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Unused Apps: फोन में पड़े अनयूज्ड एप्स सिर्फ स्टोरेज ही नहीं, प्राइवेसी के लिए भी बड़ा खतरा; ऐसे रहें सुरक्षित

Thu, 02 Jul 2026 09:34 AM IST
Jagriti टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jagriti Updated Thu, 02 Jul 2026 09:34 AM IST
सार

Delete Unused Apps: क्या आपके फोन में भी ऐसे एप्स मौजूद हैं, जिन्हें आपने महीनों से एक बार भी नहीं खोला? साइबर विशेषज्ञ की मानें तो ऐसे एप्स आपकी न केवल बैटरी, बल्कि डाटा और प्राइवेसी के लिए भी खतरा बन सकते हैं। आइए जानते हैं तत्काल फोन से हटाना जरूरी क्यों है?
 

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Unused Apps Your Phone Security Risk: Why You Delete
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

विस्तार

Smartphone Security Tips: अगर आपके फोन में भी ऐसे कई एप्स मौजूद हैं, जिन्हें आपने महीनों से इस्तेमाल नहीं किया, तो अब उन्हें हटाने का समय आ गया है। अक्सर लोग किसी एक काम के लिए एप डाउनलोड कर लेते हैं, लेकिन बाद में उसे डिलीट करना भूल जाते हैं या दिमाग से निकल जाता है। साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ऐसे बेकार एप्स सिर्फ स्टोरेज ही नहीं घेरते, बल्कि आपकी निजी जानकारी, फोन की परफॉर्मेंस और ऑनलाइन सुरक्षा के लिए भी बड़ा जोखिम बन सकते हैं।
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पुराने और बेकार एप्स क्यों खतरनाक बन जाते हैं?
  • देखिए, कई एप्स ऐसे होते हैं, जिन्हें यूजर एक या दो बार इस्तेमाल करता है, बाद में उसकी जरुरत नहीं पड़ती या भूल जाते हैं। हालांकि, ये एप्स बैकग्राउंड में चलते रहते हैं और कैमरा, माइक्रोफोन, लोकेशन, कॉन्टैक्ट्स और फोटो जैसी संवेदनशील परमिशन का इस्तेमाल करते रह सकते हैं।
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  • अगर किसी एप में बाद में सिक्योरिटी खामी सामने आती है या उसका डेटा लीक हो जाता है, तो आपकी निजी जानकारी भी खतरे में पड़ सकती है।

इन एप्स से क्या खतरे हो सकते हैं?
  • साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ समय-समय पर सलाह देते हैं कि फोन में इंस्टॉल सभी एप्स का रिव्यू करते रहना चाहिए। जिन एप्स जरूरत नहीं है, उन्हें तुरंत हटा देना चाहिए।
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  • लंबे समय तक पड़े बेकार एप्स साइबर अपराधियों के लिए भी आसान निशाना बन सकते हैं।

फोन की स्पीड और बैटरी पर भी पड़ता है असर
  • इतना ही नहीं अनयूज्ड एप्स बैकग्राउंड में इंटरनेट इस्तेमाल करते रहते हैं, नोटिफिकेशन भेजते हैं और अपने-आप अपडेट डाउनलोड करते रहते हैं।
  • इससे बैटरी जल्दी खत्म होती है, मोबाइल डेटा ज्यादा खर्च होता है और फोन की परफॉर्मेंस भी प्रभावित होती है।

बिना इस्तेमाल किए भी डेटा जुटाते रहते हैं एप्स
  • कई मोबाइल एप्सयूजर की लोकेशन, इस्तेमाल की आदतें और अन्य जानकारी लगातार एकत्र करते रहते हैं, चाहे आपने महीनों से उन्हें खोला भी न हो।
  • यही वजह है कि अनावश्यक एप्स को फोन में रखना प्राइवेसी के लिहाज से सही नहीं माना जाता।

स्टोरेज खाली करने का भी आसान तरीका
आज कई एप्स का साइज 500MB से लेकर 1GB या उससे भी ज्यादा होता है। ऐसे में जिन एप्सका उपयोग नहीं हो रहा, उन्हें हटाने से फोन में काफी स्टोरेज खाली हो सकती है और डिवाइस बेहतर तरीके से काम करने लगता है।


जरूरत पड़ सकती है तो यह करें?
  • अगर आपको लगता है कि भविष्य में किसी एप की जरूरत पड़ सकती है, तो उसे पूरी तरह डिलीट करने की बजाय आईफोन में ऑफलोड एप और एंड्रॉयड में एप अर्कावइ फीचर का इस्तेमाल करें।
  • इससे एप हट जाएगा, लेकिन उसका डेटा सुरक्षित रहेगा और जरूरत पड़ने पर आसानी से दोबारा इंस्टॉल किया जा सकेगा।

कितने समय में करें एप्स की सफाई?
  • साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स की सलाह है कि हर तीन महीने में एक बार अपने फोन की एप लिस्ट जरूर चेक करें।
  • देखें कि जिन एप्स का लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुआ है, उन्हें हटाकर फोन को सुरक्षित, तेज और व्यवस्थित रखा जा सकता है।

सिर्फ एप हटाना काफी नहीं, अकाउंट भी करें बंद
  • अक्सर लोग यह गलती कर देते हैं। अगर किसी एप में आपने अकाउंट बनाया है, तो केवल उसे अनइंस्टॉल ही न करें।
  • पहले उस एप से लॉगआउट करें और अगर उसकी जरूरत पूरी तरह खत्म हो गई है, तो संबंधित अकाउंट भी डिलीट कर दें।
  • इससे आपकी निजी जानकारी कंपनी के सर्वर पर लंबे समय तक सुरक्षित या संग्रहित नहीं रहेगी और डेटा लीक का जोखिम भी कम होगा।
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