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Ghazipur News: अधिवक्ता को संघ की सदस्यता से निलंबित, नोटिस जारी
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गाजीपुर। सिविल बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को राज्यपाल को ऑनलाइन पत्रक प्रेषित किया। साथ ही जनपद न्यायाधीश को भी पत्रक सौंपा गया। इसके बाद बार के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं की बैठक हुई, इसमें कई प्रस्ताव पारित किए गए। अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि अधिवक्ता प्रभुनारायण सिंह को तत्काल प्रभाव से संघ की सदस्यता से निलंबित करते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि 16 और 17 जून को पारित प्रस्ताव के तहत विशेष लोक अभियोजक रविकांत पांडेय और प्रभुनारायण सिंह के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया था। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने 17 जून को जिलाधिकारी से मिलकर पत्रक सौंपते हुए दोनों विशेष लोक अभियोजकों को तत्काल प्रभाव से कार्य करने से रोकने तथा उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की थी।
अध्यक्ष ने बताया कि पत्रक की प्रतियां उच्च न्यायालय इलाहाबाद, मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल को भी भेजी गई हैं। इसके अलावा यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि जिन न्यायालयों में दोनों विशेष लोक अभियोजक सरकार का पक्ष रखेंगे, वहां संघ के अधिवक्ता कार्य नहीं करेंगे तथा उनके कार्य का बहिष्कार करेंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि दोनों विशेष लोक अभियोजकों के खिलाफ उत्तर प्रदेश बार काउंसिल को प्रस्ताव भेजा जाएगा। बैठक में महासचिव अंजनी कुमार ठाकुर, वरिष्ठ अधिवक्ता विजय शंकर पांडेय, संदीप कुमार वर्मा, समरेंद्र सिंह, विनोद कुमार बिंद, अभिमन्यु उपाध्याय आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।
मामला एकतरफा है : प्रभुनारायण सिंह
विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) प्रभुनारायण सिंह ने कहा कि यह एकतरफा कार्रवाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने पूरे बार को प्रभावित कर रखा है और सरकारी वकीलों के नाम पर मुवक्किलों से वसूली की जाती है। उन्होंने कहा कि बिना दूसरे पक्ष को सुने इस प्रकार का प्रस्ताव पारित किया गया है, जबकि न्यायालय भी किसी पक्ष को सुने बिना फैसला नहीं सुनाता। यदि उन्हें नोटिस की प्रति प्राप्त होगी तो वह अपना जवाब अवश्य देंगे।
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अपराधियों को सजा दिलाने का कार्य कर रहे हैं : रविकांत पांडेय
विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) रविकांत पांडेय ने कहा कि वह शासन की मंशा के अनुरूप न्यायहित में कार्य कर रहे हैं और अपराधियों को सजा दिलाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्य कुछ लोगों को पसंद नहीं आता। एक मामले में कुछ लोगों ने पक्षद्रोही कराने का प्रयास किया था। जब उन्हें सफलता नहीं मिली तो उनके खिलाफ तरह-तरह के आरोप लगाए जाने लगे।
अध्यक्ष ने बताया कि पत्रक की प्रतियां उच्च न्यायालय इलाहाबाद, मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल को भी भेजी गई हैं। इसके अलावा यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि जिन न्यायालयों में दोनों विशेष लोक अभियोजक सरकार का पक्ष रखेंगे, वहां संघ के अधिवक्ता कार्य नहीं करेंगे तथा उनके कार्य का बहिष्कार करेंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि दोनों विशेष लोक अभियोजकों के खिलाफ उत्तर प्रदेश बार काउंसिल को प्रस्ताव भेजा जाएगा। बैठक में महासचिव अंजनी कुमार ठाकुर, वरिष्ठ अधिवक्ता विजय शंकर पांडेय, संदीप कुमार वर्मा, समरेंद्र सिंह, विनोद कुमार बिंद, अभिमन्यु उपाध्याय आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।
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मामला एकतरफा है : प्रभुनारायण सिंह
विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) प्रभुनारायण सिंह ने कहा कि यह एकतरफा कार्रवाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने पूरे बार को प्रभावित कर रखा है और सरकारी वकीलों के नाम पर मुवक्किलों से वसूली की जाती है। उन्होंने कहा कि बिना दूसरे पक्ष को सुने इस प्रकार का प्रस्ताव पारित किया गया है, जबकि न्यायालय भी किसी पक्ष को सुने बिना फैसला नहीं सुनाता। यदि उन्हें नोटिस की प्रति प्राप्त होगी तो वह अपना जवाब अवश्य देंगे।
अपराधियों को सजा दिलाने का कार्य कर रहे हैं : रविकांत पांडेय
विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) रविकांत पांडेय ने कहा कि वह शासन की मंशा के अनुरूप न्यायहित में कार्य कर रहे हैं और अपराधियों को सजा दिलाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्य कुछ लोगों को पसंद नहीं आता। एक मामले में कुछ लोगों ने पक्षद्रोही कराने का प्रयास किया था। जब उन्हें सफलता नहीं मिली तो उनके खिलाफ तरह-तरह के आरोप लगाए जाने लगे।