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Ghazipur News: डिग्री कॉलेज के नाम दर्ज भूमि राज्य सरकार के खाते में दर्ज करने का आदेश
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जखनिया। जखनिया एसडीएम अदालत ने करीमुल्लाहपुर गांव स्थित 0.506 हेक्टेयर भूमि को माता कुसुम देवी गर्ल्स डिग्री कॉलेज कुड़ीला के नाम से निरस्त कर दिया। साथ ही भूमि को राज्य सरकार के नाम से करने का आदेश दिया है। अदालत ने यह आदेश बीते 10 जून को जारी किया था।
इस मामले की सुनवाई उपजिलाधिकारी एवं पीठासीन अधिकारी अतुल कुमार की अदालत में हुई। वाद की शुरुआत आईजीआरएस पोर्टल पर करीमुल्लाहपुर निवासी पदमाकर द्वारा की गई शिकायत से हुई थी। शिकायत की जांच तहसीलदार जखनिया के माध्यम से क्षेत्रीय लेखपाल और उपनिबंधक कार्यालय से कराई गई। जांच में पाया गया कि मौजा करीमुल्लाहपुर की भूमि पहले मालती देवी के नाम दर्ज हुई और बाद में उसका बैनामा माता कुसुम देवी गर्ल्स डिग्री कॉलेज, कुड़ीला जखनिया के पक्ष में कराया गया। अभिलेखों में विक्रेता अनुसूचित जाति वर्ग की दर्ज हैं सुनवाई के दौरान संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी किया गया, लेकिन कोई लिखित आपत्ति दाखिल नहीं की गई और न ही कोई पक्ष न्यायालय में उपस्थित हुआ। इसके बाद बहस और उपलब्ध अभिलेखों का अवलोकन किया गया। उपनिबंधक जखनिया की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि संबंधित विक्रय का विवरण तो अभिलेखों में उपलब्ध है, लेकिन डीएम की अनुमति संबंधी आदेश सुरक्षित नहीं मिला। शिकायतकर्ता का आरोप था कि भूमि का विक्रय बिना सक्षम अनुमति के किया गया था। एसडीम ने क्षेत्रीय लेखपाल की जांच रिपोर्ट और उपनिबंधक की आख्या को आधार मानते हुए उक्त भूमि पर कॉलेज के नाम दर्ज प्रविष्टि को निरस्त कर राज्य सरकार के खाते में दर्ज करने का आदेश दिया है।
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भूमि अनूसूचित जाति की थी। विद्यालय के प्रबंधक विपिन कुमार सिंह को नोटिस दिया गया, लेकिन उनके द्वारा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। इस आधार पर भूमि पर कॉलेज के नाम दर्ज प्रविष्टि को निरस्त कर राज्य सरकार के खाते में दर्ज करने का आदेश दिया गया है।-अतुल कुमार, एसडीएम जखनिया
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आदेश गलत है। डीएम से 2013 से परमिशन कराने के बाद जमीन रजिस्ट्री कराई थी। यह भूमि मालती देवी की थी। डीएम के परमिशन की कॉपी रजिस्टार के यहां लगी हुई थी। इसके बाद खारिज-दाखिल हुआ था। इसके बाद भूमि की धारा 80 हुई। तीसरा व्यक्ति पदमाकर जिसने भूमि मालती को बेचा था। वह आवेदन बार कुछ लोगों के दबाव में देता है। कॉलेज के नाम से भूमि रजिस्ट्री के दौरान पूरी प्रक्रिया का पालन किया गया है। रजिस्ट्री के पेपर पूरा विवरण दर्ज है। विरोधियों ने डीएम के परमिशन का पेज फड़वा दिया गया है। रजिस्टार के यहां से भी पेपर गायब करा दिया गया है। एसडीएम रजिस्ट्री को खारिज नहीं कर सकते हैं। यह मामला कमिश्नर के यहां विचाराधीन है। इसमें 29 जून को सुनवाई है। कॉलेज के भवन गिराने की साजिश है।- विपिन कुमार सिंह, प्रबंधक माता कुसुम देवी गर्ल्स डिग्री कॉलेज, कुड़ीला
इस मामले की सुनवाई उपजिलाधिकारी एवं पीठासीन अधिकारी अतुल कुमार की अदालत में हुई। वाद की शुरुआत आईजीआरएस पोर्टल पर करीमुल्लाहपुर निवासी पदमाकर द्वारा की गई शिकायत से हुई थी। शिकायत की जांच तहसीलदार जखनिया के माध्यम से क्षेत्रीय लेखपाल और उपनिबंधक कार्यालय से कराई गई। जांच में पाया गया कि मौजा करीमुल्लाहपुर की भूमि पहले मालती देवी के नाम दर्ज हुई और बाद में उसका बैनामा माता कुसुम देवी गर्ल्स डिग्री कॉलेज, कुड़ीला जखनिया के पक्ष में कराया गया। अभिलेखों में विक्रेता अनुसूचित जाति वर्ग की दर्ज हैं सुनवाई के दौरान संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी किया गया, लेकिन कोई लिखित आपत्ति दाखिल नहीं की गई और न ही कोई पक्ष न्यायालय में उपस्थित हुआ। इसके बाद बहस और उपलब्ध अभिलेखों का अवलोकन किया गया। उपनिबंधक जखनिया की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि संबंधित विक्रय का विवरण तो अभिलेखों में उपलब्ध है, लेकिन डीएम की अनुमति संबंधी आदेश सुरक्षित नहीं मिला। शिकायतकर्ता का आरोप था कि भूमि का विक्रय बिना सक्षम अनुमति के किया गया था। एसडीम ने क्षेत्रीय लेखपाल की जांच रिपोर्ट और उपनिबंधक की आख्या को आधार मानते हुए उक्त भूमि पर कॉलेज के नाम दर्ज प्रविष्टि को निरस्त कर राज्य सरकार के खाते में दर्ज करने का आदेश दिया है।
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भूमि अनूसूचित जाति की थी। विद्यालय के प्रबंधक विपिन कुमार सिंह को नोटिस दिया गया, लेकिन उनके द्वारा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। इस आधार पर भूमि पर कॉलेज के नाम दर्ज प्रविष्टि को निरस्त कर राज्य सरकार के खाते में दर्ज करने का आदेश दिया गया है।-अतुल कुमार, एसडीएम जखनिया
आदेश गलत है। डीएम से 2013 से परमिशन कराने के बाद जमीन रजिस्ट्री कराई थी। यह भूमि मालती देवी की थी। डीएम के परमिशन की कॉपी रजिस्टार के यहां लगी हुई थी। इसके बाद खारिज-दाखिल हुआ था। इसके बाद भूमि की धारा 80 हुई। तीसरा व्यक्ति पदमाकर जिसने भूमि मालती को बेचा था। वह आवेदन बार कुछ लोगों के दबाव में देता है। कॉलेज के नाम से भूमि रजिस्ट्री के दौरान पूरी प्रक्रिया का पालन किया गया है। रजिस्ट्री के पेपर पूरा विवरण दर्ज है। विरोधियों ने डीएम के परमिशन का पेज फड़वा दिया गया है। रजिस्टार के यहां से भी पेपर गायब करा दिया गया है। एसडीएम रजिस्ट्री को खारिज नहीं कर सकते हैं। यह मामला कमिश्नर के यहां विचाराधीन है। इसमें 29 जून को सुनवाई है। कॉलेज के भवन गिराने की साजिश है।- विपिन कुमार सिंह, प्रबंधक माता कुसुम देवी गर्ल्स डिग्री कॉलेज, कुड़ीला