{"_id":"6a742e762f24cde0fe001fcb","slug":"world-first-ai-boss-store-failed-andon-market-luna-ai-lost-rs-60-lakh-in-four-months-hindi-2026-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"'एआई बॉस' का अनोखा कारनामा: छुट्टियां दे कर बोली- टेंशन न लो, 4 महीने में ही कंपनी को लगा दिया 60 लाख का चूना!","category":{"title":"Tech Diary","title_hn":"टेक डायरी","slug":"tech-diary"}}
'एआई बॉस' का अनोखा कारनामा: छुट्टियां दे कर बोली- टेंशन न लो, 4 महीने में ही कंपनी को लगा दिया 60 लाख का चूना!
Thu, 06 Aug 2026 12:19 PM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Thu, 06 Aug 2026 12:19 PM IST
सार
अमेरिका में 'AI बॉस' का अनोखा प्रयोग बुरी तरह फेल रहा। एक रिटेल स्टोर चलाने की पूरी जिम्मेदारी 'लूना' नाम के एआई को मिली थी, लेकिन उसकी दरियादिली और अजीबोगरीब गलतियों ने सिर्फ 4 महीने में 60 लाख का नुकसान करा दिया। आखिर इस 'डिजिटल बॉस' ने क्या-क्या गुल खिलाए? जानिए...
विज्ञापन
फेल हो गया एआई बॉस
- फोटो : एआई जनरेटेड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज हेल्थकेयर, एजुकेशन, बैंकिंग और आईटी समेत लगभग हर क्षेत्र में अपनी जगह बना चुका है। कई कंपनियां इसे भविष्य की सबसे बड़ी तकनीक मानते हुए नए-नए प्रयोग कर रही हैं। इसी कड़ी में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में एक ऐसा रिटेल स्टोर शुरू किया गया, जिसकी कमान किसी इंसान नहीं बल्कि एक AI एजेंट को सौंपी गई। इसे दुनिया का पहला AI बॉस वाला स्टोर बताया गया।
हालांकि, जिस प्रयोग से बिजनेस मैनेजमेंट का भविष्य बदलने की उम्मीद थी, वह सिर्फ चार महीने में ही सवालों के घेरे में आ गया। AI की कई गलतियों के चलते स्टोर को करीब 60 लाख रुपये (लगभग 70 हजार डॉलर) का नुकसान उठाना पड़ा।
एआई एजेंट लूना को सौंपी गई थी पूरे स्टोर की जिम्मेदारी
सैन फ्रांसिस्को स्थित 'एंडन मार्केट' को 'एंडन लैब्स' ने शुरू किया था। यह कंपनी इस बात पर शोध कर रही है कि एआई एजेंट वास्तविक परिस्थितियों में किसी बिजनेस को कितनी प्रभावी तरीके से चला सकते हैं। इस प्रयोग के तहत 'लूना' नाम के एआई एजेंट को स्टोर का मैनेजर बनाया गया। उसका काम कर्मचारियों को निर्देश देना, छुट्टियां मंजूर करना, नए प्रोडक्ट ऑर्डर करना, स्टॉक संभालना और स्टोर को मुनाफे में लाना था। केवल वे काम, जिन्हें इंसानों की मौजूदगी जरूरी थी, उनके लिए तीन कर्मचारियों को नियुक्त किया गया।
विज्ञापन
छुट्टियों के लिए नहीं करती थी मना
कई बार ऐसे फैसले लिए जो व्यवहारिक ही नहीं थे
यह भी पढ़ें: '₹22 हजार लगाओ, हर महीने ₹30 लाख कमाओ': वित्त मंत्री के AI वीडियो की खुली पोल, PIB ने बताया पूरा सच
स्टॉक मैनेजमेंट और सोशल मीडिया में भी की कई गलतियां
चार महीने में 60 लाख रुपये का नुकसान
एंडन लैब्स के को-फाउंडर लुकास पीटर्ससन और एक्सेल बैकलुंड ने इस प्रयोग के लिए तीन साल के लिए स्टोर किराए पर लिया था। उन्होंने लूना को कारोबार संभालने के लिए 1 लाख अमेरिकी डॉलर और एक डेबिट कार्ड भी उपलब्ध कराया, ताकि वह खरीदारी और दूसरे व्यावसायिक फैसले ले सके। लेकिन महज चार महीने के भीतर स्टोर को लगभग 60 लाख रुपये का नुकसान हो गया और एआई बिजनेस को मुनाफे में लाने की अपने सबसे अहम लक्ष्य में असफल रही।
एआई अभी इंसानों की जगह लेने के लिए तैयार नहीं
यह भी पढ़ें: Tech Tips: बार-बार भूल जाते हैं जरूरी काम? एंड्रॉयड फोन में ऐसे सेट करें रिमाइंडर, जानिए आसान तरीके
विज्ञापन
हालांकि, जिस प्रयोग से बिजनेस मैनेजमेंट का भविष्य बदलने की उम्मीद थी, वह सिर्फ चार महीने में ही सवालों के घेरे में आ गया। AI की कई गलतियों के चलते स्टोर को करीब 60 लाख रुपये (लगभग 70 हजार डॉलर) का नुकसान उठाना पड़ा।
विज्ञापन
एआई एजेंट लूना को सौंपी गई थी पूरे स्टोर की जिम्मेदारी
