कुल निर्यात में मेमोरी चिप्स की हिस्सेदारी करीब 35 प्रतिशत है। अगर कर्मचारी हड़ताल पर चले जाते तो इससे कंपनी को अरबों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ता।
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इसी साल अप्रैल में सैमसंग ने बताया कि उसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर 750 फीसदी उछल गया है। इसी जादुई मुनाफे के दम पर इस महीने कंपनी का मार्केट कैप भी पहली बार 1 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया। इसी मुनाफे की बारिश का सीधा फायदा अब कंपनी के 1,25,000 घरेलू कर्मचारियों में से 78,000 योग्य कर्मचारियों को मिलने जा रहा है।
यूनियन ने अपने बयान में बताया कि 6 दिनों तक चले इलेक्ट्रॉनिक मतदान में 73 प्रतिशत से ज्यादा सदस्यों ने इस डील पर मुहर लगा दी है।
इस डील से कैसे टला अर्थव्यवस्था पर बड़ा संकट?
यह फैसला न केवल कर्मचारियों के लिए फायदेमंद रहा, बल्कि खुद कंपनी भी एक बड़े घाटे से बच गई। दरअसल, बोनस की मांग को लेकर कर्मचारी संघ ने 18 दिन की बड़ी हड़ताल पर जाने का एलान किया था। इस हड़ताल से दक्षिण कोरिया की पूरी अर्थव्यवस्था हिल सकती थी।
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सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स की बात करें, तो कंपनी अकेले दक्षिण कोरिया की जीडीपी (GDP) में लगभग 12.5 प्रतिशत का योगदान देती है। वहीं, देश के कुल निर्यात में मेमोरी चिप्स की हिस्सेदारी करीब 35 प्रतिशत है। अगर कर्मचारी हड़ताल पर चले जाते तो इससे कंपनी को अरबों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ता।
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सैमसंग का मुनाफा 750 प्रतिशत बढ़ा
आज पूरी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की आंधी चल रही है। नए-नए एआई डेटा सेंटर्स बन रहे हैं और इन्हें चलाने के लिए जिस खास 'मेमोरी चिप' की जरूरत होती है, उसका सबसे बड़ा खिलाड़ी सैमसंग है। चिप्स की इस बेतहाशा मांग ने कंपनी की तिजोरी को पूरी तरह से भर दिया है।इसी साल अप्रैल में सैमसंग ने बताया कि उसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर 750 फीसदी उछल गया है। इसी जादुई मुनाफे के दम पर इस महीने कंपनी का मार्केट कैप भी पहली बार 1 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया। इसी मुनाफे की बारिश का सीधा फायदा अब कंपनी के 1,25,000 घरेलू कर्मचारियों में से 78,000 योग्य कर्मचारियों को मिलने जा रहा है।
सैमसंग
- फोटो : AI जनरेटेड
हर कर्मचारी के खाते में 3 करोड़ रुपये!
