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Ghazipur News: बलुआ घाट पर जलभराव और कीचड़ से श्रद्धालु परेशान, शवदाह में भी दिक्कत
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बलुआ में शमशान घाट जाने वाला बदहाल मार्ग। संवाद
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बलुआ पश्चिम वाहिनी गंगा तट पर बारिश के बाद जलभराव और कीचड़ की समस्या गंभीर हो गई है। इससे प्रतिदिन गंगा स्नान और पूजन-अर्चन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही शवदाह के लिए आने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घाट परिसर में पानी और कीचड़ के कारण लोगों के लिए आवागमन मुश्किल हो गया है।
बारिश के बाद घाट के ऊपर बने टिनशेड के आसपास भी पानी भर गया है। गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को अपने वाहन खड़े करने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में लोग मजबूरी में वाहनों को इधर-उधर खड़ी कर रहे हैं। इससे घाट परिसर में अव्यवस्था की स्थिति बन रही है।
बलुआ घाट पर स्थानीय लोगों के साथ ही दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान, दान-पुण्य और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहुंचते हैं। जलभराव और कीचड़ के कारण उन्हें गंगा तट तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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श्रद्धालुओं का कहना है कि बारिश के दिनों में हर वर्ष इसी तरह की स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया जाता है। घाट पर जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी लंबे समय तक भरा रहता है।
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बारिश के बाद घाट के ऊपर बने टिनशेड के आसपास भी पानी भर गया है। गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को अपने वाहन खड़े करने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में लोग मजबूरी में वाहनों को इधर-उधर खड़ी कर रहे हैं। इससे घाट परिसर में अव्यवस्था की स्थिति बन रही है।
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बलुआ घाट पर स्थानीय लोगों के साथ ही दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान, दान-पुण्य और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहुंचते हैं। जलभराव और कीचड़ के कारण उन्हें गंगा तट तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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श्रद्धालुओं का कहना है कि बारिश के दिनों में हर वर्ष इसी तरह की स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया जाता है। घाट पर जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी लंबे समय तक भरा रहता है।