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Ayodhya News: दोहरी नागरिकता कांड में अब मास्टर प्लान की तलाश में जुटी जांच टीम

Fri, 24 Jul 2026 01:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Fri, 24 Jul 2026 01:21 AM IST
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Investigation team now searching for the 'master plan' in the dual citizenship scanda
बलरामपुर। भारत-नेपाल दोहरी नागरिकता कांड की जांच में 27 आरोपियों से जुड़ी अहम जानकारी मिली है। विवेचना का फोकस अब उस पूरी व्यवस्था को खंगालने पर है, जिसके जरिये पिछले करीब तीन दशक में नेपाली नागरिकों को चरणबद्ध तरीके से भारतीय पहचान दिलाई गई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इस पूरे घटनाक्रम का मास्टर प्लान क्या था और इसे किन स्तरों पर अंजाम दिया गया। विवेचना में एक चर्चित पूर्व सांसद के प्रभाव वाले दौर पर विशेष फोकस किया गया है।
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सूत्रों के अनुसार तैयार की गई जांच रिपोर्ट में संकेत मिले हैं कि 1990 से 2016 के बीच पहले मतदाता सूची में नाम दर्ज कराए गए, फिर धीरे-धीरे राशन कार्ड, आधार, निवास प्रमाणपत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज बनवाए गए। इसके बाद सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाकर उनकी भारतीय पहचान को मजबूत किया गया। अब इसी पूरी प्रक्रिया की परत-दर-परत जांच की जा रही है। विवेचना में एक पूर्व सांसद के प्रभाव वाले दौर पर भी विशेष फोकस किया गया है। जांच एजेंसियां यह पड़ताल कर रही हैं कि उस समय प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर क्या परिस्थितियां थीं और दस्तावेज तैयार होने की प्रक्रिया में किसकी क्या भूमिका रही। हालांकि अभी किसी नई भूमिका पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और जांच जारी है। पुलिस सूत्र बताते हैं कि 27 चिन्हित आरोपियों की अलग-अलग प्रोफाइल तैयार की जा रही है। एसपी विकास कुमार कहते हैं कि मामला दो देशों और कई विभागों से जुड़ा होने से हर तथ्य की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस टीम ने काफी रिपोर्ट तैयार कर ली है।
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नेपाल के एक अपराधी के ताल्लुकात पर नजर
-- 30 वर्ष पहले के दौर में नेपाल की स्थिति में बड़ा बदलाव था। कस्टम से सेवानिवृत्त एक अधिकारी ने बताया कि उस समय गोंडा और बलरामपुर के तस्करों के तार नेपाल से जुड़े थे। नेपाल के उस समय के एक अपराधी मिर्जा दिलशाद बेग का नाम लेते हुए बताया कि यहां के कुछ लोगों ने उससे संपर्क साध रखा था। कई बार मामला चर्चा में आ चुका है। 1998 में उसकी मौत पर एक पूर्व सांसद उसके अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। इसी तरह कईयों के नाम सामने आए थे। अब दोहरी नागरिकता मामले में उन कड़ियों पर भी पड़ताल हो रही है।
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