यूनियन और प्रबंधन के बीच हुआ यह समझौता कोई छोटी-मोटी डील नहीं है, बल्कि पूरे 10 साल का एग्रीमेंट है। यह कर्मचारियों के प्रदर्शन के कड़े लक्ष्यों पर आधारित है। इस डील के मुताबिक:- सेमीकंडक्टर (चिप) बनाने वाले डिवीजन के कर्मचारियों को उनके विभाग के ऑपरेटिंग प्रॉफिट का 10.5 फीसदी हिस्सा बोनस के रूप में मिलेगा।
- यह भारी-भरकम रकम कंपनी के शेयरों के रूप में दी जाएगी। इसके साथ ही 1.5 फीसदी हिस्सा नकद भी मिलेगा।
- कुल मिलाकर, हर योग्य कर्मचारी के हिस्से में लगभग 3,70,000 डॉलर यानी करीब 3 करोड़ रुपये आएंगे।
एआई बूम से शादी के बाजार में भी जलवा
इस एआई बूम ने चिप इंजीनियरों की सामाजिक हैसियत को एक झटके में बदल दिया है। सैमसंग की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी कंपनी 'एसके हाइनिक्स' (SK Hynix) भी 1 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप तक पहुंच गई है। इस कंपनी ने पिछले साल सैमसंग से तीन गुना ज्यादा बोनस बांटा था। आज स्थिति यह है कि सोशल मीडिया पर एसके हाइनिक्स के लोगो वाली एक साधारण सी जैकेट भी खूब वायरल हो रही है। युवा इसे लग्जरी बुटीक में जाने और अच्छी डेटिंग के लिए एक 'गोल्डन टिकट' मान रहे हैं।मैचमेकिंग एजेंसी 'सुनू' (Sunoo) के आंकड़े बताते हैं कि शादी के बाजार में अब चिप इंजीनियर्स की मांग आसमान छू रही है। समाज में उनका रुतबा अब डॉक्टरों और वकीलों के बराबर हो गया है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इतना भारी बोनस देने के पीछे कंपनी की एक बड़ी मजबूरी भी है। अगर सैमसंग पैसा नहीं लुटाएगी, तो टेस्ला (Tesla) जैसी अमेरिकी दिग्गज कंपनियां इन टैलेंटेड इंजीनियरों को अपने साथ जोड़ लेंगी।
दूसरे डिविजन के कर्मचारी कर रहे विरोध
जहां एक तरफ करोड़ों रुपये बंट रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ गहरा असंतोष भी पनप रहा है। सैमसंग के भीतर ही कर्मचारियों के बीच एक बड़ी खाई बन गई है। मोबाइल, डिस्प्ले और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विभागों के कर्मचारी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। वजह साफ है, इन विभागों का मुनाफा या तो वहीं रुका हुआ है या नीचे गिर गया है। ऐसे में सेमीकंडक्टर डिवीजन से बाहर के कर्मचारियों की एक छोटी यूनियन ने इस डील को रोकने के लिए कोर्ट में याचिका दायर कर दी है। उनका कहना है कि यह डील भेदभावपूर्ण है।इतना ही नहीं, सैमसंग डिस्प्ले और सैमसंग एसडीआई जैसी सहयोगी कंपनियों के कर्मचारी भी खुद को मिलने वाले बेहद छोटे बोनस से नाराज हैं। कुछ रिटेल निवेशकों और शेयरधारकों ने भी इस आधार पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है कि यह बड़ा बोनस उनकी अनुमति के बिना बांटा जा रहा है।
अन्य सेक्टर्स के कर्मचारी भी उठा रहे मांग
सैमसंग के इस एक फैसले ने पूरे दक्षिण कोरिया के कॉर्पोरेट जगत में हलचल मचा दी है। अब बायोटेक, ऑटो और जहाज निर्माण (Shipbuilding) जैसे अन्य सेक्टर्स के कर्मचारी भी अपनी-अपनी कंपनियों के मुनाफे में बड़ी हिस्सेदारी की मांग कर रहे हैं। यह सिर्फ कोरिया की बात नहीं है। ताइवान की दिग्गज चिप कंपनी 'टीएसएमसी' (TSMC) में भी एआई से हुए रिकॉर्ड मुनाफे के बाद कर्मचारियों के बीच ऐसा ही विरोध देखने को मिल रहा है।इस पूरी स्थिति और एआई से आ रहे अथाह पैसे को देखते हुए, दक्षिण कोरिया के एक वरिष्ठ राष्ट्रपति अधिकारी ने एक बिल्कुल नया विचार सामने रखा है। उनका तर्क है कि एआई से सरकार को जो अतिरिक्त टैक्स रेवेन्यू मिल रहा है, उसका इस्तेमाल 'राष्ट्रीय लाभांश' (National Dividend) के रूप में होना चाहिए, ताकि इस मुनाफे से समाज कल्याण के बड़े काम किए जा सकें।