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Ghazipur News: तीन साल में भी शुरु नहीं हो पाया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
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गोड़उर गांव के पास निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे। संवाद
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दुबिहां। क्षेत्र से होकर गुजरने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य करीब तीन वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो सका है। हालांकि एनएचएआई के अधिकारी 85 से 90 फीसदी तक काम पूरा होने का दावा कर रहे हैं। एक्सप्रेस वे का काम दो वर्ष के अंदर पूरा कर जुलाई 2025 में चालू करना था। अब अधिकारी जुलाई में एक्सप्रेसवे को चालू करने की बात कर रहे हैं। कई स्थानों पर निर्माण कार्य अब भी अधूरा है।
करीब 243.87 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 17.2 किलोमीटर लंबा फोरलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे करीमुद्दीनपुर के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से निकलकर बलिया के भरौली गोलंबर तक जाएगा। परियोजना का निर्माण कार्य 15 जून 2023 को शुरू हुआ था। निर्माण एजेंसी ने इसे दो वर्ष में पूरा करने का दावा किया था, लेकिन अब तक काम पूरी गति नहीं पकड़ सका है। परियोजना के तहत इस मार्ग पर एक रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी), एक मेजर ब्रिज, एक माइनर ब्रिज, कई अंडरपास और दर्जनों छोटी-बड़ी पुलियों का निर्माण होना है। अधिकारियों के अनुसार अब परियोजना को जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इन गांवों के पास अधूरा है काम
क्षेत्र के पडरांव गांव के पास पूर्वांचल से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के लिए इंटर चेंज का निर्माण अधूरा है। इसके अलावा करीमुद्दीनपुर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण, करीमुद्दीनपुर के पास चितबडागांव-मुहम्दाबाद मार्ग पर ओवरब्रिज का निर्माण, लठ्ठुडीह-कोटवा मार्ग पर गोड़उर गांव के पास ओवरब्रिज का निर्माण और बलिया जिले के चितबडागांव के पास टोंस नदी पर पुल का निर्माण अधूरा है।
तीन साल बीतने के बाद भी कई जगह सड़क का काम अधूरा है। निर्माण की रफ्तार देखकर नहीं लगता कि यह जल्द पूरा होगा। - अजय राजभर, दुबिहां।
कई महीनों तक मिट्टी भराई और अन्य काम बंद रहा। अगर इसी तरह काम चलता रहा तो परियोजना की समय सीमा और आगे बढ़ सकती है। - दीपक पांडेय, पाहुपुर।
लोगों को उम्मीद थी कि एक्सप्रेसवे बनने से जाम की समस्या खत्म होगी, लेकिन काम की धीमी गति से उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। सुरेश यादव, हरदासपुर।
जगह-जगह अधूरा निर्माण दिखाई देता है। निर्माण एजेंसियों को काम में तेजी लानी चाहिए, ताकि लोगों को जल्द इसका लाभ मिल सके। - ब्रजेश प्रजापति, नेवादा।
ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का काम 85 प्रतिशत से अधिक पूरा हो गया है। चार अलग-अलग पॉकेट में इसका कार्य चल रहा है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
-पीयूष अग्रवाल, पीडी, एनएचएआई, आजमगढ़
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करीब 243.87 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 17.2 किलोमीटर लंबा फोरलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे करीमुद्दीनपुर के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से निकलकर बलिया के भरौली गोलंबर तक जाएगा। परियोजना का निर्माण कार्य 15 जून 2023 को शुरू हुआ था। निर्माण एजेंसी ने इसे दो वर्ष में पूरा करने का दावा किया था, लेकिन अब तक काम पूरी गति नहीं पकड़ सका है। परियोजना के तहत इस मार्ग पर एक रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी), एक मेजर ब्रिज, एक माइनर ब्रिज, कई अंडरपास और दर्जनों छोटी-बड़ी पुलियों का निर्माण होना है। अधिकारियों के अनुसार अब परियोजना को जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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इन गांवों के पास अधूरा है काम
क्षेत्र के पडरांव गांव के पास पूर्वांचल से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के लिए इंटर चेंज का निर्माण अधूरा है। इसके अलावा करीमुद्दीनपुर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण, करीमुद्दीनपुर के पास चितबडागांव-मुहम्दाबाद मार्ग पर ओवरब्रिज का निर्माण, लठ्ठुडीह-कोटवा मार्ग पर गोड़उर गांव के पास ओवरब्रिज का निर्माण और बलिया जिले के चितबडागांव के पास टोंस नदी पर पुल का निर्माण अधूरा है।
तीन साल बीतने के बाद भी कई जगह सड़क का काम अधूरा है। निर्माण की रफ्तार देखकर नहीं लगता कि यह जल्द पूरा होगा। - अजय राजभर, दुबिहां।
कई महीनों तक मिट्टी भराई और अन्य काम बंद रहा। अगर इसी तरह काम चलता रहा तो परियोजना की समय सीमा और आगे बढ़ सकती है। - दीपक पांडेय, पाहुपुर।
लोगों को उम्मीद थी कि एक्सप्रेसवे बनने से जाम की समस्या खत्म होगी, लेकिन काम की धीमी गति से उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। सुरेश यादव, हरदासपुर।
जगह-जगह अधूरा निर्माण दिखाई देता है। निर्माण एजेंसियों को काम में तेजी लानी चाहिए, ताकि लोगों को जल्द इसका लाभ मिल सके। - ब्रजेश प्रजापति, नेवादा।
ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का काम 85 प्रतिशत से अधिक पूरा हो गया है। चार अलग-अलग पॉकेट में इसका कार्य चल रहा है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
-पीयूष अग्रवाल, पीडी, एनएचएआई, आजमगढ़