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Ghazipur News: एक अप्रैल से लागू होगी सर्किल रेट की नई व्यवस्था, सर्वे जारी
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गाजीपुर। एक अप्रैल से सर्किल रेट और संपत्ति मूल्यांकन की नई एकसमान व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इसके तहत स्टाम्प शुल्क की गणना को अधिक पारदर्शी और सरल बनाया जाएगा। निबंधन विभाग नए सिरे से सर्किल रेट निर्धारण के लिए सर्वे करा रहा है।
महानिरीक्षक के निर्देश पर एआईजी स्टांप ने सभी रजिस्ट्रार को नई दर सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जिले में सात उप-निबंधन कार्यालय हैं, जो विभिन्न तहसील मुख्यालयों पर संचालित हो रहे हैं। मूल्यांकन पद्धतियों में एकरूपता लाने के लिए यह कदम उठाया गया है। नई व्यवस्था पूरे प्रदेश में एक समान मानक पर लागू की जाएगी।
एआईजी स्टांप प्रेम प्रकाश ने बताया कि वर्तमान में अलग-अलग पद्धतियां स्टाम्प शुल्क की गणना को जटिल बनाती हैं, जबकि नई व्यवस्था इसे आसान और पारदर्शी बनाएगी। जिन क्षेत्रों में हाल ही में सर्किल रेट का पुनरीक्षण हुआ है, वहां भी नई प्रणाली के तहत दरें लागू होगी।
कृषि भूमि और संपत्तियों का अलग मूल्यांकन
नई व्यवस्था में कृषि भूमि के मूल्यांकन के लिए सड़क की श्रेणी के आधार पर अलग-अलग गुणांक तय किए जाएंगे। साथ ही जमीन पर लगे कीमती पेड़ों (जैसे सागौन, शीशम, आम) और बोरवेल या कुएं का अलग से मूल्यांकन किया जाएगा। नए प्रारूप में गोदनामा, तलाक, दान पत्र, लीज और पावर ऑफ अटॉर्नी सहित करीब 60 प्रकार के दस्तावेज शामिल किए जाएंगे। दरों के निर्धारण से पहले जिलाधिकारी के माध्यम से आम जनता से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। जनसुनवाई के बाद ही अंतिम दरें तय होंगी।
सर्वे में देरी, लागू होने पर संशय
हालांकि शासन ने नई दरें लागू करने के लिए एक अप्रैल की समय सीमा तय की है, लेकिन अभी तक सर्वे कार्य पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में निर्धारित तिथि पर नई सर्किल रेट सूची लागू होने पर संशय बना है। दर सूची तैयार होने के बाद उस पर आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी और उनके निस्तारण के बाद ही अंतिम रूप से लागू किया जाएगा।
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महानिरीक्षक के निर्देश पर एआईजी स्टांप ने सभी रजिस्ट्रार को नई दर सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जिले में सात उप-निबंधन कार्यालय हैं, जो विभिन्न तहसील मुख्यालयों पर संचालित हो रहे हैं। मूल्यांकन पद्धतियों में एकरूपता लाने के लिए यह कदम उठाया गया है। नई व्यवस्था पूरे प्रदेश में एक समान मानक पर लागू की जाएगी।
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एआईजी स्टांप प्रेम प्रकाश ने बताया कि वर्तमान में अलग-अलग पद्धतियां स्टाम्प शुल्क की गणना को जटिल बनाती हैं, जबकि नई व्यवस्था इसे आसान और पारदर्शी बनाएगी। जिन क्षेत्रों में हाल ही में सर्किल रेट का पुनरीक्षण हुआ है, वहां भी नई प्रणाली के तहत दरें लागू होगी।
कृषि भूमि और संपत्तियों का अलग मूल्यांकन
नई व्यवस्था में कृषि भूमि के मूल्यांकन के लिए सड़क की श्रेणी के आधार पर अलग-अलग गुणांक तय किए जाएंगे। साथ ही जमीन पर लगे कीमती पेड़ों (जैसे सागौन, शीशम, आम) और बोरवेल या कुएं का अलग से मूल्यांकन किया जाएगा। नए प्रारूप में गोदनामा, तलाक, दान पत्र, लीज और पावर ऑफ अटॉर्नी सहित करीब 60 प्रकार के दस्तावेज शामिल किए जाएंगे। दरों के निर्धारण से पहले जिलाधिकारी के माध्यम से आम जनता से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। जनसुनवाई के बाद ही अंतिम दरें तय होंगी।
सर्वे में देरी, लागू होने पर संशय
हालांकि शासन ने नई दरें लागू करने के लिए एक अप्रैल की समय सीमा तय की है, लेकिन अभी तक सर्वे कार्य पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में निर्धारित तिथि पर नई सर्किल रेट सूची लागू होने पर संशय बना है। दर सूची तैयार होने के बाद उस पर आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी और उनके निस्तारण के बाद ही अंतिम रूप से लागू किया जाएगा।