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अयोध्या: राम मंदिर के चढ़ावे में गबन की जांच के लिए पीएमओ से पहुंचे अफसर, आज पहुंचेगी एसआईटी

सूरज शुक्ला, अमर उजाला लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 15 Jun 2026 07:31 AM IST
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सार

Ram Mandir donation dispute: राम मंदिर चंदा गबन के मामले में पीएमओ सक्रिय हो गया है। इस मामले में रविवार को पीएमओ से अधिकारी पहुंचने की संभावना है। 

Ayodhya: Officers from the PMO arrive to investigate embezzlement of offerings to the Ram Temple; the SIT will
राम मंदिर विवाद पहुंचा पीएमओ। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

राम मंदिर के चढ़ावे में गबन के मामले के तूल पकड़ने के बाद केंद्र भी सक्रिय हो गया है। रविवार को पीएमओ की तरफ से एक बड़े अफसर के मंदिर पहुंचने की चर्चा है। अफसर अपने स्तर से जांच पड़ताल के बाद जानकारी जुटाकर पीएमओ को देंगे। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय एसआईटी (विशेष जांच दल) सोमवार को अयोध्या पहुंचेगी। टीम ट्रस्ट के पदाधिकारियों से जानकारी लेने के साथ मंदिर के कर्मचारियों और चिह्नित संदिग्धों से पूछताछ करेगी। ट्रस्ट की ओर से की गई अब तक की जांच का पूरा ब्योरा भी जुटाएगी। इस बीच एक सप्ताह पहले उजागर हुए इस मामले में गबन के साक्ष्य मिलने के बाद भी अब तक एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है।



मंदिर की दान राशि में हेरफेर का मामला बीते सप्ताह उजागर हुआ था। ट्रस्ट के पदाधिकारी तब से खुद ही गोपनीय जांच में जुटे हैं। ट्रस्ट के ऑफिस के पास किसी भी बाहरी शख्स के जाने पर रोक है। इन सबके बीच शनिवार को श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासन ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। 
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इसमें लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज लखनऊ किरन एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन शामिल हैं। चर्चा थी कि एसआईटी रविवार से जांच शुरू करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी सोमवार को अयोध्या पहुंचकर जांच शुरू करेगी। टीम केवल धन के लेन-देन और तकनीकी पहलुओं की जांच ही नहीं, बल्कि यह भी पता लगाएगी कि किसी स्तर पर संरक्षण, लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं हुई। किसी ट्रस्टी या पदाधिकारी की संलिप्तता या प्रशासनिक चूक के प्रमाण मिलने पर उनके अधिकार सीमित किए जा सकते हैं।

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अधिकारियों से मिले बिना लखनऊ रवाना हुए विनय कटियार

अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर अधिकारियों से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराने का एलान करने वाले पूर्व सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता विनय कटियार रविवार को अधिकारियों से मिले बिना ही लखनऊ रवाना हो गए।

विनय कटियार ने शनिवार को अयोध्या पहुंचने के दौरान कहा था कि वह रविवार सुबह डीआईजी और एसएसपी से मिलकर राम मंदिर के चढ़ावे में कथित घपला करने वालों के खिलाफ शिकायत करेंगे तथा दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि किसी ने श्रद्धालुओं के दान में गड़बड़ी की है तो उसे जेल भेजा जाना चाहिए। हालांकि रविवार को उनके अधिकारियों से मिलने का कार्यक्रम नहीं हो सका और वह बिना किसी औपचारिक शिकायत के ही लखनऊ के लिए रवाना हो गए।


 

नृपेंद्र मिश्र ने लिया दानपेटियों का जायजा

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने रविवार को श्रीराम जन्मभूमि परिसर में दानपेटियों और चढ़ावे के प्रबंधन की व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने चढ़ावा संग्रह, सुरक्षा और बैंक में जमा कराने तक की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने रामलला के गर्भगृह में रखी दान पेटियां भी देखीं। मिश्र ने जांच के लिए गठित एसआईटी पर भरोसा जताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 24 घंटे से भी कम समय में जांच समिति गठित कर दी। समिति की संस्तुतियां का क्रियान्वयन किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच : अवधेश प्रसाद

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने रविवार को सिविल लाइंस स्थित एक होटल में पत्रकार वार्ता कर राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह मामला सामान्य वित्तीय गड़बड़ी का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की एसआईटी पर उन्हें भरोसा नहीं है। मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन में गठित स्वतंत्र समिति से कराई जाए। साथ ही ट्रस्ट को भंग कर सभी जिम्मेदार पदाधिकारियों को पदों से हटाया जाए।

ट्रस्ट भवन में लगा नया लॉकर

राम मंदिर के दान से जुड़े प्रकरण के बाद व्यवस्थाओं में बदलाव शुरू हो गया है। इसी क्रम में ट्रस्ट कार्यालय में नया उच्च सुरक्षा वाला लॉकर लगाया गया है। इसका उद्देश्य दानपेटियों से प्राप्त नकदी, बहुमूल्य आभूषणों और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के सुरक्षित रखरखाव की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपनी देखरेख में नए लॉकर को अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप स्थापित करवाया है।
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