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Ayodhya News: राम मंदिर में पहली बार 12 दिनों तक झूलनोत्सव
Sun, 02 Aug 2026 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 02 Aug 2026 11:50 PM IST
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अयोध्या। राम मंदिर में इस वर्ष से रामलला के झूलन उत्सव का स्वरूप और अधिक भव्य होने जा रहा है। अब तक पांच दिनों तक आयोजित होने वाला यह धार्मिक उत्सव इस बार पहली बार 12 दिनों तक चलेगा। सावन शुक्ल तृतीया 15 अगस्त से सावन पूर्णिमा तक प्रतिदिन शाम छह बजे से नौ बजे तक रामलला कुबेर टीला पर झूला झूलेंगे। इस दौरान अयोध्या के प्रसिद्ध कलाकार भजन, गायन और वादन की प्रस्तुति देंगे।
यह निर्णय श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यवाहक महासचिव कृष्णमोहन और श्रीरामवल्लभाकुंज के प्रमुख तथा राम मंदिर धार्मिक समिति के सदस्य स्वामी राजकुमार दास के संयोजन में हुई धर्मसमिति की बैठक में लिया गया। बताते चलें कि राम मंदिर में सावन शुक्ल पंचमी से झूलनोत्सव की परंपरा है, लेकिन इस बार परंपरा को नया आयाम देने की तैयारी है।
बैठक में रामलला, राम दरबार, परकोटे में स्थित मंदिरों तथा संपूर्ण मंदिर परिसर की धार्मिक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। झूलन उत्सव में अयोध्या के प्रमुख संत-महंतों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
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स्वामी राजकुमार दास ने बताया कि प्रतिदिन तीन घंटे तक चलने वाले इस उत्सव में अलग-अलग कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वातावरण का अनुभव होगा। बैठक में मंदिर के परकोटे में विराजमान भगवान महादेव के लिए निरंतर जलधारा की व्यवस्था तथा विशेष पूजन-अर्चन की योजना पर भी विचार किया गया। लगभग एक घंटे तक चली बैठक में मंदिर की धार्मिक और व्यवस्थागत आवश्यकताओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे गए, जिन्हें उन्होंने सकारात्मक रूप से स्वीकार किया।
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यह निर्णय श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यवाहक महासचिव कृष्णमोहन और श्रीरामवल्लभाकुंज के प्रमुख तथा राम मंदिर धार्मिक समिति के सदस्य स्वामी राजकुमार दास के संयोजन में हुई धर्मसमिति की बैठक में लिया गया। बताते चलें कि राम मंदिर में सावन शुक्ल पंचमी से झूलनोत्सव की परंपरा है, लेकिन इस बार परंपरा को नया आयाम देने की तैयारी है।
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बैठक में रामलला, राम दरबार, परकोटे में स्थित मंदिरों तथा संपूर्ण मंदिर परिसर की धार्मिक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। झूलन उत्सव में अयोध्या के प्रमुख संत-महंतों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
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स्वामी राजकुमार दास ने बताया कि प्रतिदिन तीन घंटे तक चलने वाले इस उत्सव में अलग-अलग कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वातावरण का अनुभव होगा। बैठक में मंदिर के परकोटे में विराजमान भगवान महादेव के लिए निरंतर जलधारा की व्यवस्था तथा विशेष पूजन-अर्चन की योजना पर भी विचार किया गया। लगभग एक घंटे तक चली बैठक में मंदिर की धार्मिक और व्यवस्थागत आवश्यकताओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे गए, जिन्हें उन्होंने सकारात्मक रूप से स्वीकार किया।