राम मंदिर: सीईओ चयन पर उठ रहे सवालों को लेकर ट्रस्ट ने दिया स्पष्टीकरण, पत्र जारी करके कही बड़ी बात
राम मंदिर ट्रस्ट ने सीईओ चयन पर फैली खबरों को गलत बताया। साथ ही जितेंद्र मिश्र के इंटरव्यू पर स्पष्टीकरण दिया है। कहा कि 11 अगस्त की पहली पाली में चयन प्रक्रिया में वह शामिल हुए थे। 5,585 आवेदनों में से 16 अंतिम चरण के लिए चयनित हुए थे। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन को लेकर कुछ मीडिया माध्यमों से प्रसारित हो रही जानकारी को गलत बताते हुए प्रक्रिया के तथ्य स्पष्ट किए हैं। ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरी की ओर से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र (सेवानिवृत्त) सीईओ चयन के लिए हुए साक्षात्कार में शामिल हुए थे। उन्होंने 11 अगस्त को पहली पाली में आमने-सामने की चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया था।
ट्रस्ट के अनुसार, सीईओ के चयन के लिए खोज समिति का गठन छह जुलाई 2026 को किया गया था। समिति को कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों की बहुस्तरीय जांच की गई। दिल्ली-एनसीआर, पुणे और संबलपुर में एआई आधारित स्क्रीनिंग के साथ मैनुअल विशेषज्ञ मूल्यांकन भी किया गया। इसके बाद 16 प्रत्याशियों को अंतिम चरण के लिए चुना गया।
जितेंद्र मिश्र भी प्रक्रिया का हिस्सा थे
इन 16 प्रत्याशियों की 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में आमने-सामने बातचीत और साक्षात्कार की प्रक्रिया हुई। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र भी इस प्रक्रिया का हिस्सा थे। उन्होंने 11 अगस्त को पहली पाली में साक्षात्कार दिया था।
खोज समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट और अनुशंसाएं एक सितंबर को ट्रस्ट को सौंप दी थीं। इसमें तीन नामों की अनुशंसा की गई थी। इनमें एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र, संजय प्रताप सिंह विश्वास राव और श्रुति भारद्वाज शामिल थे। दो सितंबर को ट्रस्ट की ओर से मीडिया के समक्ष इन नामों की जानकारी दी गई। इसके बाद जितेंद्र मिश्र को मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाए जाने की घोषणा की गई।
ट्रस्ट ने कहा कि जितेंद्र मिश्र के साक्षात्कार में शामिल नहीं होने संबंधी दावे तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। शीर्ष तीन अनुशंसित प्रत्याशियों में उनका शामिल होना उनकी भागीदारी, मूल्यांकन और योग्यता आधारित चयन की पुष्टि करता है। ट्रस्ट के मुताबिक, चयन प्रक्रिया का प्रत्येक चरण दस्तावेजीकृत था। अयोध्या में अंतिम चरण में शामिल सभी प्रत्याशियों की पहचान दर्ज की गई थी।
ट्रस्ट तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराता रहेगा
स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि ट्रस्ट संस्थागत शासन और पारदर्शिता के उच्च मानकों के अनुरूप चयन प्रक्रिया संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है। भविष्य में प्रक्रिया को लेकर कोई सवाल उठता है तो ट्रस्ट तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराता रहेगा।