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Ghazipur News: फोरलेन के 42 किलोमीटर के हिस्से में 55 अवैध कट ले रहे जान
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शेखपुर के पास वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर अवैध कट से जाता ई-रिक्शा -संवाद
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गाजीपुर। वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर सफर करना सुरक्षित नहीं रह गया है। इस पर रोजाना 19 हजार से अधिक वाहन आवागमन करते हैं। बावजूद जगह- जगह बने अवैध कट से हादसे हो रहे हैं।
स्थित यह है कि फोरलेन के महराजगंज से लेकर मटेहूं तक 42 किलोमीटर के दायरे में 55 अवैध कट हैं। स्थिति यह है कि आठ महीने में 10 से अधिक लोगों ने जान गवाई है, वहीं 65 लोग घायल हुए हैं। वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र से शुरू होकर सीएम के गृह क्षेत्र को जोड़ता है। अवैध कट के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। जनपद में वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन करीब 110 किलोमीटर लंबा है।
इसमें महाराजगंज से लेकर मटेहूं तक सबसे अधिक अवैध कट हैं। महाराजगंज से मटेहूं तक की दूरी लगभग 42 किलोमीटर के दायरे में सफर करना जोखिम भरा है। विशेष रूप से रात में स्थिति और भी खराब है। एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) का दावा है कि वाराणसी- गोरखपुर फोरलेन पर सुरक्षित सफर के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं, लेकिन विभाग के दावों की पोल अवैध कट खोल रहे हैं। अवैध कट से जनपद में वाराणसी- गोरखपुर फोरलेन पर 10 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं फोरलेन पर खड़े होने वाले ट्रक, ट्रेलर व अन्य वाहन भी हादसों को निमंत्रण देते हैं।
वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर कछुहरा के पास खतरनाक अवैध कट है। अवैध कट के माध्यम से आसपास के गांवों के लोग पैदल व वाहनों से प्रतिदिन फोरलेन के इस पार से उस पार होते हैं। 10 जनवरी को कछुहरा अवैध कट को पार करते वक्त अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। इससे बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई।
करीब एक सप्ताह पूर्व शेखपुर के पास वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर अवैध कट पार करते हुए दो ई-रिक्शा की टक्कर हो गई। हादसे में ई-रिक्शा सवार एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान कुसमी निवासी मरदह थाना क्षेत्र के बोगना के रूप में हुई थी।
जनपद में वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर अवैध कट बंद करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है। फोरलेन पर अनाधिकृत जगहों पर वाहनों को खड़ा करने की अनुमति नहीं है। - अजय, पीडी एनएचएआई
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स्थित यह है कि फोरलेन के महराजगंज से लेकर मटेहूं तक 42 किलोमीटर के दायरे में 55 अवैध कट हैं। स्थिति यह है कि आठ महीने में 10 से अधिक लोगों ने जान गवाई है, वहीं 65 लोग घायल हुए हैं। वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र से शुरू होकर सीएम के गृह क्षेत्र को जोड़ता है। अवैध कट के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। जनपद में वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन करीब 110 किलोमीटर लंबा है।
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इसमें महाराजगंज से लेकर मटेहूं तक सबसे अधिक अवैध कट हैं। महाराजगंज से मटेहूं तक की दूरी लगभग 42 किलोमीटर के दायरे में सफर करना जोखिम भरा है। विशेष रूप से रात में स्थिति और भी खराब है। एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) का दावा है कि वाराणसी- गोरखपुर फोरलेन पर सुरक्षित सफर के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं, लेकिन विभाग के दावों की पोल अवैध कट खोल रहे हैं। अवैध कट से जनपद में वाराणसी- गोरखपुर फोरलेन पर 10 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं फोरलेन पर खड़े होने वाले ट्रक, ट्रेलर व अन्य वाहन भी हादसों को निमंत्रण देते हैं।
वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर कछुहरा के पास खतरनाक अवैध कट है। अवैध कट के माध्यम से आसपास के गांवों के लोग पैदल व वाहनों से प्रतिदिन फोरलेन के इस पार से उस पार होते हैं। 10 जनवरी को कछुहरा अवैध कट को पार करते वक्त अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। इससे बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई।
करीब एक सप्ताह पूर्व शेखपुर के पास वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर अवैध कट पार करते हुए दो ई-रिक्शा की टक्कर हो गई। हादसे में ई-रिक्शा सवार एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान कुसमी निवासी मरदह थाना क्षेत्र के बोगना के रूप में हुई थी।
जनपद में वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर अवैध कट बंद करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है। फोरलेन पर अनाधिकृत जगहों पर वाहनों को खड़ा करने की अनुमति नहीं है। - अजय, पीडी एनएचएआई