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Ghazipur News: विभागीय जांच में उठ रहे सवाल, बकाया, आरसी और बिजली चोरी की कार्रवाई से दबाव में तो नहीं थे सुरेंद्र
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मुरादचक गांव में मृतक सुरेंद्र कश्यप के बेटे शिवम से मुलाकात करते पूर्व सांसद राधे मोहन सिंह। स
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गाजीपुर। सैदपुर क्षेत्र के मुरादचक निवासी पान विक्रेता सुरेंद्र कश्यप आत्महत्या मामले में जांच शुरू हो गई है। इसके केंद्र में अब यह सवाल भी है कि आत्महत्या से पहले मृतक के खिलाफ बिजली निगम की ओर से बकाया बिल, आरसी और बिजली चोरी की जैसी कार्रवाई से कहीं दुकानदार मानसिक दबाव में तो नहीं था।
अभिलेखों के अनुसार मृतक के नाम पर 2014 में कनेक्शन लिया गया था। निगम का दावा है कि नियमित बिल जमा नहीं किया गया, इसके चलते बकाया राशि 1.13 लाख रुपये से अधिक हो गई थी। वसूली के लिए विभाग की ओर से कई नोटिस जारी किए गए थे। इसी बीच प्रवर्तन दल ने सितंबर में परिसर की जांच की। इसमें मीटर बाईपास कर बिजली उपयोग किए जाने का आरोप लगा।
इसके आधार पर विद्युत थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। निगम ने बिजली चोरी के मामले में 65 हजार रुपये से अधिक का अनंतिम राजस्व निर्धारण भी किया था। बकाया वसूली के लिए आरसी जारी किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी।
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उधर, आत्महत्या के बाद दर्ज प्राथमिकी को लेकर जेई संगठन का कहना है कि वसूली और आरसी की प्रक्रिया विभागीय नियमों के तहत विभिन्न स्तरों पर संचालित होती है। ऐसे में जिम्मेदारी तय करने से पहले मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
वहीं, अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना ने बताया कि जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएंगी।
एएसपी डॉ.राकेश कुमार मिश्रा का कहना है कि आत्महत्या के कारणों, विभागीय कार्रवाई और अन्य परिस्थितियों की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
अभिलेखों के अनुसार मृतक के नाम पर 2014 में कनेक्शन लिया गया था। निगम का दावा है कि नियमित बिल जमा नहीं किया गया, इसके चलते बकाया राशि 1.13 लाख रुपये से अधिक हो गई थी। वसूली के लिए विभाग की ओर से कई नोटिस जारी किए गए थे। इसी बीच प्रवर्तन दल ने सितंबर में परिसर की जांच की। इसमें मीटर बाईपास कर बिजली उपयोग किए जाने का आरोप लगा।
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इसके आधार पर विद्युत थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। निगम ने बिजली चोरी के मामले में 65 हजार रुपये से अधिक का अनंतिम राजस्व निर्धारण भी किया था। बकाया वसूली के लिए आरसी जारी किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी।
उधर, आत्महत्या के बाद दर्ज प्राथमिकी को लेकर जेई संगठन का कहना है कि वसूली और आरसी की प्रक्रिया विभागीय नियमों के तहत विभिन्न स्तरों पर संचालित होती है। ऐसे में जिम्मेदारी तय करने से पहले मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
वहीं, अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना ने बताया कि जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएंगी।
एएसपी डॉ.राकेश कुमार मिश्रा का कहना है कि आत्महत्या के कारणों, विभागीय कार्रवाई और अन्य परिस्थितियों की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

मुरादचक गांव में मृतक सुरेंद्र कश्यप के बेटे शिवम से मुलाकात करते पूर्व सांसद राधे मोहन सिंह। स