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Ayodhya News: पुस्तक मेले में दादा-दादी संग बाइस्कोप देखने पहुंचे बच्चे
Wed, 28 Oct 2026 11:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 28 Oct 2026 11:56 PM IST
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अयोध्या। मोबाइल और डिजिटल मनोरंजन के दौर में अयोध्या-फैजाबाद पुस्तक मेले में बृहस्पतिवार को बच्चों को पारंपरिक बाइस्कोप के जरिये पुराने समय की झलक देखने को मिली। सुबह आयोजित बाइस्कोप कार्यक्रम में शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के सैकड़ों बच्चे अपने दादा-दादी और नाना-नानी के साथ पहुंचे।
बाइस्कोप के दृश्य देखकर बुजुर्गों को अपने बचपन के दिन याद आ गए, वहीं बच्चों ने भी मनोरंजन के इस पारंपरिक माध्यम के बारे में जाना। बुजुर्गों ने बताया कि उनके बचपन में बाइस्कोप मनोरंजन का लोकप्रिय साधन हुआ करता था। इसके दृश्य देखते हुए उन्होंने अपने बचपन के अनुभव पोते-पोतियों के साथ साझा किए। बच्चों में भी इसे लेकर खासा उत्साह रहा। वे अपने दादा-दादी और नाना-नानी की अंगुली थामकर बाइस्कोप देखते नजर आए।
पुस्तक मेला आयोजक मंडल की ओर से आयोजित इस गतिविधि का उद्देश्य आधुनिक डिजिटल दौर और एकल परिवारों के बढ़ते चलन के बीच नई पीढ़ी को बुजुर्गों के अनुभवों और भारतीय विरासत से जोड़ना था। कार्यक्रम ने बच्चों और बुजुर्गों को साथ समय बिताने और आपसी यादें साझा करने का अवसर दिया। आयोजन में प्रभारी रीता खत्री, संयोजिका नमिता मेहरोत्रा, राजकुमार खत्री, पुनीत मेहरोत्रा, प्रभात टंडन, अधिवक्ता अतीक अहमद, राकेश केसरवानी, अभिनव राजे और कुशाग्र मेहरोत्रा सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।
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बाइस्कोप के दृश्य देखकर बुजुर्गों को अपने बचपन के दिन याद आ गए, वहीं बच्चों ने भी मनोरंजन के इस पारंपरिक माध्यम के बारे में जाना। बुजुर्गों ने बताया कि उनके बचपन में बाइस्कोप मनोरंजन का लोकप्रिय साधन हुआ करता था। इसके दृश्य देखते हुए उन्होंने अपने बचपन के अनुभव पोते-पोतियों के साथ साझा किए। बच्चों में भी इसे लेकर खासा उत्साह रहा। वे अपने दादा-दादी और नाना-नानी की अंगुली थामकर बाइस्कोप देखते नजर आए।
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पुस्तक मेला आयोजक मंडल की ओर से आयोजित इस गतिविधि का उद्देश्य आधुनिक डिजिटल दौर और एकल परिवारों के बढ़ते चलन के बीच नई पीढ़ी को बुजुर्गों के अनुभवों और भारतीय विरासत से जोड़ना था। कार्यक्रम ने बच्चों और बुजुर्गों को साथ समय बिताने और आपसी यादें साझा करने का अवसर दिया। आयोजन में प्रभारी रीता खत्री, संयोजिका नमिता मेहरोत्रा, राजकुमार खत्री, पुनीत मेहरोत्रा, प्रभात टंडन, अधिवक्ता अतीक अहमद, राकेश केसरवानी, अभिनव राजे और कुशाग्र मेहरोत्रा सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।
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