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Ghazipur News: 433 वक्फ संपत्तियां खारिज, रिकॉर्ड में मिलीं हैं खामियां
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गाजीपुर। जिले में वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में रिकॉर्ड में खामियां सामने आई हैं। केंद्र सरकार के उम्मीद (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट, एम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार जिले में 433 वक्फ संपत्तियों के दावों को विभिन्न स्तरों पर निरस्त कर दिया गया है। इनमें मस्जिद, कब्रिस्तान, मजार और वक्फ के अंतर्गत दर्ज कुछ मदरसों की संपत्तियां भी शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक जिले में अब तक 2607 वक्फ संपत्तियों का विवरण पोर्टल पर दर्ज किया जा चुका है। इनमें से 1793 संपत्तियों को अंतिम स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि 193 संपत्तियों का विवरण चेकर स्तर पर लंबित है। वहीं 15 मामले अंतिम स्वीकृति के लिए अप्रूवर के पास विचाराधीन हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार अधिकांश मामलों में राजस्व अभिलेखों और वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड में अंतर सामने आया है। कई संपत्तियों के खसरा नंबर, रकबा और स्वामित्व संबंधी विवरण पोर्टल पर अपलोड दस्तावेजों से मेल नहीं खा रहे हैं। कुछ मामलों में एक ही भूमि का विवरण अलग-अलग वक्फ रिकॉर्ड में दर्ज होने की शिकायत भी सामने आई है। इसी कारण बड़ी संख्या में दावों को खारिज कर दिया गया।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिन संपत्तियों के दस्तावेजों में त्रुटियां मिली हैं, उनके मुतवल्लियों और प्रबंध समितियों को राजस्व अभिलेखों के अनुरूप रिकॉर्ड संशोधित कर पुनः प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित समय में आवश्यक सुधार नहीं किए जाने पर संबंधित संपत्तियों को भविष्य में कानूनी और प्रशासनिक जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है।
उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का सत्यापन निर्धारित मानकों के अनुसार किया जा रहा है। जिन मामलों में राजस्व अभिलेख, खसरा संख्या, रकबा या अन्य दस्तावेजों में विसंगति पाई गई है, उन्हें सुधार के लिए वापस किया गया या नियमानुसार निरस्त किया गया है। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है। - सच्चिदानंद तिवारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।
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सहायक सर्वे आयुक्त वक्फ एवं जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सच्चिदानन्द तिवारी ने बताया कि संबंधित व्यक्ति रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से उम्मीद पोर्टल पर लॉगिन कर एडिट ऑप्शन के जरिए कमियों को सुधार सकते हैं। संशोधित विवरण को निर्धारित तिथि तक पुनः सब्मिट करना अनिवार्य होगा।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिन संपत्तियों के दस्तावेजों में त्रुटियां मिली हैं, उनके मुतवल्लियों और प्रबंध समितियों को राजस्व अभिलेखों के अनुरूप रिकॉर्ड संशोधित कर पुनः प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित समय में आवश्यक सुधार नहीं किए जाने पर संबंधित संपत्तियों को भविष्य में कानूनी और प्रशासनिक जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है।
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उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का सत्यापन निर्धारित मानकों के अनुसार किया जा रहा है। जिन मामलों में राजस्व अभिलेख, खसरा संख्या, रकबा या अन्य दस्तावेजों में विसंगति पाई गई है, उन्हें सुधार के लिए वापस किया गया या नियमानुसार निरस्त किया गया है। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है। - सच्चिदानंद तिवारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।
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