UP: अखिलेश ने 'राम मंदिर दान विवाद' तीसरी बार उठाया, बोले- CCTV क्यों जारी नहीं करते; सरकार से पूछे 11 सवाल
सपा अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने राम मंदिर दान विवाद को लेकर सरकार और ट्रस्ट पर सवाल उठाए। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की तथा मामले की निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कही। इस मुद्दे पर उन्होंने कई सवालों के जरिए सरकार को घेरा।
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विस्तार
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 'राम मंदिर दान विवाद' को लेकर फिर सरकार को घेरा। बुधवार को अपने एक्स अकाउंट से तीसरी बार मुद्दा उठाया। इसे चढ़ावा चोरी कांड बताते हुए भाजपा सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से 11 सवाल भी पूछे हैं।
अखिलेश यादव ने लिखा- आखिर ट्रस्टी कहना क्या चाहते हैं किसी को समझ नहीं आ रहा है। हेराफेरी में संलिप्त लोगों को हिरासत में लेने की खबरें अखबारों, टीवी चैनलों पर प्रसारित की जा रही हैं। पहले पुलिस कुछ नहीं कहती, लेकिन बाद में खंडन करती है। जनता के आक्रोश को देखकर पूरे देश के भाजपाइयों की घिग्घी बंध गई है।
चढ़ावा चोरी कांड
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 9, 2026
- ट्रस्टी कहना क्या चाहते हैं किसी को समझ नहीं आ रहा है।
- हेराफेरी में संलिप्त लोगों को हिरासत में लेने की ख़बरें अख़बारों, टीवी चैनलों, मीडिया पोर्टल और यूट्यूबर द्वारा प्रसारित की जा रही हैं।
- पहले पुलिस कुछ नहीं कहती लेकिन बाद में न जाने किसके दबाव…
अखिलेश ने पूछा- कौन है इन सबके पीछे, जो देश की सनातनी आस्था से खिलवाड़ कर रहा है? चढ़ावे में चोरी का पाप करनेवालों को कौन बचा रहा है? इस अपराध के तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं? सीसीटीवी का प्रमाण सार्वजनिक करने में क्या परेशानी है? डबल इंजन अब कहां हैं? उनकी जिम्मेदारी क्या है?
अखिलेश ने 11 सवाल उठाए
- कौन है इन सबके पीछे, जो देश की सनातनी आस्था से खिलवाड़ कर रहा है?
- चढ़ावे में चोरी का पाप करनेवालों को कौन बचा रहा है?
- इस अपराध के तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं और कितनी दूर तक जाते हैं?
- कौन ऐसा अधर्मी है, जिसके हाथ में इस पूरे कांड की लगाम है?
- इस घपले का सरगना कहां छिपा बैठा है?
- इस घोटाले में किस-किस की हिस्सेदारी है?
- इस कांड के खुलने के पीछे चोरी के पैसों के बंटवारे की लड़ाई मुख्य कारण है या कुछ प्रभावशाली लोगों की आपसी प्रतिस्पर्धा?
- पैसे गिनने जैसे संवेदनशील कार्य में ट्रस्ट और सरकारी बैंक के बीच निजी कंपनियों का खेल किसने खेला और उसका छिपा मंसूबा क्या है?
- सीसीटीवी सार्वजनिक करके मामले की सच्चाई बताने में क्या परेशानी है?
- डबल इंजन अब कहां हैं?
- डबल इंजन क्या सिर्फ डबल ईंधन का उपभोग करने के लिए हैं या उनकी कोई जिम्मेदारी भी है?
ये बेहद शर्मनाक है, चुप्पी पर उठ रहे सवाल
अखिलेश यादव ने मंगलवार को एक्स पर पोस्ट की थी। उन्होंने इसे दुनिया भर के राम भक्तों के लिए "बेहद संवेदनशील" बताया। यादव ने कहा कि यह स्थिति मंदिर ट्रस्ट के लिए "बेहद शर्मनाक" है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि राम मंदिर को दिए गए दान से करोड़ों रुपये गायब होना बहुत संवेदनशील खबर है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने मंदिर ट्रस्ट और सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार की चुप्पी "संदिग्ध" प्रतीत होती है। पूर्व उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने इस कथित विसंगति को सार्वजनिक चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट के लिए यह बेहद शर्मनाक स्थिति है। कोई भी आगे आकर स्पष्टीकरण देने को तैयार नहीं है।