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Ayodhya News: रामलला के दर्शन से पहले श्रद्धालु कर रहे रामकोट की परिक्रमा
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 22 Jun 2026 11:47 PM IST
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23-राममंदिर में रामजन्मभूमि पथ से सोमवार को दर्शन-पूजन को जाते श्रद्धालुगण।-संवाद
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अयोध्या। रामनगरी में रामलला के दर्शन के साथ-साथ अब रामकोट परिक्रमा भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बनती जा रही है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे रामकोट परिक्रमा का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में साधु-संत, स्थानीय श्रद्धालु और रामभक्त शामिल होते हैं।
पहले इस परिक्रमा में मुख्य रूप से अयोध्या के संत-महात्मा और स्थानीय लोग भाग लेते थे, लेकिन अब रामलला के दर्शन के लिए देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालु भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने लगे हैं। कई श्रद्धालु रामलला के दर्शन से पहले रामकोट की परिक्रमा कर अपनी यात्रा को पूर्ण मानते हैं। राम मंदिर के लोकार्पण के बाद अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। इसका प्रभाव रामकोट परिक्रमा पर भी दिखाई दे रहा है। परिक्रमा के संचालन में अहम भूमिका निभाने वाले डॉक्टर चंद्र गोपाल पांडेय ने बताया कि रोजाना बड़ी संख्या में लोग सुबह परिक्रमा कर रहे हैं। अब प्रतिदिन विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु इसमें शामिल होकर अयोध्या की प्राचीन धार्मिक परंपरा से जुड़ रहे हैं। परिक्रमा का नेतृत्व करने वाले हनुमानगढ़ी के मुख्य पुजारी रमेश दास का कहना है कि रामकोट परिक्रमा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम की नगरी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ने का माध्यम भी है। लगातार बढ़ रही सहभागिता के कारण यह परिक्रमा अब स्थानीय आयोजन से आगे बढ़कर राष्ट्रीय स्वरुप धारण करती दिखाई दे रही है।
पहले इस परिक्रमा में मुख्य रूप से अयोध्या के संत-महात्मा और स्थानीय लोग भाग लेते थे, लेकिन अब रामलला के दर्शन के लिए देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालु भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने लगे हैं। कई श्रद्धालु रामलला के दर्शन से पहले रामकोट की परिक्रमा कर अपनी यात्रा को पूर्ण मानते हैं। राम मंदिर के लोकार्पण के बाद अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। इसका प्रभाव रामकोट परिक्रमा पर भी दिखाई दे रहा है। परिक्रमा के संचालन में अहम भूमिका निभाने वाले डॉक्टर चंद्र गोपाल पांडेय ने बताया कि रोजाना बड़ी संख्या में लोग सुबह परिक्रमा कर रहे हैं। अब प्रतिदिन विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु इसमें शामिल होकर अयोध्या की प्राचीन धार्मिक परंपरा से जुड़ रहे हैं। परिक्रमा का नेतृत्व करने वाले हनुमानगढ़ी के मुख्य पुजारी रमेश दास का कहना है कि रामकोट परिक्रमा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम की नगरी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ने का माध्यम भी है। लगातार बढ़ रही सहभागिता के कारण यह परिक्रमा अब स्थानीय आयोजन से आगे बढ़कर राष्ट्रीय स्वरुप धारण करती दिखाई दे रही है।
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