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Ghazipur News: कच्चा माल महंगा होते ही बढ़ी प्लास्टिक के उत्पादों की कीमत
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प्लास्टिक के दाने की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब बाजार में बिकने वाले तैयार प्लास्टिक उत्पादों पर दिखाई देने लगा है। पिछले कुछ दिनों में प्लास्टिक की पन्नी और गिलास के दाम में अचानक इजाफा हुआ है।
50 माइक्रॉन से अधिक मोटाई वाली प्लास्टिक की पन्नी करीब 30 रुपये किलो महंगी हो गई है। वहीं प्लास्टिक के गिलास के दाम में भी 20 रुपये प्रति सैकड़ा की बढ़ोतरी हुई है। कच्चे माल की कीमत बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ने का हवाला देकर दुकानदार तैयार उत्पादों के दाम बढ़ा रहे हैं।
बाजार में पहले 50 माइक्रॉन वाली प्लास्टिक पन्नी 150 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। अब इसकी कीमत बढ़कर 180 रुपये प्रति किलो हो गई है। इसी तरह प्लास्टिक के गिलास पहले 90 रुपये सैकड़ा मिल रहे थे, लेकिन अब इनके दाम बढ़कर 110 रुपये सैकड़ा हो गए हैं।
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प्लास्टिक उत्पादों की कीमत बढ़ने का असर शादी-विवाह, जन्मदिन, धार्मिक आयोजन और अन्य कार्यक्रमों के लिए खरीदारी करने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है। बड़ी मात्रा में पन्नी और डिस्पोजल गिलास खरीदने वाले दुकानदारों को अब पहले की तुलना में अधिक रकम खर्च करनी पड़ रही है। इसका असर आगे ग्राहकों पर पड़ना तय माना जा रहा है।
प्लास्टिक उत्पादों के साथ ही गन्ने के खुज्जे से तैयार होने वाली प्लेट के दाम में भी वृद्धि हुई है। पहले 500 रुपये सैकड़ा बिकने वाली प्लेट अब 550 रुपये सैकड़ा हो गई है।
दुकानदारों के मुताबिक कच्चे माल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से तैयार उत्पादों की लागत बढ़ रही है।
दाने के दाम और बढ़े तो महंगे होंगे उत्पाद : पन्नी विक्रेता लकी सिंह ने बताया कि प्लास्टिक के दाने के दाम में बढ़ोतरी का सीधा असर पन्नी और गिलास के उत्पादन पर पड़ रहा है। उत्पादन लागत बढ़ने के कारण थोक और खुदरा बाजार में कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं। उन्होंने बताया कि यदि आने वाले दिनों में प्लास्टिक के दाने की कीमत में और इजाफा हुआ तो पन्नी, गिलास समेत अन्य प्लास्टिक उत्पाद भी और महंगे हो सकते हैं।
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50 माइक्रॉन से अधिक मोटाई वाली प्लास्टिक की पन्नी करीब 30 रुपये किलो महंगी हो गई है। वहीं प्लास्टिक के गिलास के दाम में भी 20 रुपये प्रति सैकड़ा की बढ़ोतरी हुई है। कच्चे माल की कीमत बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ने का हवाला देकर दुकानदार तैयार उत्पादों के दाम बढ़ा रहे हैं।
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बाजार में पहले 50 माइक्रॉन वाली प्लास्टिक पन्नी 150 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। अब इसकी कीमत बढ़कर 180 रुपये प्रति किलो हो गई है। इसी तरह प्लास्टिक के गिलास पहले 90 रुपये सैकड़ा मिल रहे थे, लेकिन अब इनके दाम बढ़कर 110 रुपये सैकड़ा हो गए हैं।
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प्लास्टिक उत्पादों की कीमत बढ़ने का असर शादी-विवाह, जन्मदिन, धार्मिक आयोजन और अन्य कार्यक्रमों के लिए खरीदारी करने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है। बड़ी मात्रा में पन्नी और डिस्पोजल गिलास खरीदने वाले दुकानदारों को अब पहले की तुलना में अधिक रकम खर्च करनी पड़ रही है। इसका असर आगे ग्राहकों पर पड़ना तय माना जा रहा है।
प्लास्टिक उत्पादों के साथ ही गन्ने के खुज्जे से तैयार होने वाली प्लेट के दाम में भी वृद्धि हुई है। पहले 500 रुपये सैकड़ा बिकने वाली प्लेट अब 550 रुपये सैकड़ा हो गई है।
दुकानदारों के मुताबिक कच्चे माल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से तैयार उत्पादों की लागत बढ़ रही है।
दाने के दाम और बढ़े तो महंगे होंगे उत्पाद : पन्नी विक्रेता लकी सिंह ने बताया कि प्लास्टिक के दाने के दाम में बढ़ोतरी का सीधा असर पन्नी और गिलास के उत्पादन पर पड़ रहा है। उत्पादन लागत बढ़ने के कारण थोक और खुदरा बाजार में कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं। उन्होंने बताया कि यदि आने वाले दिनों में प्लास्टिक के दाने की कीमत में और इजाफा हुआ तो पन्नी, गिलास समेत अन्य प्लास्टिक उत्पाद भी और महंगे हो सकते हैं।