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Ghazipur News: बैगलेस-डे में बिना किताबों के बोझ के स्कूल आएंगे बच्चे
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अब परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई केवल किताबों और कक्षा तक सीमित नहीं रहेगी। नई शिक्षा नीति के तहत बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक शैक्षिक सत्र में 10 बैगलेस-डे (बिना बैग वाले दिवस) अनिवार्य किए हैं। इन दिनों छात्र-छात्राएं स्कूल तो आएंगे, लेकिन बैग नहीं लाएंगे। जिले के परिषदीय उच्च प्राथमिक, कंपोजिट और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में इस शैक्षिक सत्र से 10 बैगलेस-डे आयोजित किए जाएंगे।
अगस्त से नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को विद्यार्थियों के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण कराया जाएगा। वहीं, 14 नवंबर को सभी विद्यालयों में बाल मेला आयोजित किया जाएगा। गतिविधियों के संचालन के लिए प्रत्येक विद्यालय को 6,500 रुपये दिए जाएंगे। बैगलेस-डे के दौरान बच्चों को स्थानीय शिल्पकारों, कारीगरों और विभिन्न व्यवसायों से परिचित कराया जाएगा। इसके साथ ही विज्ञान प्रयोग, योग, खेलकूद, कला, हस्तशिल्प, पौधरोपण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और अन्य जीवन कौशल आधारित गतिविधियां कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान विकसित करना है। बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने बताया कि नई व्यवस्था से बच्चों पर रटने का दबाव कम होगा और वे सीखने की प्रक्रिया को आनंददायक तरीके से समझ सकेंगे। सभी विद्यालयों को बैगलेस-डे का वार्षिक कैलेंडर तैयार करने और गतिविधियों का रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बैगलेस-डे का उद्देश्य
रटने के बजाय समझ आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना
बच्चों में व्यावहारिक कौशल विकसित करना
नई शिक्षा नीति के प्रावधानों को लागू करना
पढ़ाई को रोचक और तनावमुक्त बनाना
विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ना
10 बैगलेस-डे का कैलेंडर
गाजीपुर। अगस्त से नवंबर तक आयोजित होने वाले बैगलेस-डे के लिए विभाग ने गतिविधियों का कैलेंडर जारी किया है। इसके तहत 22 अगस्त, चौथे शनिवार को मिट्टी के खिलौने बनाना, स्थानीय शिल्पकार के साथ कौशल कार्यशाला और कला एवं शिल्प प्रदर्शनी में से कोई एक गतिविधि कराई जाएगी। 29 अगस्त, पांचवें शनिवार को औषधीय पौधों के उद्यान का विकास, कंपोस्ट एवं वर्मी कंपोस्ट का निर्माण तथा विद्यालय किचन गार्डन तैयार करने में से एक गतिविधि होगी। 12 सितंबर, दूसरे शनिवार को जल एवं वर्षा जल संचयन से संबंधित गतिविधि कराई जाएगी। 19 सितंबर, तीसरे शनिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा एवं गुड टच-बैड टच की जानकारी दी जाएगी।
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26 सितंबर, चौथे शनिवार को पतंग बनाने और उड़ाने, विज्ञान एवं स्टेम मॉडल प्रतियोगिता में से कोई एक गतिविधि आयोजित होगी। तीन अक्तूबर, पहले शनिवार को वित्तीय साक्षरता एवं मिनी बैंक की गतिविधि कराई जाएगी। 10 अक्तूबर, दूसरे शनिवार को डूडलिंग एवं दृश्य रचनात्मक कार्यशाला, भित्ति चित्र निर्माण तथा संगीत-नाटक आदि में से कोई एक गतिविधि होगी। 17 अक्तूबर, तीसरे शनिवार को फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी, 24 अक्तूबर, चौथे शनिवार को निर्माण स्थल एवं सार्वजनिक अवसंरचना का अध्ययन और 31 अक्तूबर, पांचवें शनिवार को एआई, रोबोटिक्स एवं अन्य नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। वहीं, 14 नवंबर को बाल दिवस के अवसर पर बाल मेला आयोजित किया जाएगा।
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अगस्त से नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को विद्यार्थियों के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण कराया जाएगा। वहीं, 14 नवंबर को सभी विद्यालयों में बाल मेला आयोजित किया जाएगा। गतिविधियों के संचालन के लिए प्रत्येक विद्यालय को 6,500 रुपये दिए जाएंगे। बैगलेस-डे के दौरान बच्चों को स्थानीय शिल्पकारों, कारीगरों और विभिन्न व्यवसायों से परिचित कराया जाएगा। इसके साथ ही विज्ञान प्रयोग, योग, खेलकूद, कला, हस्तशिल्प, पौधरोपण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और अन्य जीवन कौशल आधारित गतिविधियां कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान विकसित करना है। बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने बताया कि नई व्यवस्था से बच्चों पर रटने का दबाव कम होगा और वे सीखने की प्रक्रिया को आनंददायक तरीके से समझ सकेंगे। सभी विद्यालयों को बैगलेस-डे का वार्षिक कैलेंडर तैयार करने और गतिविधियों का रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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बैगलेस-डे का उद्देश्य
रटने के बजाय समझ आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना
बच्चों में व्यावहारिक कौशल विकसित करना
नई शिक्षा नीति के प्रावधानों को लागू करना
पढ़ाई को रोचक और तनावमुक्त बनाना
विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ना
10 बैगलेस-डे का कैलेंडर
गाजीपुर। अगस्त से नवंबर तक आयोजित होने वाले बैगलेस-डे के लिए विभाग ने गतिविधियों का कैलेंडर जारी किया है। इसके तहत 22 अगस्त, चौथे शनिवार को मिट्टी के खिलौने बनाना, स्थानीय शिल्पकार के साथ कौशल कार्यशाला और कला एवं शिल्प प्रदर्शनी में से कोई एक गतिविधि कराई जाएगी। 29 अगस्त, पांचवें शनिवार को औषधीय पौधों के उद्यान का विकास, कंपोस्ट एवं वर्मी कंपोस्ट का निर्माण तथा विद्यालय किचन गार्डन तैयार करने में से एक गतिविधि होगी। 12 सितंबर, दूसरे शनिवार को जल एवं वर्षा जल संचयन से संबंधित गतिविधि कराई जाएगी। 19 सितंबर, तीसरे शनिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा एवं गुड टच-बैड टच की जानकारी दी जाएगी।
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26 सितंबर, चौथे शनिवार को पतंग बनाने और उड़ाने, विज्ञान एवं स्टेम मॉडल प्रतियोगिता में से कोई एक गतिविधि आयोजित होगी। तीन अक्तूबर, पहले शनिवार को वित्तीय साक्षरता एवं मिनी बैंक की गतिविधि कराई जाएगी। 10 अक्तूबर, दूसरे शनिवार को डूडलिंग एवं दृश्य रचनात्मक कार्यशाला, भित्ति चित्र निर्माण तथा संगीत-नाटक आदि में से कोई एक गतिविधि होगी। 17 अक्तूबर, तीसरे शनिवार को फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी, 24 अक्तूबर, चौथे शनिवार को निर्माण स्थल एवं सार्वजनिक अवसंरचना का अध्ययन और 31 अक्तूबर, पांचवें शनिवार को एआई, रोबोटिक्स एवं अन्य नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। वहीं, 14 नवंबर को बाल दिवस के अवसर पर बाल मेला आयोजित किया जाएगा।