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Car Phone Charging: कार में फोन चार्जिंग से रहें सावधान! ये गलतियां घटा रही हैं बैटरी की उम्र, जानें सही तरीका

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति Updated Sat, 03 Jan 2026 06:33 PM IST
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सार

Smartphone Car Charging Risk: अक्सर लोग सफर के दौरान कार में फोन चार्ज पर लगा देते हैं, लेकिन क्या आपको मालूम है कि ये सुविधा आपके महंगे स्मार्टफोन की बैटरी खराब कर सकती है। क्योंकि कार की पावर और घर की बिजली में बहुत अंतर होता है। इस लेख में जानिए कार के यूएसबी पोर्ट में फोन चार्ज करते समय ध्यान रखने वाली बातें....
 

Be careful when charging your phone in car These mistakes reducing your battery life learn right way.
कार में फोन चार्जिंग से सावधान रहें। - फोटो : freepik
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विस्तार
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कार के इंजन से मिलने वाली बिजली अनस्टेबल (अस्थिर) होती है। जब आप कार की हेडलाइट जलाते हैं या गर्मियों में एसी तेज करते हैं, तो बिजली में उतार-चढ़ाव होता है, जो सीधे फोन की बैटरी पर असर डालता है। इसके अलावा, कार के इन-बिल्ट यूएसबी पोर्ट्स बहुत धीमी चार्जिंग (0.5 Amp) देते हैं, जिससे फोन गर्म होकर खराब होने लगता है। सही एडाप्टर और केबल का चुनाव ही आपकी बैटरी को बचा सकता है।

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कार में चार्जिंग क्यों है खतरनाक? 

1. बिजली का उतार-चढ़ाव

घर की सॉकेट से मिलने वाली बिजली स्थिर होती है, लेकिन कार में बिजली अल्टरनेटर से आती है। इसलिए जैसे ही कार की गति बदलती है या आप कोई दूसरा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (जैसे हेडलाइट या वाइपर) ऑन करते हैं, वोल्टेज में फ्लक्चुएशन होता है और ये झटका फोन की लिथियम-आयन बैटरी की लाइफ को कम कर देता है। 

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2. धीमी चार्जिंग और हीट की समस्या

ज्यादातर कारों में दिए गए यूएसबी पोर्ट्स फोन चार्जिंग के लिए नहीं, बल्कि डेटा ट्रांसफर (म्यूजिक चलाने) के लिए होते हैं। ये मात्र 0.5 एम्पीयर की बिजली देते हैं। इतने कम करंट से फोन चार्ज होने में चार-पांच घंटे आराम से लग जाते हैं। लंबे समय तक चार्जिंग मोड में रहने की वजह से फोन का तापभान भी बढ़ जाता है और फोन गर्म हो जाता है। जो बैटरी को फुला सकता है। 


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ऐसे में क्या करें?

  • यूएसबी पोर्ट के बजाय 12V सॉकेट का चुनाव करें 

आजकल अधिकतर आधुनिक कारों में डैशबोर्ड पर ही यूएसबी पोर्ट दिए होते हैं, लेकिन जानकारों का मानना है कि ये चार्जिंग के लिए सबसे खराब विकल्प है। दरअसल, ये पोर्ट मुख्य रूप से डेटा ट्रांसफर या म्यूजिक सिस्टम के लिए बने होते हैं। जोकि बहुत कम बिजली (मात्र 5 वाट) सप्लाई करते हैं। इसलिए बेहतर होगा कि आप कार के 12V सिगरेट लाइटर सॉकेट का उपयोग करें। इस सॉकेट में एक अच्छी क्वालिटी का एडाप्टर लगाकर आप 18W से 65W तक की पावर पा सकते हैं, जिससे फोन तेजी और सुरक्षित तरीके से चार्ज होता है।

  • ओवरहीटिंग से बचने के लिए क्या करें?

कार के भीतर का तापमान सामान्य कमरों की तुलना में अक्सर अधिक होता है। ऐसे में जब आप कार में फोन चार्ज करते हैं और उस पर मोटा सिलिकॉन या लेदर कवर लगा होता है, तो फोन के अंदर पैदा होने वाली गर्मी बाहर नहीं निकल पाती। फिर ये गर्मी बैटरी के केमिकल्स को धीरे-धीरे नष्ट कर देती है और लंबी यात्रा के दौरान फोन चार्ज करना मजबूरी बन जाती है। इसलिए, इस दौरान फोन चार्ज करने से पहले उसका कवर उतार देना एक समझदारी भरा कदम साबित हो सकता है। इससे फोन का तापमान नियंत्रित रहता है और बैटरी लाइफ लंबी होती है।

  • भूलकर भी ये दो काम न करें एक साथ

सफर के दौरान अक्सर लोग गूगल मैप्स (Google Maps) चलाकर फोन को चार्जिंग पर लगा देते हैं। तकनीकी रूप से ये फोन की बैटरी के लिए सबसे तनावपूर्ण स्थिति है। देखिए नेविगेशन के दौरान फोन का प्रोसेसर, जीपीएस और स्क्रीन लगातार काम करते हैं, जिससे बहुत गर्मी पैदा होती है। साथ में चार्जिंग करने से यह गर्मी दोगुनी हो जाती है। इसलिए कोशिश करें कि फोन को 80 प्रतिशत  तक चार्ज करने के बाद उसे चार्जर से हटा दें और फिर मैप का उपयोग करें। अगर मैप चलाना जरूरी है, तो फोन को एसी वेंट (Air Vent) वाले होल्डर पर लगाएं, जिससे ठंडी हवा मिलती रहे।

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  • फेक फास्ट चार्जिंग के झांसे में न आएं

बाजार में कई तरह के सस्ते चार्जर मिलते हैं। जो फास्ट चार्ज का दावा करते हैं, लेकिन वे आपके फोन के स्पेसिफिक चार्जिंग प्रोटोकॉल (जैसे VOOC, Warp या Samsung AFC) को सपोर्ट नहीं करते। जब चार्जर और फोन का तालमेल नहीं बैठता, तो ऊर्जा का एक बड़ा हिस्सा गर्मी के रूप में बर्बाद होता है। एक असली और अच्छी क्वालिटी का चार्जर थोड़ा भारी और मजबूत होता है क्योंकि उसके अंदर वोल्टेज को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कंट्रोलर चिप और हीट सिंक लगे होते हैं।

  • कार की अपनी बैटरी के लिए भी खतरा

गलत तरीके से फोन चार्ज करना न केवल मोबाइल बल्कि कार की सेहत के लिए भी बुरा है। अगर आपकी कार की बैटरी पुरानी है और आप इंजन बंद करके फोन चार्ज कर रहे हैं, तो इससे कार की बैटरी डीप डिस्चार्ज हो सकती है। ऐसी स्थिति में बैटरी की वोल्टेज इतनी गिर सकती है कि कार को दोबारा स्टार्ट करना मुश्किल हो जाए। इसलिए चालू इंजन पर ही चार्जिंग करना बेहतर साबित हो सकता है। इससे पावर का लोड सीधे अल्टरनेटर पर रहेगा, न की रुकी हुई बैटरी पर। 

  • कार बंद करने से पहले अनप्लग करें

गंतव्य पर पहुंचने के बाद, कार का इंजन बंद करने से पहले फोन को चार्जर से हटा लें। और एक जरूरी बात कार के डैशबोर्ड पर फोन रखकर चार्ज न करें, क्योंकि सीधी धूप और चार्जिंग की गर्मी मिलकर फोन को ब्लास्ट भी कर सकती है।

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