{"_id":"6a18867b707e7d4571081c56","slug":"no-barricades-or-warning-boards-at-ghats-40-people-drown-in-one-year-ghazipur-news-c-313-1-gzp1001-153235-2026-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: घाटों पर न बैरिकेडिंग, न चेतावनी बोर्ड एक साल में डूबने से 40 लोगों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: घाटों पर न बैरिकेडिंग, न चेतावनी बोर्ड एक साल में डूबने से 40 लोगों की मौत
विज्ञापन
बिना बैरिकेडिंग किये शहर के पोस्ता घाट पर गंगा करते लोग। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गाजीपुर। शहर में 34 से अधिक गंगा घाट हैं, लेकिन किसी भी घाट पर बैरिकेडिंग, संकेतक, चेतावनी बोर्ड या गोताखोरों की तैनाती की व्यवस्था नहीं है। जबकि शहर के तीन प्रमुख घाटों पर प्रतिदिन करीब दो हजार लोग गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। यहां कई लोगों की डूबने से मौत भी हो चुकी है। पिछले एक साल में जिले में गंगा में डूबने से करीब 40 लोगों की मौत हुई है। इनमें से लगभग 50 प्रतिशत लोग शहर के गंगा घाटों पर डूबे हैं।
नवंबर 2025 में शहर के पोस्ता घाट पर स्नान के दौरान बहादुरगंज के तीन युवक गंगा में डूब गए थे। इन प्रमुख घाटों पर नहीं है सुरक्षा के इंतजाम : शहर में चीतनाथ, रामघाट, अंजनी घाट, पोस्ता घाट, महादेवा घाट, खिड़की घाट, स्टीमर घाट, गोलाघाट, रामेश्वर घाट, पक्का घाट, ददरीघाट, कलक्टर घाट, सिकंदरपुर, नवापुरा, बड़ा महादेवा और पत्थर घाट समेत कई गंगा घाट हैं। हालांकि, इनमें से किसी भी घाट पर नगर पालिका प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के बाद लोग शहर के पोस्ता घाट पर गंगा स्नान करने पहुंचते हैं। यहां प्रतिदिन करीब एक हजार लोग स्नान करते हैं। शहर के अलावा जिले के दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों और मऊ जनपद से भी लोग यहां आते हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन
ददरीघाट और चीतनाथ शहर के प्रमुख गंगा घाट हैं। यहां शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से लोग स्नान और पूजन के लिए पहुंचते हैं। सहालग के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है। कक्कन छुड़ाने और मां गंगा को कढ़ाई चढ़ाने के लिए भी महिलाएं यहां आती हैं। दोनों घाटों पर प्रतिदिन करीब 800 लोग स्नान करते हैं।
पिछले तीन महीने में हाल में हुए हादसे
मई 2026 : शादियाबाद थाना क्षेत्र के कनुवान गांव में गुरैनी-बलोरी नहर में नहाने गए दो सगे नाबालिग भाइयों की डूबने से मौत हो गई।
मई 2026 : सुहवल थाना क्षेत्र के गरुआ मकसूदपुर में गंगा नदी में डूबने से 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई।
मई 2026 : कासिमाबाद में तमसा नदी के करधान घाट पर खाना खाने के बाद टहलने गए 24 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई।
मई 2026 : सैदपुर के भीतरी जहानपुर निवासी 35 वर्षीय युवक की वाराणसी के कैथी घाट पर गंगा स्नान के दौरान डूबकर मौत हो गई।
अप्रैल 2026 : जमानियां स्थित ताड़ीघाट के पास गंगा नदी में नाव पलटने से 12 वर्षीय छात्र गहरे पानी में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
अप्रैल 2026 : गहमर कोतवाली क्षेत्र के नरवा गंगा घाट पर दोस्तों के साथ नहाते समय पैर फिसलने से एक युवक की डूबकर मौत हो गई।
फरवरी 2026 : नगर के ददरीघाट पर स्नान के दौरान एक महिला गहरे पानी में डूबने लगी। उन्हें बचाने गए उनके पति भी बहने लगे थे। दोनों को स्थानीय गोताखोरों ने सुरक्षित बचा लिया था।
शहर के पोस्ता घाट, चीतनाथ और ददरीघाट पर जल्द ही बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही चेतावनी बोर्ड भी लगाए जाएंगे। - डीके राय, ईओ नगर पालिका
नवंबर 2025 में शहर के पोस्ता घाट पर स्नान के दौरान बहादुरगंज के तीन युवक गंगा में डूब गए थे। इन प्रमुख घाटों पर नहीं है सुरक्षा के इंतजाम : शहर में चीतनाथ, रामघाट, अंजनी घाट, पोस्ता घाट, महादेवा घाट, खिड़की घाट, स्टीमर घाट, गोलाघाट, रामेश्वर घाट, पक्का घाट, ददरीघाट, कलक्टर घाट, सिकंदरपुर, नवापुरा, बड़ा महादेवा और पत्थर घाट समेत कई गंगा घाट हैं। हालांकि, इनमें से किसी भी घाट पर नगर पालिका प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के बाद लोग शहर के पोस्ता घाट पर गंगा स्नान करने पहुंचते हैं। यहां प्रतिदिन करीब एक हजार लोग स्नान करते हैं। शहर के अलावा जिले के दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों और मऊ जनपद से भी लोग यहां आते हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था नहीं है।
ददरीघाट और चीतनाथ शहर के प्रमुख गंगा घाट हैं। यहां शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से लोग स्नान और पूजन के लिए पहुंचते हैं। सहालग के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है। कक्कन छुड़ाने और मां गंगा को कढ़ाई चढ़ाने के लिए भी महिलाएं यहां आती हैं। दोनों घाटों पर प्रतिदिन करीब 800 लोग स्नान करते हैं।
पिछले तीन महीने में हाल में हुए हादसे
मई 2026 : शादियाबाद थाना क्षेत्र के कनुवान गांव में गुरैनी-बलोरी नहर में नहाने गए दो सगे नाबालिग भाइयों की डूबने से मौत हो गई।
मई 2026 : सुहवल थाना क्षेत्र के गरुआ मकसूदपुर में गंगा नदी में डूबने से 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई।
मई 2026 : कासिमाबाद में तमसा नदी के करधान घाट पर खाना खाने के बाद टहलने गए 24 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई।
मई 2026 : सैदपुर के भीतरी जहानपुर निवासी 35 वर्षीय युवक की वाराणसी के कैथी घाट पर गंगा स्नान के दौरान डूबकर मौत हो गई।
अप्रैल 2026 : जमानियां स्थित ताड़ीघाट के पास गंगा नदी में नाव पलटने से 12 वर्षीय छात्र गहरे पानी में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
अप्रैल 2026 : गहमर कोतवाली क्षेत्र के नरवा गंगा घाट पर दोस्तों के साथ नहाते समय पैर फिसलने से एक युवक की डूबकर मौत हो गई।
फरवरी 2026 : नगर के ददरीघाट पर स्नान के दौरान एक महिला गहरे पानी में डूबने लगी। उन्हें बचाने गए उनके पति भी बहने लगे थे। दोनों को स्थानीय गोताखोरों ने सुरक्षित बचा लिया था।
शहर के पोस्ता घाट, चीतनाथ और ददरीघाट पर जल्द ही बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही चेतावनी बोर्ड भी लगाए जाएंगे। - डीके राय, ईओ नगर पालिका