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Solar Panel Installation Tips: क्या आप भी सोच रहे हैं सोलर पैनल लगवाना? पहले जान लें यह नियम, मिलेगा पूरा फायद
Sun, 02 Aug 2026 02:35 PM IST
जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति शुक्ला
Updated Sun, 02 Aug 2026 02:35 PM IST
सार
Solar Panel: भारी भरकम बिजली बिल आजकल हर घर की समस्या बन चुकी है। खाना बनाने से लेकर लगभग हर काम बिली पर ही निर्भर रहता है। ऐसे में महीनें के अंत में आया बिल जेब ढीली कर देता है। ऐसे में बढ़ते बिजली बिल से मुक्ति पाने के लिए लोग तेजी से घरों में सोलर प्लांट लगवा रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना नेट मीटरिंग को समझे सोलर पैनल लगवाना आपके लिए घाटे का सौदा साबित हो सकता है? यह क्या होता है? कैसे काम करता है और यूपी में इसे लेकर उपभोक्ताओं को किस बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है? आइए जानते हैं इस लेख में विस्तार से...
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
Net Metering: आजकल लोग अधिकतर कामों के लिए इलेक्ट्रिक अप्लायंस का इस्तेमाल करते हैं। खाना बनाने से लेकर कपड़े धोने, टीवी चलाने, एसी इस्तेमाल करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने तक लगभग हर काम बिजली पर काम करता है। जिसका असर सीधे बिजली बिल पर पड़ता है। बढ़ती बिजली खपत को देखते हुए सरकार लोगों को घरों की छत पर सोलर प्लांट लगाने की अपील कर रही है।
घर में सोलर प्लांट लगाने से न सिर्फ बिजली का बिल कम होता है, बल्कि जरूरत से ज्यादा बिजली बनने पर उसे सरकारी ग्रिड में भेजा जा सकता है। हालांकि, सोलर सिस्टम लगाने से पहले नेट मीटरिंग को समझना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही तय करती है कि आपकी बनाई गई बिजली का हिसाब कैसे रखा जाएगा।
नेट मीटरिंग क्या होती है ?
नेट मीटरिंग सिस्टम यह रिकॉर्ड रखता है कि आपने कुल कितनी बिजली बनाई। घर में कितनी बिजली इस्तेमाल हुई और कितनी बिजली ग्रिड में भेजी गई। जैसा की ऊपर बताया गया है। फिर इसी डेटा के आधार पर बिजली बिल तैयार किया जाता है।
आखिर सरकार क्यों दे रही है सोलर लगाने पर जोर?
यूपी में क्या आ रही है परेशानी?
कहां हो रही है गड़ब ड़ी?
सोलर प्लांट लगवाने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
अगर आप भी भारी-भरकम बिजली बिल से परेशान हैं और सोलर प्लांट लगवाने का सोच रहे हैं, तो इन बातों का जरूर ध्यान रखें।
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घर में सोलर प्लांट लगाने से न सिर्फ बिजली का बिल कम होता है, बल्कि जरूरत से ज्यादा बिजली बनने पर उसे सरकारी ग्रिड में भेजा जा सकता है। हालांकि, सोलर सिस्टम लगाने से पहले नेट मीटरिंग को समझना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही तय करती है कि आपकी बनाई गई बिजली का हिसाब कैसे रखा जाएगा।
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नेट मीटरिंग क्या होती है ?
- नेट मीटरिंग एक व्यवस्था है, जो घर में बनने वाली सौर ऊर्जा और उसकी खपत का पूरा रिकॉर्ड रखती है। सरकार की योजना के तहत घरों में लगाए गए सोलर प्लांट से बनने वाली बिजली का इस्तेमाल पहले घर में ही किया जाता है। इसके बाद अगर बिजली बचती है, तो फिर उसे ग्रिड में भेज दिया जाता है।
- जैसे मान लीजिए अगर आपके घर का सोलर प्लांट एक दिन में करीब 12 यूनिट बिजली बना रहा है और आप उसमें से सिर्फ दस यूनिट यूज कर रहे हैं, तो बची हुई दो यूनिट बिजली सरकारी ग्रिड में चली जाएगी और बाद में इस बिजली को आपके बिल में एडजस्ट कर दिया जाता है।
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नेट मीटरिंग सिस्टम यह रिकॉर्ड रखता है कि आपने कुल कितनी बिजली बनाई। घर में कितनी बिजली इस्तेमाल हुई और कितनी बिजली ग्रिड में भेजी गई। जैसा की ऊपर बताया गया है। फिर इसी डेटा के आधार पर बिजली बिल तैयार किया जाता है।
आखिर सरकार क्यों दे रही है सोलर लगाने पर जोर?
- बढ़ती बिजली खपत और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार लोगों को घरों में सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
- कई जगहों पर छतों पर मिनी सोलर प्लांट लगाने के अभियान भी चलाए जा रहे हैं। इसका फायदा होता है कि लोग अपनी जरूरत की बिजली खुद बना सकते हैं और अतिरिक्त बिजली बेचकर बिल में राहत पा सकते हैं।
यूपी में क्या आ रही है परेशानी?
- उत्तर प्रदेश में अक्सर कई उपभोक्ता नेट मीटरिंग को लेकर शिकायत करते हैं। कुछ कहते हैं कि उन्होंने जितनी बिजली ग्रिड में भेजी, उसका सही रिकॉर्ड नहीं रखा गया।
- वहीं, कुछ उपभोक्ताओं की शिकायत है कि सिस्टम में वास्तविक यूनिट से कम बिजली दिखाई जा रही है। इस मामले में बिजली विभाग और सोलर इंस्टॉलेशन कंपनियां एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रही हैं।
कहां हो रही है गड़ब ड़ी?
- बताया जा रहा है कि नेट मीटरिंग सिस्टम और बिजली विभाग के रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम के बीच सही तालमेल नहीं होने के कारण यह समस्या सामने आ रही है।
- इसी वजह से कई उपभोक्ताओं को अपनी अतिरिक्त बिजली का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सोलर प्लांट लगवाने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
अगर आप भी भारी-भरकम बिजली बिल से परेशान हैं और सोलर प्लांट लगवाने का सोच रहे हैं, तो इन बातों का जरूर ध्यान रखें।
- नेट मीटरिंग की पूरी प्रक्रिया समझ लें।
- सोलर कंपनी से सभी नियमों की जानकारी लें।
- यह सुनिश्चित करें कि मीटर सही तरीके से काम कर रहा है।
- समय-समय पर बिजली यूनिट का रिकॉर्ड चेक करें।
- बिल में दिखाई गई यूनिट का मिलान जरूर करें।