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Ghazipur News: बिना ढके डंपरों से शहर का कूड़ा ढोना जारी, एनजीटी के नियमों की खुलेआम अनदेखी
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पीडीडीयू नगर में बिना ढके ढोया जा रहा कूड़ा। संवाद
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0 नगर पालिका परिषद क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर लापरवाही सामने आ रही है। नगर पालिका के 25 वार्डों से प्रतिदिन निकलने वाले करीब 49 टन कूड़े का परिवहन बिना ढके डंपरों से किया जा रहा है। इससे न केवल राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि शहरवासियों को भी दुर्गंध और गंदगी की समस्या झेलनी पड़ रही है।
पीडीडीयू नगर क्षेत्र के विभिन्न वार्डों से सफाई कर्मी घर-घर और सार्वजनिक स्थलों से कूड़ा एकत्र कर निर्धारित स्थानों पर इकट्ठा करते हैं। इसके बाद जेसीबी की सहायता से कूड़े को डंपर पर लादकर डंपिंग स्थल तक पहुंचाया जाता है। हालांकि, परिवहन के दौरान डंपर को तिरपाल या अन्य किसी आवरण से नहीं ढका जाता है। इसके चलते तेज हवा के कारण कूड़ा सड़क पर गिरता और उड़ता रहता है। इससे रास्ते गंदे हो जाते हैं।
उधर, खुले में कूड़ा ढोने से पूरे मार्ग में लंबे समय तक दुर्गंध फैली रहती है। जिससे राहगीरों और आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। एनजीटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार कूड़ा, मलबा अथवा अन्य अपशिष्ट सामग्री का परिवहन करते समय वाहन को ऊपर से पूरी तरह ढकना अनिवार्य है, ताकि कचरा सड़क पर न गिरे और पर्यावरण प्रदूषण को रोका जा सके। इसके बावजूद नगर पालिका के डंपर बिना किसी आवरण के सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
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नगर में रहने वाले राजेश, उमेश, अजय, संजय, सुरेश, गणेश, रामप्रवेश, आशीष ने कहा कि खुले डंपरों से उड़ने वाला कूड़ा नालियों और सड़कों पर फैल जाता है, जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है। साथ ही दुर्गंध के कारण राहगीरों और दुकानदारों को भी दिक्कत उठानी पड़ती है।
इनसेट
दो डंपरों से कूड़े को ले जाया जाता है डंपिंग स्थल तक
पीडीडीयू नगर। नगर पालिका के कर्मचारी पहले कूड़े को जगह-जगह बने स्थलों पर एकत्र करते हैं। इसके बाद लोडर की मदद से कूड़े को डंपर में भरकर उसे सलेमपुर स्थित एमआरएफ सेंटर के लिए भेज दिया जाता है। इस दौरान गाड़ी को ऊपर से तिरपाल से नहीं ढका जाता है। इससे कूड़ा जीटी रोड पर गिरता रहता है। राहगीरों को काफी परेशानी होती है। संवाद
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लोगों से बातचीत ....
-- खुले डंपरों से कूड़ा सड़क पर गिरता रहता है और पूरे रास्ते दुर्गंध फैली रहती है। इससे आने-जाने वाले लोगों के साथ आसपास के दुकानदारों को भी परेशानी होती है। नगर पालिका को नियमों का पालन कराना चाहिए। - विशाल कुमार, अलीनगर
-- एनजीटी के स्पष्ट निर्देश हैं कि कूड़ा ढोने वाले वाहनों को पूरी तरह ढककर चलाया जाए। इसके बावजूद खुले डंपरों से कूड़ा ले जाना पर्यावरण और जन स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। - रितेश यादव, मुगलचक
-- खुले में कूड़ा परिवहन करने से धूल, दुर्गंध और प्रदूषण बढ़ता है। सड़क पर गिरने वाला कचरा संक्रमण फैलाने का कारण भी बन सकता है। नगर पालिका को इस व्यवस्था में तत्काल सुधार करना चाहिए। - सचिन कुमार, पराहूपुर
-- नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही से लोगों को परेशानी होती है। कई बार कचरा उड़कर लोगों पर गिर जाता है। सुबह-सुबह घर से ऑफिस या अन्य कार्य के लिए जाने के दौरान ऐसा होना लोगों को परेशानी में डाल देता है। - कुंदन, चंदासी
कोट.
....व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और कूड़ा परिवहन को नियमों के अनुरूप संचालित करने का प्रयास किया जाएगा। धर्मराज सिंह, ईओ, नगर पालिका, पीडीडीयू नगर
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पीडीडीयू नगर क्षेत्र के विभिन्न वार्डों से सफाई कर्मी घर-घर और सार्वजनिक स्थलों से कूड़ा एकत्र कर निर्धारित स्थानों पर इकट्ठा करते हैं। इसके बाद जेसीबी की सहायता से कूड़े को डंपर पर लादकर डंपिंग स्थल तक पहुंचाया जाता है। हालांकि, परिवहन के दौरान डंपर को तिरपाल या अन्य किसी आवरण से नहीं ढका जाता है। इसके चलते तेज हवा के कारण कूड़ा सड़क पर गिरता और उड़ता रहता है। इससे रास्ते गंदे हो जाते हैं।
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उधर, खुले में कूड़ा ढोने से पूरे मार्ग में लंबे समय तक दुर्गंध फैली रहती है। जिससे राहगीरों और आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। एनजीटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार कूड़ा, मलबा अथवा अन्य अपशिष्ट सामग्री का परिवहन करते समय वाहन को ऊपर से पूरी तरह ढकना अनिवार्य है, ताकि कचरा सड़क पर न गिरे और पर्यावरण प्रदूषण को रोका जा सके। इसके बावजूद नगर पालिका के डंपर बिना किसी आवरण के सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
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नगर में रहने वाले राजेश, उमेश, अजय, संजय, सुरेश, गणेश, रामप्रवेश, आशीष ने कहा कि खुले डंपरों से उड़ने वाला कूड़ा नालियों और सड़कों पर फैल जाता है, जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है। साथ ही दुर्गंध के कारण राहगीरों और दुकानदारों को भी दिक्कत उठानी पड़ती है।
इनसेट
दो डंपरों से कूड़े को ले जाया जाता है डंपिंग स्थल तक
पीडीडीयू नगर। नगर पालिका के कर्मचारी पहले कूड़े को जगह-जगह बने स्थलों पर एकत्र करते हैं। इसके बाद लोडर की मदद से कूड़े को डंपर में भरकर उसे सलेमपुर स्थित एमआरएफ सेंटर के लिए भेज दिया जाता है। इस दौरान गाड़ी को ऊपर से तिरपाल से नहीं ढका जाता है। इससे कूड़ा जीटी रोड पर गिरता रहता है। राहगीरों को काफी परेशानी होती है। संवाद
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लोगों से बातचीत ....
कोट.
....व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और कूड़ा परिवहन को नियमों के अनुरूप संचालित करने का प्रयास किया जाएगा। धर्मराज सिंह, ईओ, नगर पालिका, पीडीडीयू नगर