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लापरवाही: वाराणसी मंडल के सिर्फ 19.55% विद्यालय ही निपुण, पहाड़े तक नहीं आते; जौनपुर के परिणाम सबसे खराब

अभिषेक मिश्र, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Tue, 24 Mar 2026 01:15 PM IST
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सार

Varanasi News: वाराणसी मंडल के सिर्फ 19.55% विद्यालय ही निपुण हो पाए। निपुण परीक्षा में मंडल के 6144 विद्यालयों के बच्चों ने प्रतिभाग किया था। इनमें से भी महज 1201 विद्यालयों के बच्चों ने ही परीक्षा पास कर पाए।  

Only 19.55% of schools in Varanasi Division a Nipun students do not even know multiplication tables
School Student - फोटो : freepik
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विस्तार

परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों को निपुण बनाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन यह प्रयास सिर्फ कागजों तक ही सिमट कर रह गए हैं। इसका प्रमाण इस बार की निपुण परीक्षा के परिणाम बता रहे हैं। इस बार 27 जनवरी से 14 फरवरी तक हुई निपुण परीक्षा में वाराणसी मंडल के 7402 विद्यालयों में से 6144 विद्यालयों के बच्चों ने ही प्रतिभाग किया था। इनमें से भी महज 19.55 फीसदी यानी 1201 विद्यालयों के बच्चों ने ही परीक्षा पास कर पाए। जो कि चिंता का विषय है। 

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वाराणसी मंडल में वारणासी, गाजीपुर, जौनपुर और चंदौली जिलों में परिषदीय विद्यालयों में 77,3585 बच्चे नामांकित हैं। निपुण अभियान का हाल जानने के लिए हाल ही में अमर उजाला की पड़ताल में बच्चों की स्थिति बहुत कमजोर मिली।
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बच्चों को न तो पहाड़े याद थे न ही उन्हें देश की राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम पता था। कक्षा 7 में पढ़ने वाले बच्चे पांच फूलों का नाम तक नहीं बता सके। निपुण अभियान को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से भले ही आंकड़े उपलब्ध करा दिए जाएं लेकिन अभी भी कई विद्यालय के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है।

जौनपुर के परिणाम सबसे खराब, सिर्फ 243 विद्यालय ही निपुण

निपुण आकलन के जो परिणाम जारी हुए हैं उनमें सबसे खराब स्थिति वाराणसी मंडल के जौनपुर जिले की है। इस जिले से सबसे ज्यादा 2345 विद्यालयों ने परीक्षा में प्रतिभाग किया था। इनमें से सिर्फ 243 विद्यालयों ने ही सफलता पाई। वहीं, वाराणसी का परिणाम भी बहुत खराब रहा। यहां 981 विद्यालयों में से सिर्फ 139 ही निपुण हुए हैं। 

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अक्तूबर में जारी परिणाम के अनुसार वाराणसी प्रदेश के टॉप 5 जिलों में था
अक्तूबर 2025 में जारी परिणाम के अनुसार वाराणसी में 82.62 फीसदी बच्चे निपुण रहे। प्रदेश के टॉप 5 जिलों में वाराणसी का चौथा स्थान रहा। इसके अलावा 84.31 फीसदी पाकर कन्नौज पहले स्थान पर, 83.26 फीसदी के साथ महाराजगंज दूसरे स्थान पर, 83.03 फीसदी पाकर बिजनौर तीसरे स्थान पर रहा। वाराणसी चौथे और 81.89 फीसदी पाकर अंबेडकर नगर पांचवें स्थान पर रहा।
 

अधिकारी बोले
निपुण लक्ष्य को पूरा करने के लिए इस बार योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। बच्चों को श्रेणीवार तरीके से बांटकर उनके स्तर के अनुसार पढ़ाया जाएगा। उन्हें शत-प्रतिशत निपुण बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। इसके लिए सभी बीएसए को निर्देश जारी किए जाएंगे। -हेमंत राव, एडी बेसिक वाराणसी मंडल

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