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Ayodhya News: एक नाव के भरोसे 800 ग्रामीण, कंधे तक पानी में उतरकर घर पहुंचने की मजबूरी

Thu, 20 Aug 2026 12:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Thu, 20 Aug 2026 12:15 AM IST
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800 villagers rely on a single boat; forced to wade through shoulder deep water to reach home.
सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद कोटसराय के माझा कला में साइकिल के साथ गंतव्य की ओर जाते स्थानीय ग्र
अयोध्या। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से रुदौली, पूराबाजार और सोहावल क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। बुधवार दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 93.100 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 92.730 मीटर से 37 सेंटीमीटर ऊपर है। बीते 24 घंटे में जलस्तर में 17 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है।
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कोटसराय माझा क्षेत्र में करीब 800 ग्रामीणों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों के लिए केवल एक नाव उपलब्ध है। रावण घाट जाने वाले रास्ते पर करीब 200 मीटर तक नाव की सुविधा मिल रही है, इसके बाद ग्रामीणों को लगभग आधा किलोमीटर तक पानी में पैदल चलकर गांव पहुंचना पड़ रहा है। कई लोग कंधे तक पानी में घरेलू सामान लेकर आने-जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने नावों की संख्या बढ़ाने के साथ स्थायी समाधान की मांग की है। ग्रामीणों के मुताबिक दो-तीन घर कटान की जद में हैं और जलस्तर और बढ़ने पर खतरा गंभीर हो सकता है। तटवर्ती गांवों में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। मुड़ाडिहा, माझा कला और कोटसराय समेत कई गांवों में सैकड़ों परिवार प्रभावित हैं। कई परिवार घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं।
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जर्जर नावों के सहारे आवागमन
बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से पांच सरकारी नावें लगाई गई हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि कई नावें जर्जर हैं। नावों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट तक उपलब्ध नहीं हैं। कैथी माझा गांव चारों तरफ पानी से घिरकर टापू में तब्दील हो गया है। ग्रामीणों को जरूरी काम और बीमारी की स्थिति में भी जर्जर नावों से बाहर निकलना पड़ रहा है। नाव चालक राम स्वारथ ने बताया कि अभी तक लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। मौके पर मौजूद लेखपाल और कानूनगो ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि लाइफ जैकेट के लिए मांग भेजी गई है।
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पटरंगा माझा में राहत का इंतजार
शुजागंज। पटरंगा माझा गांव में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। ग्रामीण प्रिया ने बताया कि बच्चों के लिए तख्त पर चूल्हा रखकर रोटी बनानी पड़ रही है। जलभराव के कारण लकड़ी भी पूरी तरह भीग चुकी है। ग्रामीण दुगनाथ का आरोप है कि अब तक अधिकारी और कर्मचारी गांव में उनकी सुध लेने नहीं पहुंचे और न ही राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई। कैथी माझा, मरोचा माझा, पटरंगा माझा, महगू का पुरवा, सराय नासिर, मुजेहाना, कैथी गांव के ग्रामीणों को हर वर्ष तीन माह बाढ़ में दुश्वारियों से रहने को मजबूर होना पड़ता है। फूल बहादुर, शिवकुमार, श्री दत्त यादव, कहना कि प्रशासन की ओर से हर वर्ष बाढ़ के समय में मदद का आश्वासन मिलता है कि किसी सुरक्षित स्थान पर बसा दिया जाएगा, लेकिन बाढ़ के बाद कोई सुध लेने वाला नहीं है। नदी के जलस्तर बढ़ने से अब्बूपुर गांव के संपर्क मार्ग टूटा गया।

बंधे पर पनाह, पेयजल का संकट
पूराबाजार। मुड़ाडिहा गांव में करीब 150 परिवारों ने घर छोड़कर राजा दशरथ समाधि स्थल के पास बंधे पर शरण ली है। परिवार खुले आसमान के नीचे पॉलिथीन की छांव में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने पेयजल की समस्या बताई है। झाड़ियों और पानी के आसपास सांप-बिच्छुओं का खतरा भी बना हुआ है।

बाढ़ से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
सोहावल। राजस्व गांव कोटसराय के ताड़ी का पुरवा, रामदास का पुरवा और रावण घाट निषाद बस्ती समेत कई मजरे बाढ़ और कटान से प्रभावित हैं। करीब 100 घरों की लगभग एक हजार की आबादी प्रभावित बताई जा रही है। घरों में पानी भरने से महिलाएं और बच्चे बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई भी ठप हो गई है।

225 परिवारों को बांटी राहत किट
रुदौली। पस्ता माफी स्थित बाढ़ चौकी पर बुधवार को विधायक रामचंद्र यादव ने 225 बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत किट वितरित की। उप जिलाधिकारी विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि सभी पीड़ित परिवारों का सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। पटरंगा और मरोचा में भी जल्द राहत सामग्री वितरित की जाएगी।

सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद कोटसराय के माझा कला में साइकिल के साथ गंतव्य की ओर जाते स्थानीय ग्र

सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद कोटसराय के माझा कला में साइकिल के साथ गंतव्य की ओर जाते स्थानीय ग्र

सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद कोटसराय के माझा कला में साइकिल के साथ गंतव्य की ओर जाते स्थानीय ग्र

सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद कोटसराय के माझा कला में साइकिल के साथ गंतव्य की ओर जाते स्थानीय ग्र

सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद कोटसराय के माझा कला में साइकिल के साथ गंतव्य की ओर जाते स्थानीय ग्र

सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद कोटसराय के माझा कला में साइकिल के साथ गंतव्य की ओर जाते स्थानीय ग्र

सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद कोटसराय के माझा कला में साइकिल के साथ गंतव्य की ओर जाते स्थानीय ग्र

सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद कोटसराय के माझा कला में साइकिल के साथ गंतव्य की ओर जाते स्थानीय ग्र

सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद कोटसराय के माझा कला में साइकिल के साथ गंतव्य की ओर जाते स्थानीय ग्र

सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद कोटसराय के माझा कला में साइकिल के साथ गंतव्य की ओर जाते स्थानीय ग्र

सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद कोटसराय के माझा कला में साइकिल के साथ गंतव्य की ओर जाते स्थानीय ग्र

सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद कोटसराय के माझा कला में साइकिल के साथ गंतव्य की ओर जाते स्थानीय ग्र

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