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NHAI: हाईवे पर दौड़ाते हैं कार, तो आपकी भी होगी निगरानी; ये रहा सरकार का स्मार्ट प्लान
Fri, 26 Jun 2026 07:23 PM IST
संकल्प प्रकाश सिंह
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संकल्प प्रकाश सिंह
Updated Fri, 26 Jun 2026 07:23 PM IST
सार
राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को आधुनिक बनाने के लिए उन्नत एआई आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने की योजना बनाई जा रही है।
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NHAI Plans AI-Based Traffic Monitoring
- फोटो : AI Generated
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विस्तार
देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और तकनीक-संचालित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने की योजना है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर उन्नत ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हाई-टेक कैमरे, सेंसर और डिजिटल निगरानी उपकरणों को उपयोग में लाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं की समय पर पहचान, यातायात का रियल टाइम सर्विलांस और आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत सहायता उपलब्ध कराना है। इस तरह की आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से न केवल सड़क सुरक्षा में सुधार होगा बल्कि यात्रियों को अधिक सहज और भरोसेमंद सफर का अनुभव भी प्रदान करना है।
नई व्यवस्था के अंतर्गत प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्मार्ट ढंग से सर्विलांस नेटवर्क विकसित किया जाएगा। हाईवे पर लगाए जाने वाले कैमरे और डिजिटल उपकरण लगातार यातायात की स्थिति पर नजर रखेंगे तथा किसी भी असामान्य गतिविधि, दुर्घटना या ट्रैफिक जाम की जानकारी तुरंत नियंत्रण केंद्र तक पहुंचाने का काम करेंगे। इससे संबंधित एजेंसियां तेजी से प्रतिक्रिया दे सकेंगी और प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं सहायता कार्यों को समय पर शुरू किया जा सकेगा।
इस तकनीकी ढांचे में केंद्रीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का काम करेंगे। इन केंद्रों के माध्यम से विभिन्न राजमार्गों से प्राप्त डाटा का विश्लेषण करके तत्काल निर्णय लिया जाएगा। डाटा आधारित सर्विलांस सिस्टम से ट्रैफिक प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा और दुर्घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम करने में काफी मदद मिलेगी।
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डिजिटल सूचना बोर्ड, मोबाइल आधारित अपडेट और अन्य स्मार्ट संचार माध्यमों के माध्यम से सड़क की स्थिति, मौसम, यातायात बाधाओं और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे वाहन चालकों को बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी। इससे लंबी दूरी की यात्राएं अधिक सुरक्षित बनेंगी।
सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना चाहती है। अगर इसको प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो दुर्घटनाओं में कमी, यातायात की सुगमता और आपातकालीन सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है। इससे करोड़ों यात्रियों को लाभ पहुंचेगा।
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नई व्यवस्था के अंतर्गत प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्मार्ट ढंग से सर्विलांस नेटवर्क विकसित किया जाएगा। हाईवे पर लगाए जाने वाले कैमरे और डिजिटल उपकरण लगातार यातायात की स्थिति पर नजर रखेंगे तथा किसी भी असामान्य गतिविधि, दुर्घटना या ट्रैफिक जाम की जानकारी तुरंत नियंत्रण केंद्र तक पहुंचाने का काम करेंगे। इससे संबंधित एजेंसियां तेजी से प्रतिक्रिया दे सकेंगी और प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं सहायता कार्यों को समय पर शुरू किया जा सकेगा।
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इस तकनीकी ढांचे में केंद्रीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का काम करेंगे। इन केंद्रों के माध्यम से विभिन्न राजमार्गों से प्राप्त डाटा का विश्लेषण करके तत्काल निर्णय लिया जाएगा। डाटा आधारित सर्विलांस सिस्टम से ट्रैफिक प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा और दुर्घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम करने में काफी मदद मिलेगी।
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डिजिटल सूचना बोर्ड, मोबाइल आधारित अपडेट और अन्य स्मार्ट संचार माध्यमों के माध्यम से सड़क की स्थिति, मौसम, यातायात बाधाओं और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे वाहन चालकों को बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी। इससे लंबी दूरी की यात्राएं अधिक सुरक्षित बनेंगी।
सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना चाहती है। अगर इसको प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो दुर्घटनाओं में कमी, यातायात की सुगमता और आपातकालीन सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है। इससे करोड़ों यात्रियों को लाभ पहुंचेगा।