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AI Impact: एआई के चक्कर में खाली हो रहा टेक कंपनियों का खजाना, जानें क्या महंगे हो जाएंगे मैक और स्मार्टफोन्स

Sun, 02 Aug 2026 10:05 AM IST
जागृति शुक्ला टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति शुक्ला Updated Sun, 02 Aug 2026 10:05 AM IST
सार

AI Race: जहां एक ओर दुनिया भर में एआई की होड़ मची हुई है, वहीं अब इसका असर टेक कंपनियों की वित्तीय स्थिति पर भी साफ दिखाई देने लगा है। एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश की वजह से बड़ी-बड़ी टेक कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इसका असर स्मार्टफोन, लैपटॉप और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कीमतों पर भी पड़ सकता है? आइए जानते हैं पूरी डिटेल।
 

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AI Race Heats Up, Rising Costs Put Pressure Tech Giants
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

विस्तार

AI Infrastructure Investment: एआई की दौड़ अब दुनिया भर की प्रमुख कंपनियों की वित्तीय स्थिति और उनके कैश फ्लो पर सीधा असर डाल रही हैं। डाटा केंद्रो, एआई चिप्स और उच्च बैंडविड्थ मेमोरी पर हो रहे रिकॉर्ड तोड़ निवेश की वजह से कई बड़ी कंपनियाें के मुक्त नकदी प्रवाह पर भारी दबाव भी बढ़ गया है। ऐसे में उद्योग जगत के एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर एआई पर खर्च का यही रुझान रहा, तो आने वाले समय में आम ग्राहकों के लिए स्मार्टफोन, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और अप्लायंसेस की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। 
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एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च
  • गौल्डमैन सैक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च दुनिया भर में करीब 765 अरब डॉलर रहने का अनुमान है।
  • साथ ही रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि अगले साल यानी 2027 में यह खर्च बढ़कर 1.2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। एआई मॉडल्स को चलाने के लिए कंपनियां बड़े पैमाने पर डाटा सेंटर, सर्वर और आधुनिक चिप्स पर निवेश कर रही हैं।
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आखिर क्या है सबसे बड़ी चुनौती?
रिपोर्ट्स की मानें तो एआई सिस्टम के लिए हाई बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) की मांग तेजी से बढ़ रही है, जबकि इसकी आपूर्ति सीमित है। इसी वजह से मेमोरी चिप्स की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
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टेक दिग्गजों का क्या कहना है?
टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क ने मेमोरी की बढ़ती कीमतों को पागलपन बताया है। वहीं, अमेजन के अधिकारियों ने भी स्वीकार किया है कि महंगी मेमोरी चिप्स की वजह से कंपनी का पूंजीगत खर्च काफी बढ़ गया है।

क्या महंगे हो सकते हैं iPhone और Mac?
  • रिपोर्ट के मुताबिक, मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतों का असर एपल के प्रोडक्ट्स पर भी पड़ सकता है। आने वाले महीनों में आईफोन, मैक और अन्य एपल डिवाइस महंगे हो सकते हैं। 
  • हालांकि एपल ने चालू तिमाही के लिए अपेक्षाकृत कमजोर राजस्व का अनुमान भी जताया है। कंपनी ने संकेत दिए हैं कि मेमोरी चिप्स की कीमतों में बढ़ोतरी आगे भी जारी रह सकती है।

टेक कंपनियों पर क्यों बढ़ रहा है दबाव?
एआई तकनीक को बेहतर बनाने के लिए कंपनियां बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं। इसमें डाटा सेंटर का विस्तार, एआई प्रोसेसर और चिप्स, हाई बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) और हाई-स्पीड नेटवर्क और सर्वर शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में बढ़ते खर्च की वजह से कंपनियों के मुक्त नकदी प्रवाह पर दबाव बढ़ रहा है।


क्या आम ग्राहकों पर पड़ेगा असर?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि बिल्कुल, इसका असर ग्राहकों पर भी पड़ सकता है। अगर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता खर्च जारी रहा, तो कंपनियां इसकी भरपाई अपने प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाकर कर सकती हैं। ऐसे में आने वाले समय में स्मार्टफोन, लैपटॉप और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पहले के मुकाबले महंगे हो सकते हैं।
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