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राजकुमार पाल को अर्जुन अवार्ड: आठ साल की उम्र में पिता को खोया, फिर हॉकी को बनाया सहारा; गांव में खुशी की लहर
Tue, 18 Aug 2026 08:41 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Tue, 18 Aug 2026 08:41 PM IST
सार
पेरिस ओलंपिक कांस्य पदक विजेता हॉकी खिलाड़ी राजकुमार पाल को अर्जुन अवार्ड दिए जाने की घोषणा हुई है। वह गाजीपुर के पहले खिलाड़ी हैं, जिन्हें यह सम्मान मिलेगा। करमपुर के मेघबरन सिंह स्टेडियम से निकले राजकुमार ने अभावों के बीच भारतीय हॉकी टीम तक सफर तय किया।
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गाजीपुर के राजकुमार पाल को अर्जुन अवार्ड
- फोटो : अमर उजाला GFX
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विस्तार
गाजीपुर के करमपुर स्थित मेघबरन सिंह स्टेडियम के मिडफील्डर और पेरिस ओलंपिक कांस्य पदक विजेता राजकुमार पाल को प्रतिष्ठित अर्जुन अवार्ड दिए जाने की घोषणा से जिले में खुशी की लहर है। राजकुमार पाल गाजीपुर जिले के पहले खिलाड़ी हैं, जिन्हें अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। इसकी घोषणा मंगलवार को केंद्रीय खेल एवं युवा मंत्रालय ने की है।
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मेघबरन सिंह स्टेडियम के निदेशक एवं पूर्व सांसद राधे मोहन सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि उनकी इस उपलब्धि को करमपुर के ग्रामीण खेल मॉडल की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री की खेल नीति और सहयोग ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया है।
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राधे मोहन सिंह ने कहा कि स्टेडियम के संस्थापक स्वर्गीय ठाकुर तेज बहादुर सिंह (तेजू भैया) के निधन के बाद स्टेडियम परिवार के सामने कठिन परिस्थितियां आईं। ऐसे समय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहयोग, मार्गदर्शन और आशीर्वाद से काफी संबल मिला। मुख्यमंत्री स्वयं राजकुमार पाल के पेरिस ओलंपिक में पदक जीतने के बाद करमपुर पहुंचे थे।
उन्होंने राजकुमार को उत्तर प्रदेश पुलिस में डिप्टी एसपी का पद और एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि देकर प्रोत्साहित किया था। उन्होंने कहा कि राजकुमार पाल को अर्जुन अवार्ड मिलना केवल एक खिलाड़ी की उपलब्धि नहीं, बल्कि गाजीपुर की ग्रामीण खेल प्रतिभाओं की पहचान है। यह उपलब्धि बताती है कि गांवों में सुविधाएं और सही मार्गदर्शन मिलने पर यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
उन्होंने राजकुमार को उत्तर प्रदेश पुलिस में डिप्टी एसपी का पद और एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि देकर प्रोत्साहित किया था। उन्होंने कहा कि राजकुमार पाल को अर्जुन अवार्ड मिलना केवल एक खिलाड़ी की उपलब्धि नहीं, बल्कि गाजीपुर की ग्रामीण खेल प्रतिभाओं की पहचान है। यह उपलब्धि बताती है कि गांवों में सुविधाएं और सही मार्गदर्शन मिलने पर यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
अभावों के बीच तय किया ओलंपिक तक का सफर
राजकुमार पाल का संघर्ष भी प्रेरणादायी रहा है। महज आठ वर्ष की उम्र में पिता कल्पनाथ पाल के निधन के बाद परिवार के सामने आर्थिक कठिनाइयां खड़ी हो गई थीं। मां मनराजी पाल ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद बच्चों को खेल से जोड़े रखा। राजकुमार के बड़े भाई जोखन पाल सेना में और मंझले भाई राजू पाल रेलवे में सेवाएं दे रहे हैं। राजकुमार को आगे बढ़ाने में करमपुर स्टेडियम के संस्थापक स्वर्गीय तेज बहादुर सिंह का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम में भोजन, दूध, खेल किट और प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाती थी। इसी माहौल में राजकुमार ने हॉकी की बारीकियां सीखीं और आगे बढ़ते हुए भारतीय हॉकी टीम तक पहुंचे।
राजकुमार पाल का संघर्ष भी प्रेरणादायी रहा है। महज आठ वर्ष की उम्र में पिता कल्पनाथ पाल के निधन के बाद परिवार के सामने आर्थिक कठिनाइयां खड़ी हो गई थीं। मां मनराजी पाल ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद बच्चों को खेल से जोड़े रखा। राजकुमार के बड़े भाई जोखन पाल सेना में और मंझले भाई राजू पाल रेलवे में सेवाएं दे रहे हैं। राजकुमार को आगे बढ़ाने में करमपुर स्टेडियम के संस्थापक स्वर्गीय तेज बहादुर सिंह का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम में भोजन, दूध, खेल किट और प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाती थी। इसी माहौल में राजकुमार ने हॉकी की बारीकियां सीखीं और आगे बढ़ते हुए भारतीय हॉकी टीम तक पहुंचे।
ग्रामीण खेल नर्सरी बनी पहचान
राधे मोहन सिंह ने कहा कि मेघबरन सिंह स्टेडियम ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को निखारने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। यहां से कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। राजकुमार पाल को अर्जुन अवार्ड मिलना इस प्रयास की बड़ी उपलब्धि है। अर्जुन अवार्ड की घोषणा के बाद स्टेडियम के संचालक अनिकेत सिंह ने राजकुमार पाल के आवास पहुंचकर उनकी मां मनराजी पाल और भाभी नीलम पाल को मिठाई खिलाकर बधाई दी। स्टेडियम परिवार और खेल प्रेमियों ने राजकुमार की उपलब्धि को गाजीपुर के खेल इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया।
राधे मोहन सिंह ने कहा कि मेघबरन सिंह स्टेडियम ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को निखारने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। यहां से कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। राजकुमार पाल को अर्जुन अवार्ड मिलना इस प्रयास की बड़ी उपलब्धि है। अर्जुन अवार्ड की घोषणा के बाद स्टेडियम के संचालक अनिकेत सिंह ने राजकुमार पाल के आवास पहुंचकर उनकी मां मनराजी पाल और भाभी नीलम पाल को मिठाई खिलाकर बधाई दी। स्टेडियम परिवार और खेल प्रेमियों ने राजकुमार की उपलब्धि को गाजीपुर के खेल इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया।