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Ayodhya News: कहीं बोरे की कमी तो कहीं उठान न होने से धान खरीद प्रभावित

संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Sun, 11 Jan 2026 08:34 PM IST
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Paddy procurement affected due to shortage of sacks at some places and non-lifting at other places
फोटो 9-खंडासा क्रय केंद्र पर होती धान खरीद - संवाद
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अमानीगंज। कहीं बोरे की कमी तो कहीं खरीदे गए धान का उठान नहीं होने से धान खरीद की रफ्तार सुस्त हो चुकी है। परेशान किसान क्रय केंद्रों का चक्कर लगाने को मजबूर है। धीमी खरीद का सीधा फायदा आढ़तियों और खुदरा व्यापारियों को पहुंच रहा है। वह किसानों से औने-पौने दामों पर खरीद कर क्रय केंद्रों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
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क्रय केंद्रवार बोरे की फीडिंग जिले से की जाती है। जिस केंद्र पर जितने बोरे की फीडिंग की जाती है, प्रभारी उतनी ही खरीद कर सकते हैं। केंद्र प्रभारियों की मानें तो बोरे की फीडिंग में भी सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। अधिकारी चहेते केंद्रों के लिए अधिक फीडिंग कर रहे हैं। 10 जनवरी तक पीसीयू के देवगांव केंद्र पर 5120 क्विंटल, बघौड़ा में 5495, जगदीशपुर 4600, पीसीएफ के रौतावां में 4044, बोडेंपुर में 4809 क्विंटल धान की खरीद की गई है। वहीं विपणन के अमानीगंज क्रय केंद्र पर 4000 क्विंटल और खंडासा सेंटर पर 5000 क्विंटल धान खरीद हुई है। मोहली गांव के किसान सुरेश तिवारी ने बताया कि बोरे की कमी के चलते 100 क्विंटल धान की चार दिनों में बिक्री कर सका। देवगांव क्रय केंद्र के प्रभारी ने बताया कि उठान न होने से तीन दिनों से खरीद बंद है। विपणन निरीक्षक अमानीगंज शिशिर कुमार ने बताया कि उठान नहीं हो रही थी, पत्र लिखने के बाद ठेकेदार हरकत में आया है। उठान और बोरे की कमी के चलते वर्तमान में खरीद की गति थोड़ी धीमी है।
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कागज पर धान खरीद रहे बिचौलिए
जिम्मेदारों की मिलीभगत से किसान की गाढ़ी कमाई से खेल हो रहा है। आमतौर पर क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहता है लेकिन केंद्र प्रभारी से जानकारी लेने पर बताया जाता है कि हजारों क्विंटल की खरीद हो चुकी है। किसानों से बातचीत में पता चला कि आसपास के आढ़ती और खुदरा व्यापारी भी किसानों से कागज पर धान की खरीद कर रहे हैं। ऐसे आढ़ती और व्यापारी सीधे मिलों को धान की आपूर्ति करते हैं और किसानों से प्राप्त ऑनलाइन कागज लेकर अनुबंधित केंद्रों पर खरीद चढ़वा देते हैं। इसी घपलेबाजी से बिचौलिए मालामाल हो रहे हैं। घटौली के किसान कमलेश पाठक ने बताया कि उन्होंने कागज अपना धान 1850 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खुदरा व्यापारी को बेचा है। चिरौली निवासी किसान सुनील कुमार दूबे ने बताया कि 1800 रुपये प्रति क्विंटल खुदरा व्यापारी को धान बेचा है।
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