सैन फ्रांसिस्को स्थित 'एंडन मार्केट' को 'एंडन लैब्स' ने शुरू किया था। यह कंपनी इस बात पर शोध कर रही है कि एआई एजेंट वास्तविक परिस्थितियों में किसी बिजनेस को कितनी प्रभावी तरीके से चला सकते हैं। इस प्रयोग के तहत 'लूना' नाम के एआई एजेंट को स्टोर का मैनेजर बनाया गया। उसका काम कर्मचारियों को निर्देश देना, छुट्टियां मंजूर करना, नए प्रोडक्ट ऑर्डर करना, स्टॉक संभालना और स्टोर को मुनाफे में लाना था। केवल वे काम, जिन्हें इंसानों की मौजूदगी जरूरी थी, उनके लिए तीन कर्मचारियों को नियुक्त किया गया।
विज्ञापन
छुट्टियों के लिए नहीं करती थी मना
- स्टोर में काम करने वाली 22 वर्षीय कर्मचारी काइया रिवेरा के मुताबिक, लूना अब तक की सबसे शांत और उदार बॉस साबित हुई। वह कर्मचारियों की लगभग हर छुट्टी तुरंत मंजूर कर देती थी। चाहे आखिरी समय में छुट्टी मांगी जाए या सभी कर्मचारी एक साथ अवकाश पर चले जाएं और स्टोर बंद करना पड़े, लूना ने कभी किसी अनुरोध को अस्वीकार नहीं किया।
- रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारी 27 बार देर से काम पर पहुंचे, लेकिन हर बार लूना का जवाब ये रहता था कि वे इसके लिए स्ट्रेस न लें। उसने न कभी चेतावनी दी और न ही अनुशासन लागू करने की कोशिश की।
कई बार ऐसे फैसले लिए जो व्यवहारिक ही नहीं थे
- एआई बॉस की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी निर्णय क्षमता साबित हुई। रिपोर्ट में बताया गया कि जब एक कर्मचारी ने वेतन मिलने से पहले कुछ पैसे एडवांस मांगे, तो लूना ने तुरंत वेन्मो (Venmo) से भुगतान करने का वादा कर दिया, जबकि उसका खुद का वेन्मो अकाउंट ही नहीं था।
- एक अन्य कर्मचारी ने कार खरीदने के लिए मई महीने में लगातार हर दिन काम करने की अनुमति मांगी। लूना ने बिना किसी जांच-पड़ताल के इसकी मंजूरी दे दी, जबकि कैलिफोर्निया के श्रम कानून इसकी इजाजत नहीं देते।
यह भी पढ़ें: '₹22 हजार लगाओ, हर महीने ₹30 लाख कमाओ': वित्त मंत्री के AI वीडियो की खुली पोल, PIB ने बताया पूरा सच
स्टॉक मैनेजमेंट और सोशल मीडिया में भी की कई गलतियां
- एआई ने सिर्फ कर्मचारियों से जुड़े मामलों में ही नहीं चूकी, बल्कि बिजनेस संचालन में भी कई बड़ी गलतियां कर बैठी। रिपोर्ट के मुताबिक, लूना कई बार ऐसे प्रोडक्ट दोबारा ऑर्डर करती रही, जो पहले से ही नहीं बिक रहे थे। कुछ ऑर्डर गलत मंगवा लिए गए और एक बार गलत डिजाइन वाले मग भी स्टोर में बेचने के लिए रखवा दिए।
- इतना ही नहीं, लूना कई हफ्तों तक अपने इंस्टाग्राम अकाउंट का पासवर्ड ही याद नहीं रख सकी। इसकी वजह से स्टोर सोशल मीडिया पर प्रचार नहीं कर पाया और संभावित ग्राहकों तक पहुंचने का मौका भी गंवा बैठा।
चार महीने में 60 लाख रुपये का नुकसान
एंडन लैब्स के को-फाउंडर लुकास पीटर्ससन और एक्सेल बैकलुंड ने इस प्रयोग के लिए तीन साल के लिए स्टोर किराए पर लिया था। उन्होंने लूना को कारोबार संभालने के लिए 1 लाख अमेरिकी डॉलर और एक डेबिट कार्ड भी उपलब्ध कराया, ताकि वह खरीदारी और दूसरे व्यावसायिक फैसले ले सके। लेकिन महज चार महीने के भीतर स्टोर को लगभग 60 लाख रुपये का नुकसान हो गया और एआई बिजनेस को मुनाफे में लाने की अपने सबसे अहम लक्ष्य में असफल रही।
एआई अभी इंसानों की जगह लेने के लिए तैयार नहीं
- इस असफल प्रयोग के बावजूद एंडन लैब्स ने एआई पर भरोसा नहीं छोड़ा है। कंपनी के को-फाउंडर्स का कहना है कि उनका मकसद यह समझना था कि एआई मॉडल वास्तविक परिस्थितियों में कैसे काम करते हैं और समय के साथ उनकी क्षमता किस तरह विकसित होती है।
- हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस प्रयोग ने साफ कर दिया है कि फिलहाल किसी कंपनी के सभी अहम फैसले पूरी तरह एआई के भरोसे नहीं छोड़े जा सकते। एआई लगातार बेहतर हो रहा है, लेकिन अभी वह अकेले किसी बिजनेस को सफलतापूर्वक चलाने के स्तर तक नहीं पहुंचा है।
यह भी पढ़ें: Tech Tips: बार-बार भूल जाते हैं जरूरी काम? एंड्रॉयड फोन में ऐसे सेट करें रिमाइंडर, जानिए आसान तरीके