फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Technology ›   Tech Diary ›   spacex starship flight 14 chopstick tower catch elon musk daily launch plan details

SpaceX: 171 फीट लंबे स्टारशिप को 'चॉपस्टिक' से पकड़ने की तैयारी, एलन मस्क का दावा- हर दिन होगा एक लॉन्च

Thu, 06 Aug 2026 04:46 PM IST
नीतीश कुमार टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Thu, 06 Aug 2026 04:46 PM IST
सार

SpaceX अपने स्टारशिप प्रोग्राम के तहत एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। इस महीने होने वाली 14वीं टेस्ट फ्लाइट में पहली बार लॉन्च टावर के 'चॉपस्टिक' आर्म्स से 171 फीट लंबे स्पेसक्राफ्ट को हवा में पकड़ने की कोशिश की जाएगी। अगर यह सफल रहा, तो अंतरिक्ष मिशनों का भविष्य बदल सकता है।

विज्ञापन
spacex starship flight 14 chopstick tower catch elon musk daily launch plan details
स्पेसक्राफ्ट को रियूजेबल बनाने की ओर बड़ा कदम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एलन मस्क की अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) इस महीने अपने सबसे महत्वाकांक्षी मिशनों में से एक को अंजाम देने की तैयारी कर रही है। कंपनी अगस्त खत्म होने से पहले Starship की 14वीं टेस्ट फ्लाइट लॉन्च करने की योजना बना रही है। इस मिशन की सबसे खास बात यह होगी कि पहली बार स्टारशिप के ऊपरी हिस्से यानी 'शिप' को लॉन्च टावर के विशाल 'चॉपस्टिक' आर्म्स की मदद से हवा में ही कैच करने की कोशिश की जाएगी।
विज्ञापन


अगर यह प्रयोग सफल रहा, तो दोबारा इस्तेमाल होने वाले रॉकेटों की तकनीक में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी और भविष्य में अंतरिक्ष मिशनों की लागत व समय, दोनों में बड़ी कमी आ सकती है।
विज्ञापन

171 फीट लंबे शिप को हवा में पकड़ने की तैयारी

स्टारशिप दो हिस्सों से मिलकर बना है। ऊपरी हिस्से में स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट (शिप) होता है और निचले हिस्से में सूपर हैवी बूस्टर्स लगे होते हैं। दोनों को मिलाकर पूरे लॉन्च सिस्टम की ऊंचाई 403 फीट है, जबकि केवल शिप की लंबाई 171 फीट है।
विज्ञापन
विज्ञापन


साउथ टेक्सास स्थित स्टारशिप लॉन्च साइट पर मौजूद दो विशाल लॉन्च टावरों में लगे 'चॉपस्टिक' आर्म्स का इस्तेमाल अब तक रॉकेट को असेंबल करने के लिए किया जाता रहा है। अब इन्हीं मैकेनिकल आर्म्स की मदद से उड़ान के बाद लौटने वाले स्टारशिप को हवा में पकड़ने की तैयारी की जा रही है।

बूस्टर को पहले ही तीन बार सफलतापूर्वक पकड़ चुकी है SpaceX

यह पहली बार नहीं है जब SpaceX टावर कैच तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। कंपनी पहले ही तीन अलग-अलग टेस्ट फ्लाइट्स में बूस्टर्स को सफलतापूर्वक लॉन्च टावर के जरिए कैच कर चुकी है। हालांकि, शिप को इसी तरीके से पकड़ने की यह पहली कोशिश होगी, इसलिए इस मिशन पर दुनियाभर के स्पेस एक्सपर्ट्स की नजरें टिकी हुई हैं।

फ्लाइट-14 में भेजे जाएंगे नए स्टारलिंक वी3 सैटेलाइट

स्टारशिप की फ्लाइट-14 सिर्फ कैच टेस्ट तक सीमित नहीं रहेगी। इस मिशन के दौरान स्पेसएक्स अपने नए स्टारलिंक वी3 सैटेलाइट्स का एक बैच भी अंतरिक्ष में भेजेगी। ये सैटेलाइट मौजूदा स्टारलिंक नेटवर्क की तुलना में ज्यादा बड़े और अधिक क्षमता वाले बताए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें: Meta, X और YouTube कैसे हटाते हैं पोस्ट और वीडियो: किस नियम के तहत होता है कंटेंट पर एक्शन, समझिए पूरा सिस्टम

इससे पहले 24 जुलाई को लॉन्च हुई फ्लाइट-13 में 20 स्टारलिंक वी3 सैटेलाइट्स को सब-ऑर्बिटल मिशन के तहत भेजा गया था। अब फ्लाइट-14 में इन्हें ऑपरेशनल ऑर्बिट में स्थापित करने की योजना है।

फ्लाइट-13 की सफलता ने बढ़ाया कंपनी का भरोसा

24 जुलाई को हुई स्टारशिप की 13वीं टेस्ट फ्लाइट स्पेसएक्स के लिए काफी सफल रही थी। यह एक सब-ऑर्बिटल मिशन था, जिसकी लैंडिंग हिंद महासागर में कराई गई थी। एलन मस्क ने बताया कि पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश के दौरान स्टारशिप की हीट शील्ड पूरी तरह सुरक्षित रही। यही सफलता कंपनी के लिए सबसे बड़ा भरोसा बनी और अब उसने फ्लाइट-14 में शिप को टावर से कैच करने जैसा जोखिम उठाने का फैसला किया है।

हर दिन हो सकती है स्टारशिप की उड़ान

स्पेसएक्स की हालिया अर्निंग्स कॉल के दौरान एलन मस्क ने स्टारशिप प्रोग्राम को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि वह किसी तरह की "नजर" नहीं लगाना चाहते, लेकिन उन्हें लगता है कि स्टारशिप की हीट शील्ड से जुड़ी समस्या अब लगभग पूरी तरह हल हो चुकी है।


यह भी पढ़ें:  TRAI ने लॉन्च किया नया MyCall एप: अब कॉल ड्रॉप की शिकायत करना होगा आसान, दे पाएंगे नेटवर्क की रेटिंग

मस्क के मुताबिक, अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता रहा, तो अगले एक साल के भीतर स्पेसएक्स हर दिन कम से कम एक स्टारशिप लॉन्च करने की स्थिति में पहुंच सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में लॉन्च की संख्या इससे भी ज्यादा हो सकती है।

क्या होती है हीट शील्ड और क्यों है इतनी जरूरी?

जब कोई स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष से पृथ्वी के वायुमंडल में लौटता है, तो हवा के साथ तेज घर्षण के कारण हजारों डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंच जाता है। ऐसी स्थिति में स्पेसक्राफ्ट के बाहरी हिस्से पर लगी हीट शील्ड उसे अत्यधिक गर्मी से बचाती है। यह विशेष इंसुलेटिंग सामग्री से बनी होती है, जो गर्मी को अपने ऊपर झेलते हुए अंदर मौजूद सिस्टम और संरचना को सुरक्षित रखती है।

स्टारशिप को बार-बार इस्तेमाल करने की स्पेसएक्स की योजना के लिए हीट शील्ड का हर मिशन के बाद सही हालत में बचा रहना बेहद जरूरी माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest mobile reviews apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed