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सुप्रीम कोर्ट से बड़ी जनता है: शांभवी पीठाधीश्वर

संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Sun, 15 Mar 2026 09:29 PM IST
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The public is bigger than the Supreme Court: Shambhavi Peethadhishwar
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कुमारगंज। शांभवी कर्नाटक पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप ने यूजीसी कानून 2026 का कड़ा विरोध किया है। रविवार को उन्होंने कहा कि देश की जनता सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ी है।
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स्वामी आनंद स्वरूप ने इस कानून को एक सोची-समझी राजनीतिक चाल बताया। कहा कि यह केवल वोट लेने का एक तरीका और हिंदू धर्म को बांटने की साजिश है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी यूजीसी एक्ट जैसे मुद्दे समाज को पीछे धकेल रहे हैं। स्वामी आनंद स्वरूप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवर्ण समाज को समाप्त करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था नैसर्गिक रूप से पराक्रमी और बुद्धिमान सवर्ण समाज को कमजोर करेगी। उन्होंने जोर दिया कि उनका विरोध यूजीसी कानून की वापसी और हिंदू धर्म को न तोड़ने को लेकर है। उन्होंने यह बयान ग्राम सभा कहुवा में श्रीमद्भागवत कथा में भाग लेने कुमारगंज पहुंचने पर दिया।
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चतुर्वणीय व्यवस्था चार भाइयों के समान
स्वामी आनंद स्वरूप ने चतुर्वणीय व्यवस्था (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) को चार भाइयों के समान बताया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य इन चारों को एकजुट करना है, जबकि राजनीति हमेशा तोड़ने का काम करती है। उन्होंने संत और नेता के बीच अंतर स्पष्ट किया। उनके अनुसार, नेता राजनीतिक लाभ के लिए लोगों को पिछड़ा या दलित बनाते हैं, जबकि संत सभी को आगे बढ़ाने और ऊंचा उठाने की बात करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी, अगर न्यायपालिका भी जनता के खिलाफ आई, तो हम लोग न्यायपालिका के खिलाफ भी विद्रोह करने में कसर नहीं रखेंगे।
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